‘माफी मांगने में कोई झिझक नहीं’, NALSAR विवाद के बीच BCI चीफ मनन मिश्रा ने छात्रों से कहा- सॉरी

Agency:एजेंसियां
Last Updated:August 15, 2026, 22:57 IST
हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़े विवाद के बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरपर्सन मनन कुमार मिश्रा ने छात्रों से माफी मांगी है. स्वतंत्रता दिवस पर जारी पत्र में उन्होंने कहा कि विवाद से जुड़े उनके किसी बयान या पत्र से अगर छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका ईमानदारी से खेद है. छात्रों की आलोचना के बाद BCI ने अपना निर्देश वापस ले लिया था.NALSAR विवाद पर बीसीआई चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने माफी मांगी है. (फाइल फोटो)
हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़े विवाद के बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरपर्सन मनन कुमार मिश्रा ने कानून के छात्रों से माफी मांगी है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जारी एक पत्र में मिश्रा ने कहा कि उनके किसी बयान या पत्र से अगर छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है. उन्होंने कहा कि अपनी गलती या किसी बात पर अफसोस जताना प्रतिष्ठा या अहंकार का सवाल नहीं है, बल्कि यह स्वीकार करना है कि छात्रों की भावनाएं और चिंताएं महत्वपूर्ण हैं.
बीसीआई चेयरपर्सन का यह माफीनामा ऐसे समय आया है जब NALSAR और बेंगलुरु की नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के छात्रों और पूर्व छात्रों ने परिषद की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे. विवाद उस समय शुरू हुआ जब बीसीआई ने NALSAR के 2026 में ग्रेजुएट होने वाले पूरे बैच के एनरोलमेंट पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया था. यह कार्रवाई यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों की ओर से भारत के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के दीक्षांत समारोह में प्रस्तावित शामिल होने पर जताई गई आपत्तियों के बाद की गई थी.
बीसीआई के इस फैसले की खूब आलोचना हुई. छात्रों और पूर्व छात्रों ने सवाल उठाया कि क्या परिषद को पूरे बैच के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई करने का वैधानिक अधिकार है.
विरोध बढ़ा तो वापस लिया फैसला
विवाद बढ़ने और छात्रों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आने के बाद बीसीआई ने बाद में NALSAR के 2026 बैच के एनरोलमेंट पर रोक लगाने वाला अपना निर्देश वापस ले लिया. हालांकि, निर्देश वापस लिए जाने के बावजूद बीसीआई की कार्रवाई को लेकर सवाल खत्म नहीं हुए. खास तौर पर यह बहस शुरू हुई कि क्या BCI ने अपनी कानूनी और वैधानिक शक्तियों की सीमा से आगे जाकर कदम उठाया था.
विवाद सिर्फ एनरोलमेंट रोकने के फैसले तक सीमित नहीं रहा. बीसीआई की ओर से जारी एक संचार में छात्रों के अभियान को ‘Nasty Politics’ यानी ‘गंदी राजनीति’ बताए जाने पर भी काफी नाराजगी सामने आई.
NALSAR के छात्रों और पूर्व छात्रों के साथ-साथ NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने भी मनन कुमार मिश्रा से बिना शर्त माफी मांगने की अपील की थी. विवाद का असर NLSIU तक भी पहुंचा, जहां छात्रों ने यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में BCI चेयरपर्सन की भागीदारी पर आपत्ति जताई.
‘माफी मांगने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए’
अब स्वतंत्रता दिवस पर जारी अपने पत्र में मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि अगर मौजूदा विवाद से जुड़े उनके किसी शब्द या पत्र से कानून के छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए ईमानदारी से खेद जताते हैं और माफी मांगते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में खेद व्यक्त करने में किसी तरह की झिझक नहीं होनी चाहिए. उनके मुताबिक, अपनी बात पर अफसोस जताना किसी प्रतिष्ठा या अहंकार का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह स्वीकार करना है कि छात्रों की भावनाएं और उनकी चिंताएं मायने रखती हैं.
हालांकि, मिश्रा ने अपने पत्र में किसी विशेष यूनिवर्सिटी या कॉलेज का नाम नहीं लिया. इसके बावजूद उनका यह बयान NALSAR और NLSIU से जुड़े हालिया विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है.
About the AuthorSaad Omar
साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी Hindi (hindi..com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.
कहां से …
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New Delhi,Delhi
First Published :
August 15, 2026, 22:53 IST



