Gardening Tips: खेत की जरूरत नहीं, छत के गमले में उगाएं रसभरी, फल भी मिलेंगे और महकेगा पूरा घर

Last Updated:September 25, 2026, 11:08 IST
How to grow Rasbhari in pot: घर के गार्डन और छत पर गमले में भी अब आसानी से रसभरी उगाई जा सकती है. करौली के किसान दयाराम मीणा के अनुसार सही देखभाल और पर्याप्त धूप मिले तो बिना खेत के भी गमले में ताजे फल प्राप्त किए जा सकते हैं. इसके लिए अच्छे ड्रेनेज वाले गमले, उपजाऊ मिट्टी और जैविक खाद की आवश्यकता होती है. समय पर कटाई-छंटाई और उचित सिंचाई से पौधे की ग्रोथ अच्छी होती है. रसभरी का पौधा स्वादिष्ट फल देने के साथ-साथ अपनी मीठी खुशबू से पूरे घर और गार्डन को सुगंधित भी बनाता है.
अगर आपको घर के गार्डन में ऐसे पौधे लगाने का शौक है, जो देखने में खूबसूरत होने के साथ स्वादिष्ट फल भी दें, तो रसभरी का पौधा आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. आमतौर पर खेतों में उगाई जाने वाली रसभरी को गमले में भी आसानी से तैयार किया जा सकता है. करौली में रसभरी की खेती करने वाले एक किसान ने घर के गार्डन और गमले में रसभरी का पौधा उगाने का आसान तरीका बताया है. इस तरीके को अपनाकर आप घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ स्वादिष्ट रसभरी का आनंद भी ले सकते हैं.
करौली में रसभरी की खेती करने वाले किसान दयाराम मीणा के अनुसार, रसभरी का पौधा लगाने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती. इसे घर की छत, बालकनी या गार्डन में ऐसी जगह गमले में लगाया जा सकता है, जहां पर्याप्त धूप आती हो. पौधे के लिए ऐसे गमले का चयन करना चाहिए, जिसमें पानी की निकासी की उचित व्यवस्था हो. गमले की मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए जैविक खाद का इस्तेमाल करने से पौधे की अच्छी बढ़वार में मदद मिलती है.
किसान के मुताबिक, रसभरी के पौधे की अच्छी बढ़वार के लिए पर्याप्त धूप बेहद जरूरी है. पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां उसे रोजाना कई घंटे सीधी धूप मिल सके. गर्मी के मौसम में मिट्टी की नमी को देखते हुए जरूरत के अनुसार पानी देना चाहिए, लेकिन गमले में पानी जमा होने से बचाना जरूरी है. अधिक पानी जमा रहने से पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और उसकी बढ़वार प्रभावित हो सकती है.
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रसभरी का पौधा लगाने के बाद उसकी अच्छी ग्रोथ के लिए समय-समय पर कटाई-छंटाई करना जरूरी होता है. इससे पौधे में नई शाखाओं के विकास को बढ़ावा मिलता है. जैसे-जैसे पौधा बड़ा होता है, उसकी शाखाओं को सहारा देने की जरूरत भी पड़ सकती है. किसान के मुताबिक, घर में उगाई गई रसभरी में रासायनिक दवाओं का कम से कम इस्तेमाल करके जैविक तरीके से भी स्वादिष्ट फल प्राप्त किए जा सकते हैं.
रसभरी के पौधे की खासियत केवल इसके स्वादिष्ट फल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी सुगंध भी लोगों को आकर्षित करती है. पौधे पर फूल और फल आने के समय गार्डन में हल्की मीठी खुशबू फैलने लगती है. यही कारण है कि इसे फल देने वाले पौधे के साथ-साथ घर के गार्डन की खूबसूरती और वातावरण को बेहतर बनाने के लिए भी लगाया जा सकता है.
किसान दयाराम के मुताबिक, थोड़ी देखभाल और सही तरीके से पौधे की देखरेख की जाए तो रसभरी को बड़े खेत की बजाय सामान्य गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है. ऐसे में जिन लोगों के पास खेती के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है, वे भी अपने घर के छोटे गार्डन, बालकनी या छत पर रसभरी का पौधा लगाकर ताजे और स्वादिष्ट फलों का आनंद ले सकते हैं.
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September 25, 2026, 11:08 IST



