Khairatabad Ganesha 2026 | 69 फीट के इको-फ्रेंडली गणपति | Hyderabad Khairatabad Bappa

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हैदराबाद में बन रही 69 फीट की सबसे ऊंची इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमा
Last Updated:August 27, 2026, 12:30 IST
Khairatabad ECO Friendly Ganesha 2026: हैदराबाद के खैराताबाद में इस साल दुनिया की सबसे ऊंची 69 फीट की इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमा स्थापित की जा रही है. भक्त इस बार पंचमुख संकष्टहर महा गणपति के दर्शन करेंगे. प्रतिमा के साथ 15 फीट का सोमनाथ ज्योतिर्लिंग और मां कालिका का विग्रह भी होगा. मूर्तिकार चिन्नास्वामी राजेंद्रन की टीम मिट्टी, सूखी घास और प्राकृतिक रंगों से इसे बना रही है. 1954 में 1 फीट से शुरू हुआ यह सफर आज देश का सबसे बड़ा धार्मिक आकर्षण बन चुका है.
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Khairatabad: गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही पूरे देश में उत्सव का उल्लास छा जाता है. जब बात सबसे भव्य और विशाल प्रतिमा की आती है, तो सभी की निगाहें तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद पर टिक जाती हैं. शहर के प्रसिद्ध खैराताबाद में इस साल भी देश की सबसे ऊंची और आकर्षक गणेश प्रतिमाओं में से एक स्थापित की जा रही है. खैराताबाद गणेश उत्सव समिति के अनुसार इस वर्ष यह प्रतिमा 69 फीट ऊंची बनाई जा रही है. इस बार भक्त बप्पा के अलौकिक पंचमुख संकष्टहर महा गणपति स्वरूप के दर्शन कर सकेंगे. यह दिव्य रूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
इस 69 फीट की मुख्य प्रतिमा के साथ-साथ दोनों तरफ अन्य देवी-देवताओं के विग्रह भी स्थापित किए जा रहे हैं. गणेश जी के दाईं ओर लगभग 15 फीट ऊंचा सोमनाथ ज्योतिर्लिंग और बाईं ओर मां कालिका का दिव्य रूप नजर आएगा, जो पूरे पंडाल को बेहद भव्य और भक्तिमय रूप देगा. यह संयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि श्रद्धालुओं को एक अद्वितीय दृश्य अनुभव भी प्रदान करेगा.
पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल निर्माण प्रक्रियापर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस विशाल प्रतिमा के निर्माण में किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल या प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. प्रसिद्ध मूर्तिकार चिन्नास्वामी राजेंद्रन और उनकी 150 कुशल कारीगरों की टीम इसे पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल बना रही है. प्रतिमा के ढांचे को मजबूत रखने के लिए लोहे के फ्रेम, लकड़ी, मिट्टी, सूखी घास और चावल की भूसी का प्रयोग किया जा रहा है. रंगाई के लिए भी प्राकृतिक और पानी में घुलनशील रंगों को चुना गया है.
1954 से शुरू हुआ 1 फीट से 69 फीट का ऐतिहासिक सफरखैराताबाद में इस भव्य आयोजन की शुरुआत वर्ष 1954 में स्वतंत्रता सेनानी एस. शंकरैया ने की थी. उन्होंने मात्र 1 फीट की प्रतिमा से इस उत्सव का आगाज किया था. समय के साथ-साथ यह आयोजन न केवल हैदराबाद बल्कि पूरे देश के आकर्षण का केंद्र बन गया. हर साल यहां हर दिन लाखों श्रद्धालु बप्पा के दर्शन करने आते हैं. 10 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व के बाद, 11वें दिन इस विशाल प्रतिमा का विसर्जन हुसैन सागर झील में भारी-भरकम क्रेन और कड़े सुरक्षा इंतजामों के साथ किया जाएगा. फिलहाल कारीगर दिन-रात मेहनत कर इस दिव्य प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Hyderabad,Hyderabad,Telangana
First Published :
August 27, 2026, 12:30 IST



