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Hanuman Ansh: विशाल चतुर्वेदी ने कैसे लिखी 200 करोड़ी ‘हनुमान अंश’? छोड़ी डिजिटल दुनिया, 45 दिन में लिखा पहला सीन

Last Updated:September 12, 2026, 13:45 IST


How Vishal Chaturvedi Written Hanuman Ansh: बॉक्स ऑफिस पर इस वक्त एक ऐसी फिल्म का जादू चल रहा है, जिसकी शुरुआत बेहद धीमी रही थी. रिलीज के कई दिनों तक इसकी कमाई देखकर शायद ही किसी ने सोचा होगा कि आगे चलकर यही फिल्म बड़े-बड़े बजट वाली फिल्मों को टक्कर देगी. लेकिन वक्त के साथ कहानी बदली और दर्शकों का रुख भी. अब फिल्म की कमाई लगातार नए आंकड़े छू रही है. इसी बीच इसके लेखक, निर्देशक और निर्माता विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म की कहानी लिखने के अपने तरीके का खुलासा किया है, जो किसी को भी हैरान कर सकता है.

नई दिल्ली. सिनेमा जगत में अक्सर कहा जाता है कि जब कोई कहानी सच्चे दिल, अटूट आस्था और बिना किसी भटकाव के लिखी जाती है तो वह सीधे दर्शकों के दिलों तक पहुंचती है. सिल्वर स्क्रीन पर जब भक्ति, अध्यात्म और बेहतरीन रचनात्मकता का मेल होता है तो बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण और पुराने रिकॉर्ड अपने आप ध्वस्त होने लगते हैं. इन दिनों भारतीय सिनेमाघर एक ऐसी ही सांस्कृतिक और अध्यात्मिक लहर के साक्षी बन रहे हैं, जहां दर्शकों का हुजूम थियेटरों की तरफ खिंचा चला आ रहा है. हर तरफ सिर्फ एक ही नाम की गूंज है और वह है फिल्म ‘हनुमान अंश’. यह फिल्म न केवल दर्शकों के दिलों पर राज कर रही है, बल्कि कमाई के मामले में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये फिल्म की कहानी कैसे लिखी गई. इसका खुलासा खुद फिल्म के डायरेक्टर और राइटर विशाल चतुर्वेदी ने किया है. 

आज के दौर में जहां हर कोई स्मार्टफोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया से घिरा हुआ है. वहीं, ‘हनुमान अंश’ के लेखक, निर्देशक और निर्माता विशाल चतुर्वेदी ने इस फिल्म की पटकथा लिखने के लिए एक ऐसा रास्ता चुना, जिसकी कल्पना भी आज के डिजिटल युग में मुश्किल लगती है. नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित इस फिल्म की कहानी को आकार देने के लिए विशाल चतुर्वेदी ने खुद को पूरी तरह से डिजिटल दुनिया से अलग कर लिया था. फोटो साभार-@filmervishal/Instagram

विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि जब वह इस फिल्म की कहानी पर काम कर रहे थे. तब उन्होंने खुद को डिजिटल दुनिया से पूरी तरह दूर कर लिया था. उन्होंने अपने कमरे से सभी डिजिटल डिवाइस हटा दिए थे. कहानी लिखने के लिए उन्होंने कंप्यूटर या लैपटॉप का सहारा नहीं लिया, बल्कि पेन और पेपर का इस्तेमाल किया.

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वह फिल्म की कहानी और अपने सारे नोट्स हाथ से लिखते थे. इसके बाद इन पन्नों की तस्वीरें अपने असिस्टेंट को भेजते थे. उनके असिस्टेंट उन नोट्स को डिजिटल फॉर्मेट में टाइप करते थे. इस तरीके ने उन्हें बाहरी दुनिया से दूरी बनाकर सिर्फ अपनी कहानी पर ध्यान लगाने में मदद की. फाइल फोटो. 

फिल्म की कहानी हवा-हवाई नहीं थी, बल्कि इसके पीछे बहुत गहराई से पढ़ाई और रिसर्च की गई थी. निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के दिमाग में पहले दिन से साफ था कि उन्हें क्या बनाना है. उन्होंने अपने प्रोड्यूसर्स का शुक्रिया अदा किया क्योंकि उन्होंने विशाल पर जल्दी खत्म करने का कोई दबाव नहीं डाला और पूरी छूट दी. फोटो साभार-@filmervishal/Instagram

मजेदार बात यह है कि पूरी फिल्म की कहानी तो बहुत जल्दी लिखी गई, लेकिन फिल्म की शुरुआत यानी पहला सीन लिखने में ही उन्हें पूरे 45 दिन लग गए. विशाल का मानना है कि पहला सीन ही पूरी फिल्म की जान होता है, जो आगे का रास्ता तय करता है. जब पहला सीन बनकर तैयार हो गया तो आगे की पूरी स्क्रिप्ट महज 15 से 20 दिनों के भीतर खुद-ब-खुद पन्नों पर उतरती चली गई. फोटो साभार-@filmervishal/Instagram

7 अगस्त को रिलीज हुई ये फिल्म आज तक 173 करोड़ रुपये से ज्यादा कर चुकी है. भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 200 करोड़ रुपये के पार निकल गया है. ‘हनुमान अंश’ का यह सफर इसलिए भी खास है, क्योंकि फिल्म ने धीरे-धीरे दर्शकों का भरोसा जीता और फिर बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. फाइल फोटो. 

फिल्म की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि कभी-कभी किसी कहानी का असर बड़े बजट या बड़े स्टार से नहीं, बल्कि उसके विषय और दर्शकों से जुड़ने की ताकत से तय होता है. आज जब यह फिल्म साल की सबसे बड़ी सफल फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो चुकी है. जो ये साबित करता है कि हाथों से लिखे उन सादे पन्नों में भक्ति और निष्ठा का जो रस घुला था, उसने आज बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है.

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September 12, 2026, 13:45 IST

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