कितने भी बड़े ‘तोप’ क्यों न हो, हर किसी के पास नहीं हो सकता ऐसा लाइसेंस!

कितने भी बड़े ‘तोप’ क्यों न हो, हर किसी के पास नहीं हो सकता ऐसा लाइसेंस!
Bikaner News: Bikaner की शाही विरासत से जुड़ा एक ऐसा दस्तावेज सामने आया है, जिसने लोगों को रियासतकालीन दौर की आधुनिक सोच से फिर रूबरू करा दिया है. यह कोई साधारण कागज नहीं, बल्कि बीकानेर के महाराजा Karni Singh का करीब 50 साल पुराना इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस है, जिसे आज भी संग्रहकर्ता Kishan Soni ने बेहद संभालकर रखा हुआ है. आज भले ही इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना सामान्य प्रक्रिया हो, लेकिन उस दौर में विदेश जाकर खुद वाहन चलाना किसी शाही शौक और आधुनिक सोच का प्रतीक माना जाता था. बताया जाता है कि महाराजा करणी सिंह जब संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर गए थे, तब वहां वाहन चलाने के लिए उन्होंने यह लाइसेंस बनवाया था. उस समय यह लाइसेंस वेस्टर्न इंडिया ऑटोमोबाइल एसोसिएशन, बॉम्बे द्वारा जारी किया जाता था और इसका स्वरूप किसी छोटी डायरी जैसा होता था, जिसमें कई पन्नों पर व्यक्ति की जानकारी और वैधता दर्ज रहती थी.
यह दुर्लभ दस्तावेज सिर्फ एक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं, बल्कि उस दौर की अंतरराष्ट्रीय सोच, शाही जीवनशैली और आधुनिक दृष्टिकोण की कहानी भी बयान करता है. यह दिखाता है कि बीकानेर के शासक समय से काफी आगे सोचते थे और दुनिया के बदलते नियमों व तकनीकों को अपनाने में पीछे नहीं थे. आज यह ऐतिहासिक धरोहर नई पीढ़ी को बीकानेर के गौरवशाली अतीत की एक अनोखी झलक दिखा रही है.
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