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MacBook Neo : क्या आपको लेना चाहिए ऐपल का मैकबुक नियो?

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Last Updated:March 05, 2026, 11:30 IST

MacBook Neo Review : ऐपल ने मैकबुक नियो लॉन्‍च कर दिया है. अब यह एंट्री लेवल पर मैकबुक एयर की जगह लेगा. मैकबुक नियो की सबसे बड़ी खासियत इसका रंगीन और स्लिम डिजाइन और कम कीमत है. इसकी खासियतें क्‍या हैं और कहां यह उन्‍नीस पड़ता है, आइये जानते हैं..

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MacBook Neo : क्या आपको लेना चाहिए ऐपल का मैकबुक नियो? Zoomमैकबुक नियो की सबसे बड़ी खासियत इसका रंगीन और स्लिम डिजाइन है.

नई दिल्‍ली. ऐपल ने टेक जगत में हलचल मचाते हुए अपना अब तक का सबसे सस्ता लैपटॉप मैकबुक नियो (MacBook Neo) लॉन्च कर दिया है. पिछले एक दशक से एंट्री-लेवल मैकबुक ‘MacBook Air’ से शुरू होता था, लेकिन अब ₹69,900 की शुरुआती कीमत के साथ नियो ने यह जगह ले ली है. ऐपल मैकबुक नियो का सीधा मुकाबला अब विंडोज (HP, Asus) और क्रोमबुक के बजट सेगमेंट से है. आप छात्र हैं या घर के लिए एक किफायती लेकिन प्रीमियम लैपटॉप की तलाश में हैं तो क्‍या आपको मैकबुक नियो लेना चाहिए. यह वो सवाल से जिसका उत्‍तर बहुत से लोग तलाश रहे हैं. इस सवाल का जवाब जानने से पहले आइये जानते हैं कि इस नए मैकबुक की खासियतें क्‍या हैं और इसमें क्‍या कमियां हैं.

मैकबुक नियो की सबसे बड़ी खासियत इसका रंगीन और स्लिम डिजाइन है. ऐपल ने इसे पुराने क्लासिक लुक के बजाय ‘iMac’ और ‘iPad Air’ की तरह इंडिगो, सिटरस और बल्‍श में पेश किया है. यह पूरी तरह से रीसाइकिल्ड एल्युमिनियम से बना है और इसमें ‘फैनलेस डिजाइन’ दिया गया है, जिससे यह काम करते समय बिल्कुल शांत रहता है. इसमें 13-इंच का Liquid Retina डिस्प्ले है. 500 निट्स की ब्राइटनेस के साथ यह काफी शार्प है, हालांकि लागत कम रखने के लिए इसमें प्रो-लेवल का ‘ProMotion’ यानी हाई रिफ्रेश रेट नहीं दिया गया है.

 iPhone वाला प्रोसेसर

ऐपल ने यहां एक दिलचस्प बदलाव किया है. मैकबुक नियो में M-सीरीज चिप के बजाय A18 Pro चिप का इस्तेमाल किया गया है, जो आईफोन 16 प्रो (iPhone 16 Pro) को पावर देती है. इसमें 6-कोर CPU और 5-कोर GPU है. यह रोजमर्रा के कामों जैसे ब्राउजिंग, ऑनलाइन क्लास, और ऑफिस डॉक्यूमेंट्स के लिए बेहतरीन है.

इसमें 8GB रैम और 256GB से लेकर 512GB तक स्टोरेज का विकल्प मिलता है. कंपनी का दावा है कि इसकी 36.5 Wh बैटरी एक बार चार्ज करने पर 16 घंटे का वीडियो प्लेबैक दे सकती है, जो एक औसत यूजर के लिए पूरे दिन के बैकअप के बराबर है. भारत में इसके 256GB वेरिएंट की कीमत ₹69,900 और 512GB मॉडल की कीमत ₹79,900 रखी गई है.

क्या हैं मैकबुक नियो की कमियां?

कीमत कम करने के लिए ऐपल ने कुछ फीचर्स के साथ समझौता भी किया है, जिन्हें खरीदने से पहले जान लेना जरूरी है. इसमें ‘बैकलिट कीबोर्ड’ नहीं है, यानी अंधेरे में टाइपिंग करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. इसमें MagSafe चार्जिंग नहीं दी गई है; आपको USB-C पोर्ट से ही चार्ज करना होगा. साथ ही इसमें मौजूद दो पोर्ट्स में से एक USB 3 और दूसरा धीमा USB 2 है. इसमें बेसिक HD कैमरा और दो स्पीकर हैं, जबकि Air मॉडल में बेहतर कैमरा और चार स्पीकर मिलते हैं. फिंगरप्रिंट सेंसर की सुविधा केवल महंगे 512GB वाले मॉडल में ही दी गई है.

क्‍या आपको लेना चाहिए ऐपल मैकबुक नियो?

अगर आप एक छात्र हैं, टीचर हैं या आपका काम मुख्य रूप से इंटरनेट और बेसिक ऐप्स तक सीमित है और आप ऐपल के ‘इकोसिस्टम’ (macOS) में सबसे कम कीमत में प्रवेश करना चाहते हैं, तो यह एक शानदार विकल्प है. यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो विंडोज लैपटॉप के बजाय ऐपल की स्टेबिलिटी और लंबी उम्र चाहते हैं.

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Location :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

March 05, 2026, 11:27 IST

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