1 ही कहानी पर मेकर्स ने बना डाली 4 फिल्म, चारों निकली ब्लॉकबस्टर, एक ने 100 दिनों तक किया था सिनेमाघरों में कब्जा

Last Updated:August 13, 2026, 19:38 IST
भारतीय सिनेमा के पन्नों में कुछ कहानियां ऐसी दर्ज होती हैं, जो भाषा और क्षेत्र की सीमाओं को तोड़कर इतिहास रच देती हैं. साल 2006 में आई तेलुगु ब्लॉकबस्टर ‘पोकिरी’ एक ऐसी ही अविश्वसनीय पटकथा थी. इसके अंडरकवर कॉप वाले दिमाग घुमा देने वाले क्लाइमैक्स का जादू ऐसा चला कि जब-जब मेकर्स ने इसे तमिल, हिंदी और कन्नड़ में रीमेक किया, हर बार बॉक्स ऑफिस पर नोटों की बारिश हुई. एक ही कहानी पर बनीं ये चारों फिल्में ब्लॉकबस्टर साबित हुईं.
नई दिल्ली. वैसे तो एक ही कहानी पर बनी फिल्मों का रीमेक बनाना इंडियन सिनेमा के इतिहास में कोई नई बात नहीं है, लेकिन एक ही प्लॉट पर बनी चार अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों का लगातार ब्लॉकबस्टर बनना बहुत कम देखने को मिलता है. 2006 की तेलुगु फिल्म ‘पोकिरी’ ऐसी ही एक मास्टरपीस थी. जिसने न सिर्फ आंध्र प्रदेश के , बल्कि तमिल, हिंदी और कन्नड़ में इसके बाद बनी रीमेक ने भी बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी. तो आइए, इस शानदार सिनेमाई सफर के बारे में जानते हैं. (फोटो बनाने में एआई की मदद ली गई है.)
1. तेलुगु में ‘पोकिरी’ (2006): 2006 में जानेमाने डायरेक्टर पुरी जगन्नाथ की डायरेक्ट की हुई तेलुगु फिल्म ‘पोकिरी’ ने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया. महेश बाबू और इलियाना डिक्रूज स्टारिंग इस क्राइम-एक्शन थ्रिलर के ट्विस्ट और बैकग्राउंड स्कोर इतने जबरदस्त थे कि दर्शक बार-बार थिएटर्स की तरफ खिंचे चले आए. इस फिल्म ने महेश बाबू को साउथ इंडियन सिनेमा का सबसे बड़ा सुपरस्टार बना दिया और कहानी की जबरदस्त सफलता ने दूसरी भाषाओं के प्रोड्यूसर्स का ध्यान भी खींचा.
2. तमिल में ‘पोकिरी’ (2007): तेलुगु फिल्म की जबरदस्त सफलता के तुरंत बाद, 2007 में इसे तमिल में भी ‘पोकिरी’ नाम से प्रभु देवा के डायरेक्शन में बनाया गया. इस बार थलापति विजय और असिन लीड रोल में दिखे. विजय के एक्शन अवतार, उनके चार्मिंग स्टाइल और मणिशर्मा के सुपरहिट म्यूजिक ने तमिल दर्शकों को लुभाया. पोंगल के दौरान रिलीज हुई इस फिल्म ने थिएटर में जबरदस्त कमाई की और उस साल तमिल इंडस्ट्री की सबसे बड़ी सुपरहिट फिल्मों में से एक बन गई. ‘पोकिरी’ ने साबित कर दिया कि एक दमदार स्क्रिप्ट भाषा की सीमाओं को पार कर जाती है.
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3. हिंदी में ‘वांटेड’ (2009): 2000 के दशक के आखिर में जब सलमान खान का करियर धीमा पड़ गया था, प्रभु देवा ने उसी ब्लॉकबस्टर कहानी को हिंदी में ‘वांटेड’ (2009) के रूप में बनाया. सलमान खान ने फिल्म में ‘राधे’ (एक अंडरकवर कॉप) का रोल किया, जिसमें आयशा टाकिया और प्रकाश राज भी थे. ‘एक बार जो मैंने कमिटमेंट कर दी…’ जैसे मशहूर डायलॉग और जबरदस्त मास-एक्शन के साथ ‘वांटेड’ ने हिंदी बेल्ट में तहलका मचा दिया. इस फिल्म ने न सिर्फ सलमान खान के करियर में नई जान फूंकी, बल्कि बॉलीवुड में साउथ इंडियन स्टाइल की मास-एक्शन फिल्मों के एक नए दौर की शुरुआत भी की. ‘वांटेड’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की और ब्लॉकबस्टर का टाइटल हासिल किया.
4. कन्नड़ में ‘पोरकी’ (2010): तेलुगु, तमिल और हिंदी में तीन सक्सेस के बाद, मेकर्स ने 2010 में कन्नड़ सिनेमा में इस कहानी पर काम करने की कोशिश की. ‘पोरकी’ टाइटल वाली इस फिल्म को एम.डी. श्रीधर ने डायरेक्ट किया था और इसमें कन्नड़ सिनेमा के ‘चैलेंजिंग स्टार’ दर्शन और प्रणिता सुभाष लीड रोल में थे. कन्नड़ ऑडियंस ने भी इस क्राइम-थ्रिलर प्लॉट को पसंद किया. फिल्म के सस्पेंस, हाई-वोल्टेज फाइट सीक्वेंस और दर्शन के दमदार स्टाइल को खूब पसंद किया गया. ‘पोरकी’ ने कर्नाटक बॉक्स ऑफिस पर शानदार कलेक्शन किया, जो लगातार चौथी भाषा के लिए एक नई सक्सेस स्टोरी थी. बता दें, इस फिल्म ने थिएटर्स पर 100 दिनों से ज्यादा समय तक राज किया था.
इस कहानी की खास बात इसका मास्टरमाइंड क्लाइमैक्स था. मेन कैरेक्टर, जिसे ऑडियंस पूरी फिल्म में एक लापरवाह और बेरहम गैंगस्टर समझती है, आखिर में एक ईमानदार ‘अंडरकवर पुलिस ऑफिसर’ निकलता है, जो हर भाषा के ऑडियंस को हैरान कर देता है. यह फिल्म इस बात का एक बड़ा उदाहरण है कि कैसे एक सिंपल कहानी को परफेक्ट पेस, एक्शन, रोमांस और सस्पेंस के साथ बुना जा सकता है.
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August 13, 2026, 19:38 IST



