Sawan 2026 Bikaner Chudi Bazar Demand

Last Updated:August 21, 2026, 10:27 IST
Bikaner Churi Bazar: सावन के महीने में बीकानेर के बड़ा बाजार स्थित चूड़ी बाजार में हरी और लाल कांच की चूड़ियों की जबरदस्त मांग देखी जा रही है. रोजाना करीब 200 से 300 महिलाएं खरीदारी के लिए पहुंच रही हैं, जिससे बाजार में प्रतिदिन 8 से 10 लाख रुपये तक का कारोबार हो रहा है. बीकानेर में चूड़ियों का स्टॉक मुख्य रूप से फिरोजाबाद और अहमदाबाद से मंगवाया जाता है. बाजार में 100 रुपये से शुरू होने वाले चूड़ियों के सेट महिलाओं की पहली पसंद बने हुए हैं.
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Bikaner: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही बीकानेर के बाजारों में एक अलग ही रौनक देखने को मिल रही है. महिलाओं के पारंपरिक श्रृंगार में हरी चूड़ियों की खनक सिर चढ़कर बोल रही है. बीकानेर के प्रसिद्ध बड़ा बाजार स्थित चूड़ी बाजार में सुबह से लेकर शाम तक महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. सावन के महीने में हरे रंग को अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है. यही वजह है कि सुहागिन महिलाएं और युवतियां बड़े चाव से हरी कांच की चूड़ियों की खरीदारी कर रही हैं. इसके साथ ही लाल रंग की चूड़ियां भी महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई हैं. कोई महिला पारंपरिक सादी हरी चूड़ियां चुन रही है तो कोई नए डिजाइन, कड़े और अलग-अलग रंगों के कॉम्बिनेशन तैयार करवा रही है. इस बार सावन ने बीकानेर के चूड़ी बाजार को पूरी तरह से रंगों से सराबोर कर दिया है.
बड़ा बाजार के प्रमुख चूड़ी विक्रेता सुनील पुरोहित ने बताया कि सावन के दौरान बाजार में मुख्य रूप से दो रंगों यानी हरे और लाल रंग की मांग सबसे अधिक रहती है. धर्म और परंपरा के अनुसार सावन में हरी चूड़ियां पहनना बेहद शुभ माना जाता है. इसी मांग को ध्यान में रखते हुए दुकानदार सावन का महीना शुरू होने से पहले ही अलग-अलग डिजाइन, पैटर्न और नई वैरायटी का स्टॉक तैयार कर लेते हैं. बाजार में चूड़ियों के शुरुआती सेट मात्र 100 रुपए से उपलब्ध हैं. इसके बाद कांच की क्वालिटी, डिजाइन, फिनिशिंग और नगीनों के काम के आधार पर कीमतें बढ़ती जाती हैं. महिलाएं अपने बजट और पसंद के अनुसार चूड़ियों का चयन कर रही हैं. कई महिलाएं हरी चूड़ियों के साथ लाल, पीली और सुनहरी चूड़ियों का तालमेल बिठाकर खूबसूरत कॉम्बिनेशन बनवा रही हैं.
फिरोजाबाद और अहमदाबाद से आ रहा है स्पेशल स्टॉक
बीकानेर के बाजार में बिकने वाली ये खूबसूरत और रंग-बिरंगी कांच की चूड़ियां स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं की जाती हैं. इसके बजाय इनकी बड़ी और मुख्य खेप उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद और गुजरात के अहमदाबाद से मंगवाई जाती है. फिरोजाबाद को पूरे देश में कांच उद्योग और उत्कृष्ट चूड़ियों के निर्माण के लिए जाना जाता है. सावन के महीने में बीकानेर में कांच की चूड़ियों की खपत अचानक काफी बढ़ जाती है. इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय व्यापारी महीनों पहले से ही फिरोजाबाद और अहमदाबाद के कारीगरों को नए-नए डिजाइनों के ऑर्डर दे देते हैं ताकि सावन में ग्राहकों को विविधता मिल सके.
रोजाना 8 से 10 लाख रुपए का हो रहा कारोबार
सावन के महीने में चूड़ियों के व्यापार में जबरदस्त उछाल आया है. व्यापारी सुनील पुरोहित के अनुसार आम दिनों के मुकाबले सावन में कांच की चूड़ियों की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है. अकेले उनकी दुकान पर सावन के दौरान लगभग एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक की कांच की चूड़ियों की बिक्री आसानी से हो जाती है. अगर पूरे बड़ा बाजार स्थित चूड़ी बाजार की बात करें तो इन दिनों रोजाना करीब 8 से 10 लाख रुपए का वित्तीय लेन-देन हो रहा है. बाजार में ग्राहकों की आवाजाही भी काफी बढ़ गई है. व्यापारियों के मुताबिक रोजाना लगभग 200 से 300 महिलाएं चूड़ियां खरीदने बाजार पहुंच रही हैं, जिससे व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bikaner,Bikaner,Rajasthan
First Published :
August 21, 2026, 10:27 IST



