Rajasthan

NEET 2026 Paper Leak Whistleblower Shashikant Suthar: आधी रात को पुलिस स्टेशन, सुबह NTA को सबूत… कौन हैं नीट लीक उजागर करने वाले शशिकांत सुथार?

Last Updated:May 17, 2026, 10:33 IST

NEET 2026 Paper Leak Whistleblower Shashikant Suthar: नीट 2026 पेपर लीक मामले में सीकर के व्हिसलब्लोअर शशिकांत सुथार ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने परीक्षा के दिन ही सबूत जुटाकर एनटीए को सौंपे थे, जिसके बाद महज 2 घंटे में एजेंसियां अलर्ट हो गई थीं. जानिए शशिकांत सुथार ने देश के मेहनती स्टूडेंट्स के हक में आवाज कैसे उठाई.देर रात पुलिस स्टेशन, सुबह NTA को सबूत, शशिकांत ने कैसे उजागर किया नीट लीक?ZoomNEET Paper Leak Whistleblower: शशिकांत सुथार ने नीट पेपर लीक कांड का सूसे पहले खुलासा किया

नई दिल्ली (NEET 2026 Paper Leak). नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के मामले ने शिक्षा जगत और राजनीति में भूचाल ला दिया है. लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे इस घोटाले को उजागर करने वाले किरदारों के नाम भी सामने आ रहे हैं. इस पूरे विवाद के बीच राजस्थान के प्रमुख एजुकेशन हब ‘सीकर’ से एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में बना हुआ है- शशिकांत सुथार. शशिकांत वही जांबाज व्हिसलब्लोअर हैं, जिन्होंने NTA और जांच एजेंसियों के सामने सबसे पहले इस गड़बड़ी का कच्चा चिट्ठा खोला और पुख्ता सबूत पेश किए.

India से बातचीत में अपने अनुभव साझा करते हुए शशिकांत सुथार ने बताया कि नीट यूजी परीक्षा वाले दिन ही उनके हाथ कुछ ऐसी संदिग्ध कड़ियां लगी थीं, जिसके बाद उन्होंने चुप बैठने के बजाय इस बड़े रैकेट के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया. उनकी इस तत्परता ने राष्ट्रीय स्तर पर सोई हुई एजेंसियों को जगाने का काम किया. आज राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर के छात्र और अभिभावक शशिकांत सुथार की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं, क्योंकि एक राष्ट्रीय परीक्षा में हो रही धांधली के खिलाफ अकेले खड़े होकर आवाज उठाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था.

परीक्षा के दिन लगी भनक, आधी रात को पहुंचे पुलिस के पास

शशिकांत सुथार के मुताबिक, नीट यूजी परीक्षा वाले दिन यानी 03 मई 2026 को ही उन्हें परीक्षा केंद्रों और सोशल मीडिया के जरिए कुछ संदिग्ध गतिविधियों की भनक लग गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए वे उसी दिन देर रात स्थानीय पुलिस के पास पहुंच गए. हालांकि, रात काफी अधिक होने के कारण पुलिस अधिकारियों ने उन्हें इस मामले से जुड़े सभी जरूरी कानूनी दस्तावेज, स्क्रीनशॉट और सबूतों को एक साथ समेटकर अगले दिन दोबारा आने की सलाह दी.

सबूत जुटाए और सीधे NTA की दहलीज पर दी दस्तक

सीकर की लोकल पुलिस से मिले निर्देश के बाद शशिकांत सुथार पीछे नहीं हटे. उन्होंने रात भर जागकर कथित नीट यूजी पेपर लीक से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, WhatsApp चैट के स्क्रीनशॉट और अन्य संदिग्ध दस्तावेज इकट्ठा किए. इसके बाद उन्होंने बिना वक्त गंवाए ये सारे सबूत सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के टॉप अधिकारियों तक पहुंचा दिए. शशिकांत का दावा है कि सबूत इतने पुख्ता थे कि एनटीए भी इन्हें नजरअंदाज नहीं कर सका.

सबूत मिलते ही 2 घंटे में एक्शन में आईं केंद्रीय एजेंसियां

शशिकांत सुथार ने बताया कि जैसे ही उन्होंने ये जानकारियां नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अधिकारियों के साथ साझा कीं, तमाम एजेंसियों के गलियारों में हड़कंप मच गया. उन्होंने दावा किया, ‘सबूत सौंपने के महज दो घंटे के अंदर ही मुझे जांच अधिकारियों के फोन आने शुरू हो गए. इसके बाद एनटीए और अन्य सतर्कता टीमों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी जांच और कार्रवाई की रफ्तार को कई गुना तेज कर दिया.’

‘सीकर बदनाम नहीं…’ मेहनती स्टूडेंट्स के बचाव में उतरे शशिकांत

इस पूरे विवाद के बीच जहां सीकर के कोचिंग सेंटरों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं शशिकांत सुथार ने अपने शहर के स्टूडेंट्स का मजबूती से बचाव किया है. उन्होंने साफ कहा कि सीकर की सफलता के पीछे किसी स्कैम का हाथ नहीं, बल्कि यहां के बच्चों की दिन-रात की कड़ी मेहनत है. उन्होंने इन प्रतिभावान स्टूडेंट्स को ‘मेगावॉट’ स्टूडेंट्स की उपाधि देते हुए कहा कि कुछ भ्रष्ट लोगों के आरोपों की वजह से पूरे मेहनती छात्र समुदाय को गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए.

उद्देश्य साफ: ईमानदार बच्चों के हक की रक्षा

राजस्थान के शिक्षा जगत में अब शशिकांत सुथार की भूमिका पर बड़ी बहस छिड़ गई है. अपनी इस मुहिम पर बात करते हुए शशिकांत सुथार कहते हैं कि उनका मकसद किसी खास कोचिंग संस्थान या छात्र को निशाना बनाना या बदनाम करना नहीं है. उनका एकमात्र उद्देश्य यह है कि जो बच्चे सालों तक बंद कमरों में पसीना बहाकर ईमानदारी से तैयारी करते हैं, उनके हक पर कोई डाका न डाल सके. अगर परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो सच सामने आना ही चाहिए.

About the AuthorDeepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj