Health

Dharmendra in Hospital | धर्मेंद्र को क्या हुआ

Last Updated:November 10, 2025, 16:55 IST

Dharmendra Hospitalized: बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र की पिछले कुछ दिनों से अस्पतालों में आवाजाही बढ़ गई. आज एक बार वे फिर से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हो गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक वे आईसीयू में हैं और उन्हें सांस लेने में दिक्कत की वजह से वेंटिलेटर पर रखा गया है. आखिर इस उम्र में धर्मेंद्र को क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं, इस बारे में हमने फोर्टिस अस्पताल, नोएडा में इमरजेंसी मेडिसीन और ट्रॉमा के एडिशनल डॉक्टर डॉ. अनुराग अग्रवाल से बात की. आखिर इस उम्र में धर्मेंद्र को हुआ क्या? अस्पताल में पहुंचने की क्या है वजहेंधर्मेंद्र अस्पताल में क्यों हुए भर्ती.

Dharmendra Hospitalized:  सबसे हैंडसम एक्टरों में शुमार धर्मेंद्र की तबियत बिगड़ गई है. पिछले कुछ दिनों से उनकी अस्पतालों में आवाजाही बढ़ी है. 31 अक्टूबर को भी वे अस्पताल में भर्ती हुए थे. अब दोबारा से उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हो गए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे धर्मेंद्र आईसीयू में भर्ती हो गए हैं और उन्हें सांस लेने में दिक्कत की वजह से वेंटिलेटर पर रखा गया है. कहा जा रहा है कि धर्मेंद्र को सांस लेने में दिक्कत पहले से ही हो रही थी लेकिन कुछ दिन पहले अमेरिका से भी वापस आए हैं. आखिर 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र को क्या-क्या परेशानियां हो सकती है, इस बारे में हमने फोर्टिस अस्पताल, नोएडा में इमरजेंसी मेडिसीन और ट्रॉमा के एडिशनल डॉक्टर डॉ.अनुराग अग्रवाल से बात की.

निमोनिया की वजह से हॉस्पीटलाइजेशन

डॉ.अनुराग अग्रवाल ने बताया कि धर्मेंद्र की उम्र 89 साल है. आमतौर पर 70 साल के बाद व्यक्ति को इस तरह की दिक्कतें होने लगती है और वे दवा से या अस्पताल जाने के बाद ठीक भी हो जाते हैं. 70 साल के बाद अगर किसी व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत की वजह से अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है तो उसमें मुख्य रूप से दो-तीन चीजें हो सकती है. सबसे कॉमन कारण है निमोनिया. निमोनिया एक इंफेक्शन वाली बीमारी है. बुजुर्गों में जब यह इंफेक्शन होता है तो फेफड़े में जो छोटे-छोटे एयर सैक यानी हवा को स्टोर करने वाले जो कमरे होते हैं उनमें सूजन या इंफ्लामेशन कर देता है. इससे ऑक्सीजन स्टोर नहीं हो पाता है और सांस लेने में तकलीफ होती है. चूंकि उम्र बढ़ने के साथ इम्युनिटी कमजोरी होती जाती है, इसलिए बुजुर्गों में निमोनिया का इंफेक्शन होना आम बात है. लेकिन इसे आसानी से ठीक भी किया जा सकता है.

अन्य क्या हो सकती हैं वजहें  

डॉ. अनुराग अग्रवाल बताते हैं कि धर्मेंद्र को एक्जेक्ट क्या हुआ यह तो उनके डॉक्टर ही बता पाएंगे लेकिन आमतौर पर इस उम्र में अगर सांस लेने में दिक्कत होती है तो निमोनिया के अलावा ब्रोकाइटिस और सीओपीडी की स्थिति में खराबी कारण हो सकती है. ब्रोकाइटिस में सांस की नली में इंफ्लामेशन हो जाता है जिसके कारण इसमें बलगम भर जाता है. और इस वजह से सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. इसी तरह अगर पहले से किसी को सीओपीडी की बीमारी है तो यह भी बढ़ जाता है. इसमें भी सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.

ठीक होने की कितनी संभावन

डॉ. अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि सांस लेने में तकलीफ कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है. इस उम्र में होती रहती है. धर्मेंद्र बेहद शक्तिशाली हैं, इसलिए इस बात की पूरी संभावना है कि वे ठीक हो जाए. आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं और कुछ समय वेंटिलेटर की मदद से इन समस्याओं को ठीक किया जाता है और अधिकांश मामलों में ठीक हो जाता है. डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा है कि धर्मेंद्र अभी लंबे समय तक हम सबके बीच रहेंगे. कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद वे ठीक हो जाएंगे.

Lakshmi Narayan

Excelled with colors in media industry, enriched more than 19 years of professional experience. Lakshmi Narayan is currently leading the Lifestyle, Health, and Religion section at . His role blends in-dep…और पढ़ें

Excelled with colors in media industry, enriched more than 19 years of professional experience. Lakshmi Narayan is currently leading the Lifestyle, Health, and Religion section at . His role blends in-dep… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

November 10, 2025, 16:55 IST

homelifestyle

आखिर इस उम्र में धर्मेंद्र को हुआ क्या? अस्पताल में पहुंचने की क्या है वजहें

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj