सिजेरियन के बाद बिगड़ी प्रसूताओं की तबीयत पर एक्शन! जिला कलक्टर पहुंचे अस्पताल, जांच पूरी होने तक गायनी OT बंद

Last Updated:June 22, 2026, 19:25 IST
Paota Hospital News: पावटा अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद कई प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले ने प्रशासन को गंभीर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कलक्टर स्वयं अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है तथा जांच पूरी होने तक अस्पताल की गायनी ऑपरेशन थिएटर (OT) सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है. अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सकों और संबंधित स्टाफ से विस्तृत जानकारी ली है. घटना के बाद मरीजों के परिजनों में चिंता का माहौल है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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जोधपुर: जिला कलक्टर आलोक रंजन ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर पावटा जिला अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्थाओं, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा हाल ही में प्रसूताओं के स्वास्थ्य से जुड़े घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर ने मरीजों के उपचार एवं सुरक्षा में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठकजिला कलक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. बी.एस. जोधा, एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र सिंह शेखावत, पावटा जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर चोपड़ा सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की.
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सभी मरीजों की समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए तथा भर्ती मरीजों की नियमित स्वास्थ्य प्रोफाइल अपडेट की जाए. विशेष रूप से प्रसूताओं की वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में नियमित मॉनिटरिंग की जाए. उन्होंने ऑपरेशन थियेटर में प्रयुक्त सभी उपकरणों के रखरखाव, संक्रमण नियंत्रण संबंधी प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन तथा चिकित्सा व्यवस्थाओं की सतत निगरानी के निर्देश दिए.
जिला कलक्टर ने पावटा जिला अस्पताल का किया निरीक्षणसमीक्षा बैठक के उपरांत जिला कलक्टर आलोक रंजन ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा के साथ पावटा जिला अस्पताल पहुंचकर चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों से 20 जून को सिजेरियन ऑपरेशन के उपरांत कुछ प्रसूताओं के स्वास्थ्य प्रभावित होने की घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की. मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गंभीर स्थिति वाली दो प्रसूताओं सोनू एवं ललिता को बेहतर उपचार के लिए तत्काल डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में रेफर किया गया था, जबकि पावटा जिला अस्पताल में भर्ती शेष छह प्रसूताएं की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है तथा उनके सभी वाइटल पैरामीटर्स संतोषजनक पाए गए हैं.
जांच रिपोर्ट आने तक गायनी ओटी का संचालन एहतियातन स्थगितजिला कलक्टर को अवगत कराया गया कि घटना के तुरंत बाद सभी प्रसूताओं के रक्त एवं मूत्र के नमूनों के साथ ऑपरेशन थियेटर में प्रयुक्त उपकरणों, दवाइयों, इंजेक्शनों एवं आईवी फ्लूइड्स के नमूने माइक्रोबायोलॉजी विभाग, डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज तथा राज्य सरकार के औषधि नियंत्रक अधिकारी द्वारा जांच के लिए लिए गए हैं.जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक एहतियातन गायनी ऑपरेशन थियेटर का संचालन अग्रिम आदेशों तक स्थगित रखा गया है.
प्रसूताओं की निरंतर निगरानी एवं संक्रमण नियंत्रण के दिए निर्देशनिरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि गायनी वार्ड में भर्ती सभी प्रसूताओं के स्वास्थ्य की वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में निरंतर निगरानी की जाए.सभी मरीजों की स्वास्थ्य प्रोफाइल नियमित रूप से अपडेट की जाए तथा ऑपरेशन थियेटर एवं वार्डों में स्वच्छता एवं संक्रमण नियंत्रण संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही उसके निष्कर्षों के अनुरूप आवश्यक सुधारात्मक एवं अग्रिम कार्रवाई तत्काल की जाए.
मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताजिला कलक्टर ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने आमजन को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए हैं.उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया किसी प्रकार की स्टाफ स्तर की लापरवाही सामने नहीं आई है, तथापि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच जारी है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
मीडिया से संवाद कर दी वस्तुस्थिति की जानकारीनिरीक्षण के उपरांत जिला कलक्टर आलोक रंजन ने मीडिया से संवाद करते हुए बताया कि प्रभावित प्रसूताओं के उपचार एवं स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जा रही है. गंभीर स्थिति वाली दो प्रसूताओं को बेहतर चिकित्सकीय प्रबंधन के लिए उच्च संस्थान में रेफर किया गया है, जबकि अस्पताल में भर्ती अन्य सभी प्रसूताओं की स्थिति स्थिर एवं संतोषजनक है. उन्होंने स्वयं प्रसूताओं एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम भी जाना. उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दवाइयों, उपकरणों तथा ऑपरेशन थियेटर में प्रयुक्त सामग्री के नमूने संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच के लिए लिए गए हैं. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक एहतियातन गायनी ऑपरेशन थियेटर में शल्यक्रियाएं स्थगित रखी गई हैं.
जिला प्रशासन राज्य सरकार के दिशा-निर्देशजिला कलक्टर ने कहा कि मामले की जांच चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च संस्थानों के विशेषज्ञों से भी स्वतंत्र परीक्षण कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पूर्व किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा तथा जिला प्रशासन राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा. निरीक्षण के दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र सिंह शेखावत, पावटा जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर चोपड़ा सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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