Entertainment

3 फिल्मों में सुनाई दिया 1 ही गाना, हर बार खड़े हुए रोंगटे, कभी सोनू निगम तो कभी उदित नारायण ने बांधा समा

Last Updated:August 18, 2026, 15:47 IST

बॉलीवुड में देशभक्ति के गानों की कोई कमी नहीं है, लेकिन ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ कुछ खास है. अमर शहीद भगत सिंह की कुर्बानी को श्रद्धांजलि देने वाले इस मशहूर गाने ने अलग-अलग दौर की तीन बड़ी फिल्मों में अपनी गूंज से इतिहास रच दिया है. 1965 में मनोज कुमार पर फिल्माए गए ओरिजिनल गाने से लेकर 2002 में उदित नारायण और सोनू निगम की मखमली आवाजों तक, जब भी यह धुन थिएटर में गूंजती है, दर्शक झूम उठते हैं. यह गाना सिर्फ एक म्यूजिकल कंपोजीशन नहीं है, बल्कि एक ऐसा इमोशन है जो हर भारतीय के रोंगटे खड़े कर देता है.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसे सदाबहार गाने हैं, जिनकी पॉपुलैरिटी समय के साथ कभी कम नहीं हुई. लेकिन, बॉलीवुड में एक अनोखा इत्तेफाक तब हुआ जब एक ही गाने को अलग-अलग दौर में बनी तीन बड़ी फिल्मों में इस्तेमाल किया गया. हम बात कर रहे हैं अमर शहीद भगत सिंह की शहादत को समर्पित ऐतिहासिक गाने ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ की. 1965 में मुकेश और महेंद्र कपूर की क्लासिक आवाजों से लेकर 2002 में उदित नारायण और सोनू निगम की आवाजों तक, इस गाने ने हमेशा दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं.

1. शहीद (1965): यह मशहूर गाना 1965 की फिल्म ‘शहीद’ में पहली बार आया था. एस राम शर्मा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में मनोज कुमार ने अमर शहीद भगत सिंह का रोल किया था. मशहूर गीतकार प्रेम धवन का लिखा और कंपोज किया हुआ गाना ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ पहली बार बड़े पर्दे पर आया था. मुकेश (सपोर्टिंग में महेंद्र कपूर और लता मंगेशकर) का गाया यह गाना 1965 में रिलीज होने पर पूरे देश में देशभक्ति की लहर फैला गया था. आजादी के लिए लड़ने वालों की कुर्बानी और अपनी मातृभूमि के लिए उनके प्यार को दिखाते हुए, यह बॉलीवुड के सबसे महान क्लासिक्स में से एक बन गया.

2. 23 मार्च 1931- शहीद (2002): इस सदाबहार गाने को एक बार फिर 2002 की फिल्म ’23 मार्च 1931: शहीद’ में इस्तेमाल किया गया, जिसे गुड्डी धनोआ ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म में बॉबी देओल ने भगत सिंह का दमदार रोल किया था, जबकि उनके बड़े भाई सनी देओल ने चंद्रशेखर आजाद का रोल किया था. म्यूजिक कंपोजर आनंद राज आनंद ने आज के समय के लिए इस मशहूर गाने को फिर से बनाया, जिसमें उदित नारायण और भूपेंद्र सिंह ने अपनी आवाज दी थी. जब यह गाना बॉबी देओल और सनी देओल के साथ थिएटर में फिल्माया गया, तो इसने दर्शकों में देशभक्ति का वही जोश और जुनून फिर से जगा दिया.

Add as Preferred Source on Google

3. द लेजेंड ऑफ भगत सिंह (2002): 7 जून 2002 को रिलीज हुई राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘द लेजेंड ऑफ भगत सिंह’ में अजय देवगन ने भगत सिंह का रोल किया था. मशहूर कंपोजर एआर रहमान ने इस गाने को तीसरी बार बिल्कुल नए और शानदार स्टाइल में बनाया. इस फिल्म में अजय देवगन ने भगत सिंह का रोल किया था. मशहूर कंपोजर एआर रहमान ने इस गाने को एक नया म्यूजिकल रूप दिया, जिसे सोनू निगम और मनमोहन सिंह ने गाया. जेल में फांसी की ओर बढ़ते भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु पर फिल्माया गया यह गाना थिएटर में मौजूद हर दर्शक की आंखों में आंसू ला दिया. गाने के इस वर्जन ने अजय देवगन के कैरेक्टर को अमर कर दिया.

आमतौर पर जब कोई पुराना बॉलीवुड गाना रीमेक होता है, तो दर्शक उसे रिजेक्ट कर देते हैं. लेकिन ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ के साथ ऐसा नहीं था. 1965 से 2002 तक तीन अलग-अलग फिल्मों में दिखाए जाने के बावजूद, इस गाने का असर कभी कम नहीं हुआ. भगत सिंह की शहादत, क्रांति की भावना और देशभक्ति का संदेश इस गाने के हर शब्द में छिपा है. यही वजह है कि जब भी किसी डायरेक्टर ने भगत सिंह की जिंदगी पर फिल्म बनाई है, तो इस गाने के बिना कहानी अधूरी मानी गई है.

यह गाना जिसने तीन बड़ी फिल्मों में बार-बार इस्तेमाल होकर इतिहास रच दिया, आज भी स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर हर भारतीय की जुबान पर होता है. यह साबित करता है कि सच्चा संगीत समय की सीमाओं को पार करता है. चाहे मनोज कुमार का क्लासिक स्टाइल हो, उदित नारायण की आवाज में बॉबी देओल का जोश हो या सोनू निगम के गानों में अजय देवगन की सीरियस परफॉर्मेंस हो… तीन अलग-अलग जेनरेशन के एक्टर्स पर फिल्माया गया यह एक गाना बॉलीवुड के इतिहास में देशभक्ति का सबसे बड़ा सिंबल बन गया है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

August 18, 2026, 15:46 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj