सावधान! पाली में यहां प्यास बुझाने नहीं, जान गंवाने आते हैं मवेशी; पानी के नीचे छिपी है ‘मौत’

Last Updated:May 14, 2026, 16:08 IST
Pali Crocodile Attack: पाली जिले के नाना थाना क्षेत्र के वेलार गांव में तालाब में मौजूद विशाल मगरमच्छ ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. हाल ही में मगरमच्छ ने 15 वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया, जिसमें उसका पैर जबड़े में दब गया था. हालांकि आस-पास मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित बचा लिया. घटना के बाद गांव में भय का माहौल है और ग्रामीणों ने बच्चों को तालाब के पास जाने से रोक दिया है. ग्रामीण प्रशासन से मगरमच्छों को अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और तालाब की निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.
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पाली. अगर आप पाली जिले के नाना थाना क्षेत्र के वेलार गांव में हैं, तो आपके लिए यह जरूरी खबर है कि इस गांव के तालाब के नजदीक मत जाइएगा, क्योंकि ऐसा करना यानी स्वयं अपनी मौत को निमंत्रण देना हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस तालाब में एक ऐसा खूंखार शिकारी मौजूद है, जो शिकार की ताक में बैठा है. यह शिकारी कोई और नहीं, बल्कि एक विशाल मगरमच्छ है, जिसने इन दिनों यहां के लोगों की नींद उड़ा रखी है. पाली जिले के जवाई बांध में मगरमच्छों की बहुतायत है. ऐसे में एक मगरमच्छ अब नाना थाना क्षेत्र के वेलार गांव तक भी पहुंच गया है.
पाली जिले के नाना थाना क्षेत्र के वेलार गांव स्थित तालाब में मगरमच्छ ने 15 साल के एक बच्चे पर हमला कर दिया. मगरमच्छ ने बच्चे का पैर अपने मुंह में दबा लिया था. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप कर बच्चे को मगरमच्छ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला. घायल बच्चे का उपचार अस्पताल में जारी है. इस घटना के बाद से ग्रामीणों की चिंता काफी बढ़ गई है. ऐसे में उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की है. हालात ऐसे हैं कि अब गांव वालों ने बच्चों के तालाब के नजदीक जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है.
मगरमच्छों को अन्य जगह स्थानांतरित करने की मांग
वेलार तालाब में मगरमच्छों की बढ़ती संख्या को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं. वेलार विकास संघ के अध्यक्ष कानसिंह चौहान ने इस संबंध में प्रशासन को पत्र लिखा है. उन्होंने सिंचाई विभाग से तालाब की निगरानी बढ़ाने की मांग की है. साथ ही आबादी क्षेत्र के निकट स्थित इस तालाब से मगरमच्छों को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का भी आग्रह किया है.
तालाब के पास ही है आबादी क्षेत्र
कानसिंह चौहान के अनुसार तालाब गांव के आबादी क्षेत्र के पास ही स्थित है. इसके पास से मुख्य सड़क गुजरती है, जिसका उपयोग छात्र-छात्राएं प्रतिदिन स्कूल जाने के लिए करते हैं. किसान और पशुपालक भी इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिससे उन्हें मगरमच्छों के हमले का खतरा बना रहता है. उन्होंने यह भी बताया कि पशुपालक अपने पशुओं को पानी पिलाने के लिए तालाब पर ले जाते हैं, जहां मगरमच्छ पहले भी कई पशुओं पर हमला कर चुके हैं. ऐसे में इस घटना के बाद से ग्रामीण काफी हैरान और परेशान हैं.
ग्रामीणों में है भय का माहौल
इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल व्याप्त है. ग्रामीणों का कहना है कि वेलार तालाब में मगरमच्छों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आमजन, पशुपालकों और छात्रों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है. हालांकि, अब देखना होगा कि प्रशासन कब आवश्यक कार्रवाई करते हुए मगरमच्छों को यहां से शिफ्ट कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाने का काम करता है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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