जवानी छोड़िए, बुढ़ापे में भी नहीं होंगे बीमार, जानें इस जंगली बेल के फायदे

Last Updated:August 20, 2026, 11:12 IST
इस प्रकृति ने इंसानों के एक से बढ़कर एक जड़ी-बूटी और खनिज दिए हैं. हमारे आपके आसपास मौजूद तमाम पेड़-पौधे किसी न किसी बीमारी की दवा हैं. जानकारी के अभाव में लोग इनका इस्तेमाल नहीं करते. ऐसा ही एक बेल है जिसका आयुर्वेद में बड़ा महत्व है. तो आज हम आपको इसके…
आशीष कुमार/पश्चिम चम्पारण: गिलोय को इंसानों के लिए अमृत तुल्य बताया गया है. आयुर्वेदाचार्यों का मानना है कि यदि कोई इंसान नियमित रूप से गिलोय का सेवन करता है और खान-पान पर नियंत्रण रखता है तो उसे अपने जीवन के अंत तक कमजोर इम्युनिटी, गैस, कब्ज़, टीबी, जॉन्डिस और बवासीर जैसी दर्जनों बीमारियों की समस्या नहीं होती है. गिलोय के बारे में एक और खास बात यह भी कही जाती है कि यदि वो किसी औषधीय पेड़ या पौधे के संपर्क में आ जाए तो उसमें उसके गुण भी समा जाते हैं. इस लेख में हम आपको गिलोय के उपयोग और उससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ पर कुछ विशेष जानकारी साझा कर रहे हैं.
वन वर्ती क्षेत्रों में भरमारवाल्मीकिनगर के जंगलों में पाए जाने वाले औषधीय पेड़ पौधों और जड़ी बूटियों पर जानकारी रखने वाले बगहा 02 प्रखंड के कदमहिया गांव निवासी सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि, जंगल के समीप रहने वाले लोग गिलोय सहित अन्य कई औषधीय जड़ी बूटियों का सेवन नियमित रूप से करते हैं. इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है और वे बुढ़ापे में भी निरोग रहते हैं.
शरीर को निरोग रखता है गिलोयआयुर्वेद में गिलोय को अमृता और गुडूची कहा गया है, जिसका अर्थ शरीर को लम्बी आयु प्रदान करने वाला और रोगों से शरीर की रक्षा करने वाला होता है. इसकी पत्तियों और तने से निकलने वाले रस का स्वाद भले ही कसैला होता है, लेकिन उसका नियमित रूप से सेवन इंसानों को वात, कफ़, पित्त, मधुमेह, पीलिया, बवासीर, टीबी इत्यादि रोगों से मुक्त रखता है.
बेहद दुर्लभ होता है नीम से गिलोय का संपर्कबकौल सत्येंद्र, गिलोय की लत्तीयां जिस भी पेड़ के संपर्क में आती हैं, उसके गुण को अपने अंदर समा लेती हैं. ऐसी स्थिति में गिलोय का नीम के पेड़ के संपर्क में आना अत्यधिक लाभप्रद माना जाता है. यह नीम के लगभग सभी गुणों को अपने अंदर शामिल कर लेती हैं, जिसकी वजह से उनमें एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण भी मिलने लगते हैं.
सेवन का तरीकाइसके सेवन के लिए सबसे पहले शाखाओं को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर उबलते पानी में डालना चाहिए और फिर उसका अर्क निकालना चाहिए. उस अर्ख को सुबह सवेरे खाली पेट पीने से गिलोय और उसके संपर्क में आए किसी भी औषधीय पेड़ के पौष्टिक तत्व शरीर में जाते हैं, जिससे इंसान निरोग रहता है. ध्यान रहे कि इसका सेवन हर दिन नहीं करना है. बेहतर नतीजे के लिए सेवन से पहले आयुर्वेदाचार्य की सलाह जरूर लें.
About the AuthorRajneesh Singh
जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…
और पढ़ेंFirst Published :
August 20, 2026, 11:12 IST



