India Nuclear Plants | India Nuclear Plants Earthquake Safety- भूकंप से सेफ हैं भारत के न्यूक्लियर प्लांट्स, एक तरफ नजदीकी खतरा इंडोनेशिया में, दूसरा डेंजर जोन पाकिस्तान में

Agency:एजेंसियां
Last Updated:December 18, 2025, 20:42 IST
India Nuclear Plants: SHANTI बिल पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया कि भारत के न्यूक्लियर प्लांट्स भूकंपीय जोखिम से दूर हैं. मंत्री डॉ. जीतेंद्र सिंह के मुताबिक पूर्व में इंडोनेशिया और पश्चिम में पाकिस्तान का डेंजर जोन काफी दूरी पर है. भारतीय परमाणु प्लांट्स भूकंप और सुनामी को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं. इस खबर में पढ़ें इसके बारे में रोचक तथ्य और मंत्री ने क्या-क्या कहा.
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भारत के न्यूक्लियर प्लांट्स की भूकंपीय सुरक्षा पर सरकार का बड़ा बयान. (फोटो AI)
India Nuclear Plants: संसद में परमाणु ऊर्जा को लेकर चली चर्चा के बीच भारत के न्यूक्लियर प्लांट्स की सुरक्षा एक बार फिर केंद्र में आ गई. ‘द सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल, 2025’ (SHANTI बिल) पर बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जीतेंद्र सिंह ने साफ कहा कि भारत के परमाणु प्लांट्स भूकंपीय जोखिम वाले इलाकों से काफी दूर स्थित हैं. उनका जोर इस बात पर था कि भारत का परमाणु विस्तार सुरक्षा से समझौता किए बिना आगे बढ़ रहा है.
मंत्री ने संसद में बताया कि पूर्वी तट पर कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट के पास कोई बड़ा भूकंपीय जोन नहीं है. वहीं सबसे नजदीकी जोखिम क्षेत्र इंडोनेशिया में है, जबकि पश्चिमी तट की ओर पाकिस्तान का मकरान भूकंपीय जोन काफी दूरी पर पड़ता है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब SHANTI बिल के जरिए 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता के लक्ष्य और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर चर्चा हो रही है.
“India’s #nuclear plants are located in such a way that they are far away from seismic vulnerability. On the east, the nearest seismic zone is in Indonesia, about 300 km from the #Kudankulam plant; on the west, the nearest seismic zone is Makran, Pakistan, roughly 1,300 km away.”… pic.twitter.com/nfKJwJtkJl


