ICU में भर्ती था बच्चा, डॉक्टर पर मां से अभद्रता का आरोप, अजमेर में अस्पताल के बाहर हंगामा

Last Updated:August 23, 2026, 07:32 IST
Ajmer Hospital Doctor’s Obscene Act with Woman: अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती बच्चे की महिला अटेंडेंट के साथ रेजिडेंट डॉक्टर पर अभद्रता और अश्लील हरकत करने का आरोप लगा है. घटना के बाद शिकायत के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है. कमेटी की रिपोर्ट अभी लंबित है, लेकिन अस्पताल अधीक्षक के अनुसार सीसीटीवी और प्राथमिक जांच में रेजिडेंट डॉक्टर शुभम को दोषी माना गया है. उसके सस्पेंशन के लिए उच्च अधिकारियों को अनुशंसा भेजी गई है. आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गया.
ख़बरें फटाफट
अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती बच्चे की महिला अटेंडेंट के साथ रेजिडेंट डॉक्टर पर अभद्रता और अश्लील हरकत करने का आरोप
अजमेर. जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के पीआईएसयू वार्ड में भर्ती बच्चे की महिला अटेंडेंट के साथ रेजिडेंट डॉक्टर की ओर से अभद्रता और अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि महिला का बच्चा पीडियाट्रिक आईसीयू में निमोनिया के इलाज के लिए भर्ती था. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को शिकायत दी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजनों ने वार्ड के बाहर हंगामा कर दिया.
सूचना पर पुलिस जाब्ता अस्पताल पहुंचा. मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है. कमेटी की अंतिम रिपोर्ट अभी नहीं आई है, लेकिन अस्पताल प्रशासन के अनुसार सीसीटीवी फुटेज और प्राथमिक जांच में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर शुभम को दोषी माना गया है. उसके सस्पेंशन के लिए उच्च अधिकारियों को अनुशंसा भेज दी गई है.
दवा देने के बहाने महिला को बाहर बुलाने का आरोप
परिजनों ने बताया कि उनका बच्चा निमोनिया से पीड़ित था और उसे पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती कराया गया था. बच्चे की मां भी अस्पताल में उसके साथ मौजूद थी. आरोप है कि सुबह करीब 9 बजे रेजिडेंट डॉक्टर शुभम ने महिला से कहा कि बच्चे को दवा देनी है, इसलिए वह बाहर चली जाए. महिला के बाहर आने के बाद डॉक्टर भी बाहर आया और उसके साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत और अभद्रता की. घटना के बाद महिला और उसके परिजनों ने सुबह करीब 9 बजे ही अस्पताल प्रशासन को शिकायत दी. परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद काफी समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. इससे नाराज होकर उन्होंने दोपहर करीब 2 बजे वार्ड के बाहर हंगामा शुरू कर दिया.
जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित
हंगामे की सूचना मिलने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमित यादव मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की. इसके बाद पुलिस जाब्ता भी अस्पताल पहुंचा. प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की. इसमें डॉ. संजीव माहेश्वरी, डॉ. कल्पना अग्रवाल और डॉ. बीना ठाड़ा को शामिल किया गया है. घटना के बाद आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर मौके से फरार हो गया. बाद में अस्पताल प्रशासन, पुलिस और परिजनों के बीच अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे के कक्ष में वार्ता हुई. इस दौरान परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर मामले को दबाने और उन्हें धमकाने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया. पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ.
प्राथमिक जांच में डॉक्टर को दोषी माना गया
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट अभी आना बाकी है. हालांकि सीसीटीवी फुटेज और प्राथमिक जांच के आधार पर रेजिडेंट डॉक्टर शुभम को दोषी माना गया है. उसके सस्पेंशन के लिए उच्च अधिकारियों को अनुशंसा भेज दी गई है. वहीं परिजनों ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराने की बात कही है. पुलिस मामले में शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
और पढ़ेंLocation :
Ajmer,Rajasthan
First Published :
August 23, 2026, 07:32 IST



