चीन के गर्दन की नस के पास भारत दिखाएगा शौर्य, ड्रैगन का फूलेगा नथुना – india thailand military exercise maitree near malacca strait china angry

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चीन के गर्दन की नस के पास भारत दिखाएगा शौर्य, ड्रैगन का फूलेगा नथुना
Last Updated:August 17, 2026, 13:51 IST
India-Thailand Military Exercise: भारत समय-समय पर मित्र देशों के साथ सैन्य अभ्यास करता रहता है. इसके लिए भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ी संबंधित देशों में जाती है या फिर मित्र देश की सेना देश आती है. भारत एक ऐसे ही सैन्य अभ्यास का हिस्सा बनने जा रहा है जो चीन के गर्दन की नस कहे जाने वाले मलक्का स्ट्रेट के करीब स्थित है. भारत और थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास करने वाले हैं.
नई दिल्ली. भारत और थाईलैंड की सेनाएं एक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ को अंजाम देने जा रहे हैं. इस युद्धाभ्यास में शामिल होने के लिए भारतीय सेना की एक टुकड़ी सोमवार को थाईलैंड के लिए रवाना हुई. दोनों देशों की सेनाएं यहां जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में युद्धाभ्यास करेंगी. यह अभ्यास 18 से 31 अगस्त तक थाईलैंड के सूरतथानी स्थित विभावादी रंगसिट कैंप में आयोजित किया जा रहा है. इस अभ्यास का पिछला संस्करण सितंबर 2025 में मेघालय के उमरोई में आयोजित किया गया था. बता दें कि थाईलैंड मलक्का सट्रेट के करीब स्थित है, जिसे चीन के गर्दन की नस भी कहा जाता है.
इस वर्ष दोनों देशों के बीच इस सैन्य अभ्यास का यह 15वां संस्करण है. भारतीय सेना का कहना है कि इस अभ्यास में 85 जवान भारत और 85 थाई शाही सेना के शामिल होंगे. भारतीय सेना की टुकड़ी में मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के सैनिक हैं. वहीं थाई सेना की टुकड़ी की बात करें तो इसमें 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के जवान शामिल हैं.
इस अभ्यास में कंपनी स्तर का संयुक्त प्रशिक्षण शामिल होगा जो जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में संचालन पर केंद्रित होगा. मैत्री अभ्यास का उद्देश्य भारत और थाईलैंड के बीच सैन्य सहयोग को प्रोत्साहन देना है. यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय सात के अन्तर्गत जंगल और शहरी वातावरण में उग्रवाद और आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त अभियानों को अंजाम देने में दोनों देशों की क्षमताओं को बढ़ाएगा. सेना के मुताबिक इस प्रशिक्षण में क्षेत्र अभ्यास, युद्ध से संबंधित चर्चाएं, व्याख्यान, प्रदर्शन और समापन सत्यापन अभ्यास भी होंगे. टुकड़ियां ऑपरेशनल अनुभव का आदान-प्रदान भी करेंगी. इससे सैन्य ऑपरेशन में काफी मदद मिलती है. साथ ही सहयोग की भावना भी बढ़ती है.
वहीं संयुक्त अभियानों के दौरान उपयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों और प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा. मैत्री अभ्यास भारत और थाईलैंड के बीच वर्ष 2006 में शुरू हुआ था. यह सैन्य सहयोग को सुदृढ़ बनाने और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच है. यह अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालन, आपसी समझ और सद्भावना को बढ़ाता है, जिससे दोनों देशों के दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंध और भी सशक्त होते हैं.
About the AuthorManish Kumar
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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New Delhi,Delhi
First Published :
August 17, 2026, 13:51 IST



