Raksha Bandhan Detox Tips: रक्षाबंधन पर खा ली ज्यादा मिठाई? ऐसे करें डिटॉक्स, नहीं बढ़ेगा वजन, गट भी रहेगा स्ट्रेसफ्री

Post Festival Detox : रक्षाबंधन का त्योहार भाइयों और बहनों के लिए प्यार, खुशी और ढेर सारी मिठाइयों की सौगात लेकर आता है. घेवर, काजू कतली, गुलाब जामुन और बेसन के लड्डू के बिना राखी का जश्न अधूरा सा लगता है. लेकिन भाई-बहन के इस प्यार भरे त्योहार में अक्सर स्वाद-स्वाद में जरूरत से ज्यादा मिठाई खा ली जाती है. अत्यधिक रिफाइंड शुगर का सेवन शरीर में सुस्ती, ब्लोटिंग (पेट फूलना), एसिडिटी और वजन बढ़ने की चिंता पैदा कर देता है. अगर रक्षाबंधन पर आपने भी मिठाइयों का जमकर आनंद लिया है, तो परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.
National Institutes of Health और Mayo Clinic के अनुसार, शरीर को रिकवर करने के लिए किसी कठोर ‘क्रैश डाइट’ या भूखे रहने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती. हमारा लिवर और किडनी प्राकृतिक रूप से शरीर को डिटॉक्स करने का काम करते हैं. बस हमें सही खान-पान और जीवनशैली के जरिए उनके काम को आसान बनाना होता है.
अगर आपने भी राखी में जमकर मिठाइयां खाई हैं, तो पेट को हल्का रखने और वजन को नियंत्रित करने के लिए ये असरदार डिटॉक्स टिप्स अपनाएं:
भरपूर पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें-ज्यादा मीठा खाने के बाद शरीर में वॉटर रिटेंशन (पानी का जमना) और सुस्ती बढ़ जाती है. पानी शरीर से अतिरिक्त सोडियम और शुगर को बाहर निकालने में मदद करता है. दिनभर में कम से कम 5 से 3 लीटर पानी पिएं. सुबह उठकर गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पिएं. नींबू पानी पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करता है और लिवर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है. नारियल पानी और खीरे का जूस भी शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं.
फाइबर से भरपूर भोजन लेंरिफाइंड शुगर आंतों की सेहत (Gut Health) को प्रभावित करती है और कब्ज या ब्लोटिंग का कारण बनती है. आंतों को दोबारा स्वस्थ बनाने के लिए फाइबर युक्त आहार का सेवन करें. अपनी थाली में हरी पत्तेदार सब्जियां, खीरा, गाजर और ओट्स शामिल करें. सेब और अमरूद जैसे फल घुलनशील फाइबर (Soluble Fiber) के अच्छे स्रोत हैं, जो ब्लड शुगर के स्तर को अचानक बढ़ने से रोकते हैं.
प्रोबायोटिक्स से आंतों (Gut) को रखें तनावमुक्तज्यादा मिठाई खाने से आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है. इसे ठीक करने के लिए प्रोबायोटिक्स का सेवन बेहद जरूरी है. दोपहर के भोजन में ताजा दही या छाछ (Buttermilk) लें. दही में चुटकी भर भुना जीरा और काला नमक मिलाकर खाने से पाचन तेज होता है और पेट की गैस व जलन से तुरंत राहत मिलती है.
हर्बल टी और डिटॉक्स ड्रिंक्सकैफीन (चाय/कॉफी) का अत्यधिक सेवन पाचन तंत्र को और सुखा सकता है. इसकी जगह प्राकृतिक काढ़े या हर्बल टी का सहारा लें. आप सौंफ, अदरक, दालचीनी की चाय पी सकते हैं. सौंफ पेट की ऐंठन और ब्लोटिंग को कम करती है, जबकि अदरक पाचन अग्नि को प्रदीप्त करता है. दालचीनी इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने और शुगर क्रेविंग को नियंत्रित करने में असरदार मानी जाती है.
हल्की शारीरिक गतिविधि (Light Exercise)मिठाई से मिली अतिरिक्त कैलरी को बर्न करने और मेटाबॉलिज्म को सुचारू रखने के लिए वॉक जरूरी है. भारी कसरत करने के बजाय भोजन के बाद 15-20 मिनट की हल्की सैर (Walk) करें. 30 मिनट का योग या कार्डियो वर्कआउट शरीर में इंसुलिन के स्तर को संतुलित रखता है, जिससे वजन नियंत्रण में रहता है.
क्या न करें:-त्योहार के तुरंत बाद भूखे रहने (Starving) की गलती न करें, इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है.-प्रोसेस्ड फूड या अत्यधिक तले-भुने भोजन से कुछ दिनों तक पूरी तरह दूरी बनाएं.
त्योहारों के बाद सही समय पर सही आहार चुनकर आप बिना किसी तनाव के अपने पाचन तंत्र को दुरुस्त रख सकते हैं और वजन बढ़ने की चिंता से मुक्त हो सकते हैं.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है. यह किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है. अपने आहार, स्वास्थ्य या जीवनशैली में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले या किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के इलाज के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें.)



