Para Shooter Mona Agarwal: पेरिस में ब्रॉन्ज, अब चांगवोन में सिल्वर-गोल्ड… मोना ने 2028 पैरालंपिक के लिए पक्का किया टिकट

Last Updated:September 18, 2026, 14:07 IST
Para Shooter Mona Agarwal Wins Medal in Changwon: भारतीय पैरा शूटर मोना अग्रवाल ने दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित पैरा वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्टैंडिंग इवेंट में सिल्वर और टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है. इसके साथ ही वह 2028 पैरालंपिक का कोटा हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बन गई हैं. 2021 में करियर शुरू करने वाली मोना ने पेरिस 2024 में कांस्य जीता था. जयपुर के कोच योगेश शेखावत के मार्गदर्शन में खेल की बारीकियां सीखने वाली मोना का अगला लक्ष्य अब पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है.
भारतीय पैरा शूटर मोना अग्रवाल ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शूटिंग में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित पैरा वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में मोना ने 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्टैंडिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीता. इसके साथ ही उन्होंने टीम इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस तरह मोना ने चैंपियनशिप में भारत के लिए दो पदक जीते.
मोना अग्रवाल की इस सफलता की सबसे खास उपलब्धि पैरालंपिक 2028 का कोटा हासिल करना है. इस उपलब्धि के साथ वह भारत के लिए 2028 पैरालंपिक का कोटा हासिल करने वाली पहली महिला निशानेबाज बन गई हैं. कुछ साल पहले तक शूटिंग की दुनिया में नई शुरुआत करने वाली मोना आज अपनी मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर विश्व स्तर की खिलाड़ी के रूप में पहचान बना चुकी हैं.
मोना अग्रवाल ने अपने शूटिंग करियर की शुरुआत 2021 के अंत में की थी. इसके बाद उन्होंने लगातार अपनी तकनीक को बेहतर करने और फिटनेस से जुड़ी चुनौतियों पर काम किया. उनकी मेहनत का परिणाम पेरिस पैरालंपिक 2024 में देखने को मिला, जहां उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई. करियर की शुरुआत के कुछ ही वर्षों में पैरालंपिक पदक हासिल करना उनकी बड़ी उपलब्धि रही. आज मोना की संघर्ष और सफलता की कहानी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है.
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पेरिस पैरालंपिक के बाद भी मोना अग्रवाल की पदक यात्रा नहीं थमी. उन्होंने अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और एशियन रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया. अब चांगवोन में सिल्वर मेडल और टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने के साथ 2028 पैरालंपिक का कोटा हासिल करना उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है.
मोना अग्रवाल के अंतरराष्ट्रीय सफर में जयपुर की इकलव्य स्पोर्ट्स शूटिंग एकेडमी की अहम भूमिका रही है. उनके कोच योगेश शेखावत ने उन्हें अर्जुन की तरह शूटिंग के बारीक पैंतरे सिखाए और उनके खेल को निखारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. यहीं से मोना ने अपने शूटिंग सफर को नई दिशा दी. कोच योगेश शेखावत ने उनकी शूटिंग तकनीक के साथ-साथ खेल के दौरान दबाव संभालने और शूटिंग प्रोसेस पर भी विशेष रूप से काम किया. बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए मोना को तैयार करने में योगेश शेखावत की भूमिका महत्वपूर्ण रही है.
कोच योगेश शेखावत ने बताया कि मोना बहुत मेहनती खिलाड़ी हैं और सीखने के साथ-साथ लगातार मेहनत करने में कभी पीछे नहीं हटतीं. जब तक वह किसी शूटिंग तकनीक को पूरी तरह समझ नहीं लेतीं, तब तक लगातार उसका अभ्यास करती रहती हैं. पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद अब उनका लक्ष्य गोल्ड मेडल हासिल करना है. मोना ने बताया कि पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा सपना है.
First Published :
September 18, 2026, 14:07 IST



