ध्रुव जुरेल बाहर ऋषभ पंत अंदर… 3 स्पिन ऑलराउंडर? श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए भारत की संभावित XI

नई दिल्ली. कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट एकादश के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच में छह विकेट की शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम का हौसला बुलंद है. इस अभ्यास मैच के नतीजे ने न केवल टीम को जीत का स्वाद चखाया है, बल्कि आगामी टेस्ट सीरीज के लिए टीम के संयोजन को लेकर भी बड़ी तस्वीर साफ कर दी है. अब पूरा ध्यान शनिवार से शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच पर केंद्रित हो गया है, जो भारत के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद जरूरी है. गॉल की स्पिन-अनुकूल पिच और वहां की परिस्थितियों को देखते हुए टीम प्रबंधन एक अनोखे और मजबूत प्लेइंग-11 संयोजन के साथ मैदान में उतरने की योजना बना रहा है.
भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत और खुशी की बात कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) की वापसी है. अभ्यास मैच से पहले गिल की उंगली की चोट को लेकर कुछ अनिश्चितता थी, लेकिन उन्होंने अभ्यास मैच के अंतिम दिन मैदान पर उतरकर बल्लेबाजी की और अपनी फिटनेस साबित की. गिल की शीर्ष क्रम में वापसी से टीम का बल्लेबाजी क्रम काफी संतुलित नजर आ रहा है. उनकी मौजूदगी न केवल बल्लेबाजी को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि मैदान पर उनकी कप्तानी और फैसले भी भारत के लिए अहम साबित होंगे. उनके साथ यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल जैसे युवा और प्रतिभावान बल्लेबाज भारतीय पारी की नींव मजबूत करने का काम करेंगे.
स्पिन ऑलराउंडरों पर मुख्य कोच गौतम गंभीर का दांवकोलंबो अभ्यास मैच के दौरान मुख्य कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन का मुख्य ध्यान अपने स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडरों को क्रीज पर अधिक से अधिक समय देने पर रहा. सारांश जैन, मानव सुथार और अनुभवी रवींद्र जडेजा को अभ्यास मैच में पर्याप्त बल्लेबाजी और गेंदबाजी का मौका दिया गया. गॉल की पारंपरिक रूप से स्पिन-फ्रेंडली रहने वाली पिच को ध्यान में रखते हुए, यह लगभग तय माना जा रहा है कि भारतीय टीम इन तीनों स्पिन ऑलराउंडरों को एक साथ पहले टेस्ट की अंतिम एकादश में शामिल कर सकती है. रवींद्र जडेजा का अनुभव, मानव सुथार का सटीक नियंत्रण और सारांश जैन का ऑलराउंड खेल भारत को न केवल गेंदबाजी में विविधता देगा, बल्कि निचले क्रम की बल्लेबाजी की गहराई को भी अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगा.
गेंदबाजी आक्रमण का संतुलनगॉल की परिस्थितियों में स्पिनरों की भूमिका प्रमुख रहती है, लेकिन शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों का प्रभाव भी मैच का रुख मोड़ सकता है. भारतीय तेज गेंदबाजी की कमान मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा के कंधों पर रहने की संभावना है. सिराज की आक्रामक गेंदबाजी और प्रसिद्ध कृष्णा की अतिरिक्त उछाल हासिल करने की क्षमता श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए शुरुआती चुनौती पेश करेगी.
स्पिन विभाग में तीन ऑलराउंडरों के अलावा कुलदीप यादव मुख्य रिस्ट-स्पिनर के रूप में शामिल होंगे. कुलदीप की रहस्यमयी और हवा में गेंद को घुमाने की कला एशियाई परिस्थितियों में हमेशा घातक साबित होती रही है. यदि भारत चार स्पिनरों (तीन ऑलराउंडर और एक मुख्य स्पिनर) के साथ उतरता है, तो श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए रनों की गति पर अंकुश लगाना और विकेट बचाना बेहद कठिन हो जाएगा.
विकेटकीपर के चयन को लेकर खींचतानपहले टेस्ट की प्लेइंग-11 में लगभग सभी स्थान तय नजर आ रहे हैं, लेकिन एकमात्र दुविधा विकेटकीपर के चयन को लेकर बनी हुई है. अभ्यास मैच की पहली पारी में ऋषभ पंत (Rishabh Pant) और ध्रुव जुरेल दोनों ही सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए थे. हालांकि, दूसरी पारी में दोनों ही बल्लेबाजों ने क्रीज पर कुछ समय बिताया और कुछ अहम रन बनाकर अपनी लय वापस पाने का प्रयास किया.
पंत का आक्रामक खेल और मैच का रुख पलटने का रिकॉर्ड उन्हें दौड़ में थोड़ा आगे रखता है, वहीं जुरेल की तकनीक और हालिया निरंतरता भी उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है. यह देखना दिलचस्प होगा कि शनिवार को टॉस के वक्त प्रबंधन पंत के अनुभव पर भरोसा जताता है या जुरेल की युवा ऊर्जा पर.
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए भारत की संभावित XI: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत(विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, मानव सुथार, कुलदीप यादव, सारांश जैन,प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज.



