Raksha Bandhan | Veer Fooli Vrat | रक्षाबंधन से पहले भाई की सलामती के लिए बहनों का अनोखा व्रत

Last Updated:August 25, 2026, 19:20 IST
Veer Fooli Vrat Kya Hai : जालोर में रक्षाबंधन से पहले वीर फूली का व्रत रखा जाता है. बहनें भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत करती हैं. इसमें गेहूं सेंककर भाई के संकट दूर करने की कामना की जाती है. कथा के दौरान लिए गए गेहूं को तवे पर सेंका जाता है. गेहूं सेंकते समय महिलाएं पारंपरिक कहावत बोलती हैं, फूली सेकूं धाणी सेकूं, मारे विरा री वेरी सेकूं.
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जालौर. रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और भाई की रक्षा की कामना से जुड़ा है. लेकिन जालोर में रक्षाबंधन से पहले एक ऐसी लोक परंपरा भी निभाई जाती है, जिसमें बहनें अपने भाई की सलामती, लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं. इसे वीर फूली का व्रत कहा जाता है. यह व्रत साल में सिर्फ एक बार, रक्षाबंधन से पहले आने वाले रविवार या मंगलवार को रखा जाता है. इस बार रक्षाबंधन से पहले मंगलवार आने के कारण महिलाएं वीर फूली का व्रत रख रही हैं.
इस व्रत को लगातार 50 साल से कर रहीं महिला संतोष देवी ने लोकल18 को बताया कि यह व्रत हम हर साल रक्षाबंधन से पहले रखते हैं. रविवार या मंगलवार को यह व्रत होता है. इसमें बहन अपने भाई की रक्षा, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती है. शाम को कथा सुनी जाती है और कथा के दौरान गेहूं से अलग-अलग आकृतियां बनाई जाती हैं. कथा पूरी होने के बाद हम थोड़ा-थोड़ा गेहूं अपने घर लेकर आते हैं.
वीर फूली व्रत में होती है खास रस्मवीर फूली व्रत में शाम के समय महिलाएं एक साथ बैठकर इसकी कथा सुनती हैं. कथा के दौरान गेहूं से अलग-अलग आकृतियां बनाई जाती हैं. इन आकृतियों के जरिए व्रत से जुड़ी मान्यताओं और भाई की रक्षा की कामना की जाती है. कथा पूरी होने के बाद महिलाएं थोड़ा-थोड़ा गेहूं लेकर अपने घर जाती हैं. इसके बाद इस व्रत से जुड़ी सबसे खास रस्म निभाई जाती है.
तवे पर गेहूं सेंककर बोलती हैं पारंपरिक कहावतघर पहुंचकर तवे को गर्म किया जाता है और कथा के दौरान लिए गए गेहूं को तवे पर सेंका जाता है. गेहूं सेंकते समय महिलाएं पारंपरिक कहावत बोलती हैं, फूली सेकूं धाणी सेकूं, मारे विरा री वेरी सेकूं. इसका मतलब है कि भाई के जो भी दुश्मन या संकट हैं, उन्हें इन गेहूं में सेंककर दूर कर दिया जाए, ताकि भाई को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचे.
आज भी कायम है वीर फूली की परंपराइसी कथा और मान्यता ने आज भी इस परंपरा को जीवित रखा हुआ है. बदलते समय में त्योहारों के तौर-तरीके भले ही बदल रहे हों, लेकिन जालोर की महिलाएं आज भी वीर फूली व्रत के जरिए भाई की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और हर संकट से रक्षा की कामना करती हैं. रक्षाबंधन से पहले निभाई जाने वाली यह परंपरा भाई-बहन के रिश्ते में छिपे स्नेह, विश्वास और सुरक्षा की भावना की अनूठी मिसाल है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jalor,Jalor,Rajasthan
First Published :
August 25, 2026, 19:20 IST



