16 की उम्र में शादी… गलती से छूटी नौकरी, लेकिन नहीं मानी हार, हेमलता ऐसे बनीं स्कूल व्याख्याता

गलती से छूटी नौकरी, लेकिन नहीं मानी हार, हेमलता ऐसे बनीं स्कूल व्याख्याता
Hemlata Godara Success Story: बाड़मेर की हेमलता गोदारा ने संघर्षों से लड़ते हुए 205वीं रैंक हासिल कर स्कूल व्याख्याता बनने का सफर तय किया है. 16 साल की उम्र में शादी होने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और 11वीं से लेकर बीएड तक शिक्षा पूरी की. शिक्षक बनने के सपने के साथ उन्होंने रीट परीक्षा पास की, लेकिन विषय चयन की गलती के कारण जॉइनिंग नहीं हो पाई. अंग्रेजी की तैयारी के बावजूद फॉर्म में संस्कृत विषय भरने से चयन होने के बाद भी नौकरी नहीं मिली. इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखा. 2022 में वेटिंग लिस्ट में रह गईं, लेकिन 2024 में संस्कृत विषय में चयन हुआ. अब हिंदी विषय में 205वीं रैंक के साथ वे स्कूल व्याख्याता बनी हैं. उनके पति बीएसएफ में कार्यरत हैं. यह कहानी मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल है.
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