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गर्मी में भी महक रहा पुष्कर का गुलाब, संजीवनी साबित हो रही यह तकनीक, किसानों की बढ़ी कमाई

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गर्मी में भी महक रहा पुष्कर का गुलाब, संजीवनी साबित हो रही यह तकनीक

Last Updated:May 14, 2026, 16:21 IST

Pushkar Rose Cultivation: पुष्कर की प्रसिद्ध गुलाब खेती इस बार गर्मी के बावजूद सुरक्षित रही. किसानों ने डबल लेयरिंग फार्मिंग तकनीक अपनाकर फसल को तेज धूप से बचाया. इस तकनीक में गुलाब के ऊपर जाल लगाकर करेले और बेल वाली फसलें उगाई गईं, जिससे प्राकृतिक छाया मिलती रही. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर बारिश और सही सिंचाई पद्धति ने भी फसल को नुकसान से बचाने में अहम भूमिका निभाई. इससे गुलाब की खुशबू और गुणवत्ता दोनों बेहतर बनी हुई हैं.

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अजमेर: ब्रह्मा नगरी पुष्कर में हर बार गर्मी का असर पुष्कर की गुलाब की खेती पर साफ दिखाई देता है. गर्मी बढ़ने के कारण पुष्कर में होने वाली गुलाब की पैदावार कम हो जाती है और किसानों को नुकसान झेलना पड़ता है, लेकिन इस बार मौसम के बदले मिजाज से न केवल गुलाब की महक कायम है बल्कि फसल को जीवन दान दिया है. कृषि विज्ञान केंद्र अजमेर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. धर्मेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि मौसम में बार-बार हुए बदलाव, समय पर हुई बारिश और किसानों द्वारा अपनाई गई नई तकनीकों ने इस बार गुलाब की खेती को नुकसान से बचाने में बड़ी भूमिका निभाई है.

उन्होंने आगे बताया कि इस बार मौसम का पैटर्न लगातार बदलता रहा. पिछले महीने क्षेत्र में दो बार अच्छी बारिश हुई, वहीं कई दिनों तक शाम के समय हल्की वर्षा भी दर्ज की गई. गर्मी के दौर छोटे-छोटे अंतराल में आए, जिससे फसल को लगातार तेज तापमान का सामना नहीं करना पड़ा. मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने गुलाब के पौधों में नमी बनाए रखने में मदद की और फूलों की गुणवत्ता भी बेहतर रही.

किसानों ने बदली सिंचाई की रणनीति

किसानों ने इस बार सिंचाई के तरीके में भी बड़ा बदलाव किया. पहले जहां कई किसान दोपहर के समय भी पानी देते थे, वहीं अब अधिकांश किसान सुबह जल्दी या शाम के समय सिंचाई कर रहे हैं. इससे तेज धूप में पौधों के झुलसने यानी स्कॉचिंग की समस्या कम हुई है. दिन के समय पानी देने से होने वाला वाष्पीकरण भी घटा, जिससे फसल को पर्याप्त नमी मिलती रही और पौधों का विकास बेहतर हुआ.

डबल लेयरिंग तकनीक से मिली फसल को सुरक्षा

गुलाब की खेती में किसानों ने डबल लेयरिंग फार्मिंग तकनीक भी अपनाई. इसके तहत गुलाब की फसल के ऊपर जाल लगाया गया और उस पर करेले व अन्य बेल वाली फसलों को चढ़ाया गया. इससे गुलाब के पौधों को प्राकृतिक छाया मिलती रही और तेज गर्मी का असर कम हुआ. कृषि विज्ञान केंद्र अजमेर ने किसानों को सलाह दी है कि गर्मी के मौसम में सिंचाई हमेशा सुबह या शाम के समय ही करें ताकि फसल में नमी बनी रहे और उत्पादन बेहतर मिल सके.About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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