किडनी मरीज क्या न खाएं? पोटैशियम से भरपूर 5 तरह के फूड्स, बढ़ा सकते हैं परेशानी

जब हमारी किडनी पूरी तरह स्वस्थ होती है, तो वह शरीर में मौजूद मिनरल्स जैसे पोटैशियम को आसानी से कंट्रोल कर लेती है. लेकिन अगर किसी व्यक्ति को क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD), डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या लंबे समय तक दवाइयों के इस्तेमाल के कारण किडनी कमजोर हो जाए, तो शरीर से अतिरिक्त पोटैशियम बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है.
शरीर में पोटैशियम की सही मात्रा जरूरी होती है. यह नसों के काम करने, मांसपेशियों की गतिविधि और शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. लेकिन किडनी कमजोर होने पर खून में पोटैशियम की मात्रा बढ़ सकती है, जिसे हाइपरकलेमिया कहा जाता है. यह स्थिति थकान, हाथ-पैरों में सुन्नपन, दिल की धड़कन अनियमित होने और गंभीर मामलों में दिल की समस्याओं का कारण बन सकती है.
किडनी मरीजों को किन फूड्स करना चाहिए परहेज
– फल सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन कुछ फलों में पोटैशियम बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है. किडनी मरीजों को केला, संतरा और उसका जूस, आम, अनार, खजूर, किशमिश, खरबूजा और एवोकाडो जैसे फलों का सेवन कम करना चाहिए. खासकर सूखे फलों में पोटैशियम ज्यादा मात्रा में जमा होता है.
– कुछ सब्जियां भी किडनी मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकती हैं. आलू, शकरकंद, टमाटर, पालक, कद्दू, चुकंदर, भिंडी और आर्टिचोक जैसी सब्जियों को सीमित मात्रा में खाना चाहिए. अगर आलू खाना हो तो उसे काटकर पानी में भिगोकर और दो बार उबालकर इस्तेमाल करने से पोटैशियम की मात्रा कुछ कम हो सकती है.
– दूध, दही, पनीर और आइसक्रीम जैसे डेयरी उत्पादों में भी पोटैशियम पाया जाता है. किडनी की समस्या वाले लोगों को इन्हें डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार लेना चाहिए.
– मटन, बीफ, चिकन लीवर, ऑर्गन मीट, राजमा, चना, मसूर दाल, उड़द दाल, मूंगफली, बादाम और बीजों में पोटैशियम अधिक हो सकता है. इसलिए इनका सेवन कंट्रोल करना जरूरी है.
– लो-सोडियम नमक, इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, प्रोटीन शेक, इंस्टेंट सूप और पैक्ड फूड में भी पोटैशियम छिपा हो सकता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



