Paper Leak | tablet based competitive exams | Rajasthan exam reforms | राजस्थान में टेबलेट आधारित परीक्षा मॉडल, पेपर लीक पर लगेगी रोक

Last Updated:June 26, 2026, 15:46 IST
Tablet Based Exam Model : राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और आईआईटी मद्रास टेबलेट आधारित ऑनलाइन परीक्षा मॉडल पर काम कर रहे हैं, लक्ष्य पेपर लीक रोकना और सरकारी स्कूलों में सुरक्षित केंद्र बनाना है. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोकराज ने बताया कि इस नई व्यवस्था को लेकर आईआईटी मद्रास के साथ पांच बार से ज्यादा परीक्षण किए जा चुके हैं. हालांकि अभी तक पूरी तरह सफलता नहीं मिली है, लेकिन अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही तकनीकी दिक्कतों को दूर कर लिया जाएगा.अब एग्जाम में नहीं मिलेगा कागज का प्रश्नपत्र, टैबलेट पर आएंगे सवाल
जयपुर. हर साल लाखों युवा सरकारी नौकरी की उम्मीद लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठते हैं, लेकिन पेपर लीक की खबरें उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं. राजस्थान से लेकर देश के कई राज्यों तक यह समस्या सरकारों और परीक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. अब इस परेशानी का स्थायी हल निकालने की कोशिश की जा रही है. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और आईआईटी मद्रास मिलकर ऐसी व्यवस्था तैयार कर रहे हैं, जिससे परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की जरूरत ही खत्म हो जाए.
अगर यह प्रयोग सफल हो जाता है तो आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं का तरीका पूरी तरह बदल सकता है. अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर कागज का प्रश्नपत्र नहीं मिलेगा. हर उम्मीदवार के सामने एक टेबलेट रखा जाएगा और परीक्षा शुरू होते ही प्रश्नपत्र सीधे उसी टेबलेट पर ऑनलाइन दिखाई देगा. इससे प्रश्नपत्र छपाई, पैकिंग, परिवहन और वितरण की पूरी प्रक्रिया खत्म हो सकती है.
पांच बार हुआ परीक्षण, अब सफलता की उम्मीदराजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोकराज ने बताया कि इस नई व्यवस्था को लेकर आईआईटी मद्रास के साथ पांच बार से ज्यादा परीक्षण किए जा चुके हैं. हालांकि अभी तक पूरी तरह सफलता नहीं मिली है, लेकिन अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही तकनीकी दिक्कतों को दूर कर लिया जाएगा. उनका कहना है कि यह व्यवस्था लागू होने के बाद पेपर लीक की समस्या लगभग खत्म हो सकती है. क्योंकि प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के समय ही सीधे अभ्यर्थी के टेबलेट पर पहुंचेगा. ऐसे में प्रश्नपत्र के रास्ते में कहीं लीक होने की संभावना नहीं बचेगी.
अब पुराने तरीके से नहीं होगी परीक्षाआलोकराज ने कहा कि फिलहाल देश में कुछ परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी सीबीटी मोड में होती हैं. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी जेईई जैसी परीक्षाएं इसी तरीके से आयोजित कराती है. लेकिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों वाली परीक्षाओं के लिए पर्याप्त कंप्यूटर लैब उपलब्ध नहीं हैं. निजी स्कूल और कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाने पर भी कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं.
सरकारी स्कूलों में होंगे केंद्र, वेंडर चयन सबसे बड़ी चुनौतीआलोकराज के मुताबिक टेबलेट आधारित परीक्षा में केंद्र सरकारी स्कूलों और सरकारी कॉलेजों में बनाए जा सकते हैं. इससे निजी संस्थानों पर निर्भरता कम होगी. हालांकि उन्होंने माना कि अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए जिन कंपनियों या वेंडरों का चयन किया जाएगा, उनकी विश्वसनीयता सबसे अहम होगी. यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि तकनीकी व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित रहे और परीक्षा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो. आलोकराज ने उम्मीद जताई कि प्रतियोगी परीक्षाओं के इस नए मॉडल को जल्द लॉन्च किया जा सकता है. आईआईटी मद्रास की टीम लगातार इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर यह प्रयोग सफल होता है तो यह केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश की परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है.
लगातार आ रहे पेपर लीक मामले के बाद लिया गया फैसलागौरतलब है कि आलोकराज भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. राजस्थान में लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों के बाद वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनकी नियुक्ति की सिफारिश की थी. माना गया था कि सेना के एक ईमानदार और अनुशासित अधिकारी के आने से बोर्ड की साख मजबूत होगी और छात्रों का भरोसा फिर से कायम हो सकेगा. आलोकराज को सेना में परम विशिष्ट सेना मेडल समेत कई सम्मान भी मिल चुके हैं.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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