Green Tea Vs Black Tea: ग्रीन टी या ब्लैक टी? जानिए दोनों में क्या है अंतर और रोज पीने के लिए कौन-सी चाय है बेहतर!

Green Tea Vs Black Tea: भारतीय घरों में चाय पीना रोज़ की आदत है. दूध वाली चाय के अलावा, आजकल ग्रीन टी और ब्लैक टी भी काफी लोकप्रिय हो गई हैं. ये दोनों ही चाय एक ही पौधे कैमेलिया साइनेंसिस से बनती हैं, लेकिन इन्हें बनाने के तरीके अलग-अलग होते हैं. इसी वजह से इनके स्वाद, रंग और कुछ पोषक तत्वों में भी काफी अंतर होता है।.ऐसे में सवाल उठता है कि रोज़ाना पीने के लिए कौन सी चाय बेहतर है ग्रीन टी या ब्लैक टी? आइए जानते हैं दोनों के बारे में विस्तार से…
ग्रीन टी क्या है?ग्रीन टी बनाने की प्रक्रिया में, चाय की पत्तियों का ऑक्सीडेशन बहुत कम होता है. इससे पत्तियां अपना प्राकृतिक रंग और कई ज़रूरी तत्व बनाए रखती हैं. इसका स्वाद आमतौर पर हल्का, ताज़ा और थोड़ा कड़वा होता है.
ग्रीन टी में कैटेचिन जैसे पॉलीफेनोल्स होते हैं. इनमें EGCG भी शामिल है, जो कई वैज्ञानिक अध्ययनों का विषय रहा है. हालांकि, ग्रीन टी को किसी बीमारी का इलाज या वज़न घटाने का जादुई उपाय नहीं माना जाना चाहिए; बल्कि इसे संतुलित आहार का एक हिस्सा माना जा सकता है.
ब्लैक टी क्या है?ब्लैक टी के मामले में, चाय की पत्तियों का ऑक्सीडेशन ज़्यादा होता है. इस प्रक्रिया के कारण ग्रीन टी की तुलना में इसका रंग गहरा और स्वाद ज़्यादा तेज़ होता है. इसमें कैफीन भी होता है, जिसे पीने के बाद कई लोग ज़्यादा सतर्क और जागृत महसूस कर सकते हैं.
ब्लैक टी में फ्लेवोनोइड्स जैसे पॉलीफेनोल्स होते हैं. इसे रोज़ाना बिना दूध और बहुत कम या बिना चीनी के पिया जा सकता है.
दोनों में क्या फ़र्क है?ग्रीन टी का स्वाद हल्का और हर्बल होता है, जबकि ब्लैक टी का स्वाद काफ़ी तेज़ होता है. ग्रीन टी में कुछ खास तरह के कैटेचिन ज़्यादा मात्रा में होते हैं, जबकि ब्लैक टी में ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग तरह के पॉलीफेनोल बनते हैं. दोनों में कैफ़ीन होता है, हालांकि इसकी मात्रा ब्रांड, पौधे की किस्म और बनाने के तरीके के आधार पर अलग-अलग हो सकती है.
रोजाना पीने के लिए कौन सी बेहतर है?इसका कोई एक जवाब नहीं है. अगर आपको हल्का स्वाद पसंद है और आप कम प्रोसेस की हुई चाय चाहते हैं, तो ग्रीन टी एक अच्छा विकल्प हो सकता है. दूसरी ओर, अगर आपको तेज़ स्वाद और थोड़ी ज़्यादा कैफ़ीन वाली चाय पसंद है, तो ब्लैक टी बेहतर विकल्प हो सकती है.
ग्रीन टी और ब्लैक टी, दोनों के अपने-अपने फ़ायदे हैं. इसलिए, आप अपनी पसंद, कैफ़ीन सहने की क्षमता और रोज़ाना के खान-पान के आधार पर इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं. चाय को संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली का विकल्प मानने के बजाय, उन्हें इनका एक हिस्सा मानना सबसे बेहतर है.
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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



