पहली बारिश में खुली पोल! अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की जांच खुद करेंगे नितिन गडकरी

Last Updated:July 07, 2026, 12:02 IST
Nitin Gadkari Delhi-Mumbai Expressway Inspection: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बुधवार को दिल्ली से कोटा तक सड़क मार्ग से सफर कर एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करेंगे. वे शाम को कोटा के पास दरा टनल पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करेंगे. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. हाल की बारिश के बाद सामने आई निर्माण संबंधी खामियों के बीच यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. निरीक्षण के बाद निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है.
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नितिन गडकरी स्वयं निरीक्षण करेंगे
कोटा. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी स्वयं इसकी हकीकत परखने मैदान में उतर रहे हैं. पहली ही बारिश में सड़क की गुणवत्ता, जलभराव और निर्माण संबंधी खामियों को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. गडकरी बुधवार को दिल्ली से कोटा तक कार से सफर कर एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करेंगे और निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मौके पर जाकर जायजा लेंगे.
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय मंत्री बुधवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली से सड़क मार्ग से रवाना होंगे. वे शाम करीब 5:30 बजे कोटा के पास स्थित दरा टनल पहुंचेंगे, जहां एक्सप्रेस-वे और टनल के निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और प्रगति की विस्तृत समीक्षा करेंगे. इस दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे.
पहली ही बारिश में खुल गई थी एक्सप्रेस-वे की पोल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे कई कारणों से चर्चा में रहा है. पहली बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर सड़क की सतह खराब होने, जलभराव और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे. इन शिकायतों के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर तक निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए. इसके बाद केंद्र सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और केंद्रीय मंत्री के स्तर पर निरीक्षण का निर्णय किया गया. नितिन गडकरी के दौरे की सूचना मिलते ही निर्माण एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई है. एक्सप्रेस-वे के विभिन्न हिस्सों में मरम्मत, सफाई, सड़क की सतह सुधारने और अन्य कमियों को दूर करने का काम युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है. अधिकारियों को भी निरीक्षण के दौरान सभी तकनीकी जानकारियों के साथ मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं.
गड़बड़ी मिली तो हो सकती है कार्रवाई
माना जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही, गुणवत्ता से समझौता या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित निर्माण एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है. ऐसे में यह निरीक्षण केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता और जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि निरीक्षण के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी क्या एक्शन लेते हैं.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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