राजस्थान में छिपा स्वर्ग! क्या आपने देखा है ‘वॉटरफॉल फोर्ट’? मानसून में पर्यटकों के लिए बन जाता टूरिस्ट पॉइंट

Last Updated:June 24, 2026, 14:22 IST
Rajasthan Waterfall Fort: पाली जिले के सोजत क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक किला मानसून के दौरान एक अनोखे पर्यटन स्थल में बदल जाता है. बारिश के दिनों में किले की सीढ़ियों पर बहता पानी दूधिया झरने जैसा दिखाई देता है, जिसके कारण इसे स्थानीय लोग ‘वॉटरफॉल फोर्ट’ भी कहते हैं. प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत का यह अनूठा संगम पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. जैसे ही पहाड़ियों से पानी उतरता है, किले की सीढ़ियां झरने का रूप ले लेती हैं और पूरा क्षेत्र मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है. हर वर्ष बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक और फोटोग्राफी प्रेमी यहां पहुंचते हैं. यह स्थान राजस्थान के उन छिपे हुए पर्यटन स्थलों में शामिल है, जो प्राकृतिक सुंदरता और इतिहास दोनों का शानदार अनुभव कराते हैं.
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पाली. अगर आपको लगता है कि झरने सिर्फ पहाड़ों और जंगलों में बहते हैं, तो जरा रुकिए! राजस्थान के पाली जिले का ये सोजत किला देखिए. यहाँ पहाड़ों से नहीं, बल्कि किले की ऐतिहासिक सीढ़ियों से दूधिया झरना बहना शुरू हो जाता है! मॉनसून आते ही यह किला किसी जन्नत में बदल जाता है. अगर इस सावन कहीं घूमने का प्लान है, तो इस ‘वॉटरफॉल फोर्ट’ का दीदार करना बिल्कुल मत भूलना. आप भी देखिए वीडियो इस किले से बहने वाले खूबसूरत झरने का नजारा जो इस बार भी मानूसन में देखा जाएगा.
इस किले की खासियत की बात की जाए तो मानसून में यहां का नजारा इतना खूबसूरत होता है कि किले के ऊपर से पूरा सोजत शहर न केवल खुबसूरत दिखता है कि बल्कि आपको ऐसा भी लगेगा कि मानसून में इस किले को पूरी तरह से बादलो ने अपनी ओट में ले लिया है. बारिश की वह बूंदे और कभी कभी होने वाली तेज झमाझम बारिश में तो किले की सीढियो पर केवल आप बैठ जाइये नजारा ऐसा होगा कि आपका वापस घर जाने का मन नही करेगा.
क्या है इस किले में ऐसा खास अब तक आपने जोधपुर का मेहरानगढ फोर्ट या फिर जयपुर का आमेर किला देखा होगा और उसकी खूबसूरती से मोहित भी हुए होंगे मगर आपको बता दे कि इस किले की खुबसूरती देखकर आप दुबारा यहां आना जरूर पसंद करेंगे. सोजत का प्राचीन किला जयपुर के आमेर व जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग से भी पुराना है. जो चारों ओर परकोटे से घिरा है. इस किले पर कई शासकों की हुकुमत रही. अब यह किला सरकार के अधिन है लेकिन आज भी हर होली पर विभिन्न समाजों की ओर से गैर का आयोजन किया जाता हैं.
फोटोग्राफी लवर्स के लिए भी खास है यह किलासिर्फ इतिहास ही नहीं, बल्कि स्थापत्य कला और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह किला किसी जन्नत से कम नहीं है. इस किले के पत्थरों की प्राचीन बनावट और वास्तुकला अपने आप में अद्भुत शिल्पकारी का अनूठा उदाहरण पेश करती है. किले के सबसे ऊंचे छोर पर खड़े होकर जब आप कैमरा संभालते हैं, तो लेंस के जरिए पूरा सोजत शहर एक खूबसूरत कैनवास की तरह नजर आता है. यहाँ के ऐतिहासिक पत्थरों का टेक्सचर, सदियों पुरानी दीवारों की बनावट और मॉनसून के मौसम में चारों तरफ फैली हरियाली व बादलों की लुका-छिपी फोटोग्राफर्स को ऐसे विजुअल्स और परफेक्ट एंगल्स देती है, जो किसी भी फ्रेम में चार चांद लगा दें. फोटोग्राफी के एंगल से भी यह किला अपनी खास पहचान रखता है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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