Jaipur News: सौ करोड़ की लागत से तैयार हाई-टेक टोल सिस्टम, दौलतपुरा बना देश का तीसरा एमएलएफएफ टोल प्लाजा

Last Updated:June 20, 2026, 23:40 IST
MLFF Toll plaza In Jaipur: जयपुर–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा अब राजस्थान का पहला पूरी तरह बैरियर-मुक्त और बूथ-मुक्त टोल प्लाजा बन गया है, जहां मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू किया गया है. इस नई तकनीक के तहत वाहन बिना रुके टोल पार कर सकेंगे, जिससे यात्रा अधिक तेज और सुगम होगी. लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना में हाई-रेजोल्यूशन कैमरों और फास्टैग आधारित ऑटोमैटिक टोल कलेक्शन सिस्टम का उपयोग किया है.
जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा अब राजस्थान का पहला पूरी तरह बैरियर मुक्त और बूथ मुक्त टोल प्लाजा बन गया है. यहां मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम (एमएलएफएफ) की शुरुआत की गई, जिसके बाद वाहन चालकों को टोल पर रुकने की आवश्यकता नहीं रहेगी. यह तकनीक विकसित देशों की तर्ज पर लागू की गई है, जिससे यातायात अधिक सुगम और तेज होगा.
नई व्यवस्था शुरू करने से पहले हाईवे पर दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही को करीब पांच मिनट के लिए रोका गया. इसके बाद पुराने टोल बूथ और बैरियर हटाकर अत्याधुनिक एमएलएफएफ सिस्टम को सक्रिय किया गया. शुरुआती समय में कुछ वाहन चालक नई व्यवस्था को लेकर असमंजस में दिखाई दिए, लेकिन कर्मचारियों की सहायता से वे आसानी से आगे बढ़ गए.
इस हाई-टेक परियोजना पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने लगभग 100 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. लंबे समय से इसकी टेस्टिंग की जा रही थी, जिसके कारण पहले दिन किसी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने नहीं आई. अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली भविष्य में देश के अन्य टोल प्लाजाओं पर भी लागू की जा सकती है.
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इस नए सिस्टम में फास्टैग की भूमिका सबसे अहम होगी. सभी वाहन चालकों को अपने फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखना होगा. यदि कोई वाहन बिना बैलेंस के टोल से गुजरता है तो एनएचएआई की ओर से ई-नोटिस जारी किया जाएगा और समय पर भुगतान नहीं करने पर वाहन को आरटीओ पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है.
इस नई तकनीक का सीधा लाभ वाहन चालकों को मिलेगा. अब टोल पर रुकने और दोबारा वाहन बढ़ाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार ब्रेक लगाने और इंजन चालू रखने की आवश्यकता समाप्त होने से ईंधन की खपत में लगभग 10 प्रतिशत तक कमी आ सकती है, जिससे पर्यावरण को भी फायदा होगा.
दौलतपुरा टोल पर दो विशेष गैन्ट्री स्थापित की गई हैं, जिनमें कुल 40 हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं. इनमें से 32 कैमरे प्रत्येक लेन से गुजरने वाले वाहनों की निगरानी करेंगे, जबकि 8 कैमरे पूरे ट्रैफिक सिस्टम पर नजर रखेंगे. कैमरों की क्षमता इतनी उन्नत है कि तेज गति से गुजरते वाहनों की स्पष्ट तस्वीरें और वाहन में बैठे लोगों के चेहरे भी रिकॉर्ड किए जा सकते हैं.
वर्तमान में दौलतपुरा टोल प्लाजा पर प्रतिदिन करीब 40 लाख रुपए का टोल संग्रह होता है. अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद टोल शुल्क से बचने या विशेष छूट का लाभ लेने वाले वाहनों पर भी निगरानी संभव होगी. इससे प्रतिदिन 4 से 6 लाख रुपए तक अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है. गुजरात के चौरसिया और दिल्ली के मुंदका के बाद दौलतपुरा देश का तीसरा और राजस्थान का पहला एमएलएफएफ टोल प्लाजा बन गया है.
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