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Boild Potatoes in Ground: How Vegetables cooked| खेतों से निकलने लगे उबले आलू पकी हुई पत्तागोभी हैरानी से फटी रह गईं किसानों की आंखें- क्या करें इनका?

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खेतों से निकलने लगे उबले आलू, पकी हुई पत्तागोभी, हैरानी से माथ पकड़ बैठे किसान

Last Updated:August 13, 2026, 16:46 IST

Farmers Find Boiled Potatoes in Farms: आमतौर पर खेतों में जब खुदाई की जाती है, तो सब्जियां कच्ची निकलती हैं, जिन्हें पकाकर ही खाया जाता है. हालांकि इस वक्त दक्षिण कोरिया के किसानों की अजीब दुविधा है, वे आलू खोदने जा रहे हैं, तो उन्हें उबले हुए आलू मिल रहे हैं. यही हाल पत्तागोभी का भी है.

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खेतों से निकलने लगे उबले आलू, पकी हुई पत्तागोभी, हैरानी से माथ पकड़ बैठे किसानZoomखेत से निकल रहे उबले आलू.

Boiled Potatoes in Farms: दक्षिण कोरिया में इस साल की भीषण गर्मी ने खेती को बुरी तरह प्रभावित किया है. देश के कई इलाकों में खेतों से निकाले जा रहे आलू खराब और बेहद नरम मिल रहे हैं. किसानों का कहना है कि कुछ आलू जमीन के अंदर ही ऐसे हो गए, जैसे उन्हें उबाल दिया गया हो. इन्हें कच्चे आलू के तौर पर बेचा नहीं जा सकता तो आखिर क्या क्या जाए इनका? इसका सीधा असर किसानों की कमाई और आने वाले दिनों में खाद्य कीमतों पर पड़ने की आशंका है. सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर-पूर्वी गंगवोन प्रांत में सामने आया है. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक कई खेत कुछ दिन पहले तक बिल्कुल सामान्य दिखाई दे रहे थे लेकिन जब किसानों ने आलू निकालने के लिए खुदाई की तो बड़ी मात्रा में फसल खराब मिली.

यांगगु काउंटी के किसान ली सांग-ह्योक ने बताया कि वह करीब 40 साल से खेती कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने इससे पहले ऐसा नुकसान कभी नहीं देखा. इतना ही नहीं, गर्मी का असर केवल आलू की फसल पर नहीं पड़ा है. गंगवोन में बड़ी मात्रा में पत्तागोभी भी खेतों में ही खराब हो गई. कुछ किसानों ने बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद में फसल की कटाई टाल दी थी, लेकिन तेज गर्मी के कारण पत्तागोभी खेत में ही झुलस गई. बाद में इसे मिट्टी में मिलाना पड़ा और इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.

सेब-आड़ू सब झुलस गए 

तेज गर्मी में  सेब झुलस रहे हैं और आड़ू फटने लगे हैं. किसानों का कहना है कि सितंबर के अंत में होने वाले चुसोक त्योहार के लिए तैयार होने वाली सेब की फसल का विकास भी गर्मी के कारण रुक गया है. 2 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी शहर यांगसान में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह 1904 में आधुनिक मौसम रिकॉर्ड शुरू होने के बाद दक्षिण कोरिया में दर्ज सबसे अधिक तापमान है. इस गर्मी का असर इंसानों और पशुओं पर भी पड़ा है. स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक कम से कम 31 लोगों की मौत गर्मी से हुई है. इसके अलावा करीब 9 लाख पशुओं और 14 लाख से अधिक पाली गई मछलियों के मरने की जानकारी सामने आई है.

किसानों के सामने बड़ी चुनौती

सरकार लोगों से दिन के सबसे गर्म समय में बाहर न निकलने और काम से बचने की अपील कर रही है, लेकिन किसानों के लिए ऐसा करना मुश्किल है. उनका कहना है कि खेत में काम नहीं करेंगे तो बची हुई फसल भी खराब हो सकती है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने मौसम की इस स्थिति को असामान्य बताते हुए आपदा प्रबंधन व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया है. फिलहाल फसलों को हुए कुल नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है. किसानों को डर है कि चुसोक से पहले सब्जियों और फलों की कमी से खाद्य कीमतें और बढ़ सकती हैं वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के बीच दक्षिण कोरिया को गर्मी सहने वाली फसलों की नई किस्मों और खेती के बेहतर तरीकों पर काम करना होगा.

About the AuthorPrateeti Pandey

में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…

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August 13, 2026, 16:46 IST

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