Online Fertilizer Booking | खाद की ऑनलाइन बुकिंग शुरू | Khairthal-Tijara News

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खैरथल-तिजारा: खाद की किल्लत खत्म, अब ऑनलाइन बुकिंग से किसानों को मिलेगा खाद
Last Updated:May 09, 2026, 07:07 IST
Alwar News: खैरथल-तिजारा जिले में अब खाद की बिक्री ऑनलाइन और फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से होगी. राज्य सरकार की इस नई पहल से यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी रुकेगी और किसानों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी. जिले के 85% किसानों ने रजिस्ट्री करा ली है, शेष किसानों को पटवारी के माध्यम से डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट कराने की सलाह दी गई है. अब किसान जनाधार और रजिस्ट्री नंबर के जरिए घर बैठे या ई-मित्र से खाद बुक कर सकेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी.
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खैरथल-तिजारा. राजस्थान के नवगठित खैरथल-तिजारा जिले में रबी और खरीफ सीजन के दौरान खाद की किल्लत और लंबी कतारों से जूझने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. राज्य सरकार अब खाद वितरण की पूरी व्यवस्था को डिजिटल करने जा रही है. नई प्रणाली के तहत अब यूरिया और डीएपी (DAP) सहित अन्य उर्वरकों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की जाएगी. इससे न केवल किसानों को घंटों कतारों में खड़े रहने से मुक्ति मिलेगी, बल्कि वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता भी आएगी. किसानों को उनकी भूमि और फसल की आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है.
सहायक कृषि अधिकारी राजेंद्र बसवाल के अनुसार, अब तक खाद वितरण में दुकानदारों और बिचौलियों द्वारा कालाबाजारी की शिकायतें आम थीं. लेकिन नई ऑनलाइन प्रणाली के लागू होने से फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लग सकेगी. खाद का वितरण अब ‘फार्मर रजिस्ट्री’ के माध्यम से किया जाएगा. इस डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए यह सुनिश्चित होगा कि खाद केवल उन्हीं किसानों को मिले जिन्हें इसकी वास्तविक जरूरत है. इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी और सब्सिडी का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंच सकेगा.
फार्मर रजिस्ट्री है अनिवार्यजिले में प्रधानमंत्री किसान योजना के कुल 99,941 लाभार्थी हैं, जिनमें से अब तक 85,063 (लगभग 85%) किसानों ने अपनी फार्मर रजिस्ट्री करवा ली है. प्रशासन ने शेष 15% किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने हल्का पटवारी या तहसील कार्यालय से संपर्क कर अपने खेत के रिकॉर्ड को डिजिटल करवाएं. बिना फार्मर रजिस्ट्री के खाद प्राप्त करना भविष्य में चुनौतीपूर्ण हो सकता है. जिन किसानों की रजिस्ट्री लंबित है, उन्हें अपनी जमाबंदी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी ताकि उनका भूमि रिकॉर्ड सिस्टम से जुड़ सके.
कैसे करें आवेदन?नई व्यवस्था के तहत किसान अपने मोबाइल फोन या नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से खाद के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके लिए जनाधार कार्ड और फार्मर रजिस्ट्री नंबर का होना अनिवार्य होगा. इस प्रक्रिया से हर किसान के हिस्से की खाद सुनिश्चित होगी और डुप्लीकेट आवेदनों पर रोक लगेगी. हरसोली, खैरथल, मुंडावर, किशनगढ़ बास, कोटकासिम, टपूकड़ा और तिजारा जैसे क्षेत्रों के किसानों को, जिन्हें मानसून सीजन में खाद के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था, अब इस पारदर्शी व्यवस्था से बड़ी राहत मिलेगी.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Alwar,Alwar,Rajasthan



