SDM काजल मीणा रिश्वत केस में सामने आया बड़ा अपडेट, WhatsApp कॉल से फंस गई, पड़ गए लेने के देने

Last Updated:April 22, 2026, 16:17 IST
SDM Kajal Meena Bribery Scandal : 50 हजार रुपये के रिश्वत केस में फंसी करौली के नादौती की पूर्व एसडीएम काजल मीणा के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. इस केस में रीडर की ओर से एसडीएम काजल मीणा को किया गया व्हाट्सऐप कॉल अहम कड़ी साबित हुआ. इस व्हाट्सऐप कॉल में काजल ने अपने रीडर को रिश्वत की रकम लेने के लिए से उसे सहमति दी थी. कॉल पर की गई उनकी ‘हां’ एसीबी के लिए बड़ा हथियार बन गई है. 
रिश्वत केस में फंसी आरएएस अधिकारी काजल मीणा को जेल भेज दिया गया है.
करौली. 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में पकड़ी गई करौली जिले की नादौती एसडीएम काजल मीणा के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. काजल मीणा ने अपने रीडर को 50 हजार की रिश्वत राशि लेने की सहमति व्हाट्सऐप कॉल पर दी थी. एसीबी की एफआईआर के अनुसार कार्रवाई के दौरान डिजिटल साक्ष्य बेहद अहम साबित हुए. व्हाट्सऐप कॉल पर सहमति मिलने पर ही रीडर दिनेश मीणा ने एसडीएम के लिए यह राशि स्वीकार की थी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इस मामले में उपखंड अधिकारी काजल मीणा समेत उनके रीडर तथा सहयोगी कर्मचारी को गिरफ्तार किया था. उसके बाद तीनों को जेल भेज दिया गया था.
पिछले दिनों हुआ एसडीएम काजल मीणा का यह रिश्वत केस खासा चर्चा में बना हुआ है. अब इस मामले की परतें खुल रही हैं. एसीबी सूत्रों के अनुसार टीम ने जब एसडीएम के रीडर दिनेश कुमार को ट्रैप किया तो उसने रिश्वत की राशि काजल मीणा के लिए लेना बताया था. रीडर ने रिश्वत की रकम मिलने के बाद एसडीएम को व्हाट्सऐप कॉल कर इसकी सूचना दी. रिकॉर्डिंग के अनुसार एसडीएम ने इस राशि को स्वीकार करने के संबंध में ‘हां’ भरी जो अब उनके खिलाफ सबसे बड़ा कानूनी साक्ष्य है. रिश्वत की राशि सहकर्मी प्रवीण कुमार धाकड़ के पास से बरामद की गई थी.
जमीन विभाजन की फाइनल डिक्री जारी करने के लिए मांगी थी रिश्वतएसीबी की जांच में परत दर परत यह साफ हो गया है कि जमीन विभाजन की फाइनल डिक्री जारी करने की एवज में मांगी गई रिश्वत की डोर सीधे एसडीएम कार्यालय की मुख्य कुर्सी से बंधी थी. एसीबी ने इस मामले में एसडीएम काजल मीणा, रीडर दिनेश कुमार सैनी और सहयोगी प्रवीण कुमार धाकड़ को गिरफ्तार किया था. ब्यूरो अब बरामद डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर और कॉल डिटेल्स की फॉरेंसिक जांच करवा रही है.
ऐसे बुना गया रिश्वत का जालजानकारी के अनुसार परिवादी चरतलाल मीणा अपनी पैतृक भूमि के विभाजन की डिक्री के लिए लंबे समय से एसडीएम दफ्तर के चक्कर काट रहा था. आरोप है कि जब वह एसडीएम काजल मीणा से मिला तो उन्होंने अपने रीडर से बात करने का इशारा किया था. परिवादी जब रीडर से मिला तो उसने काम के बदले पहले 1 लाख रुपये मांगे. फिर 50 हजार रुपये पर सौदा तय हो गया. इसके अलावा रीडर दिनेश कुमार सैनी ने अपने लिए अलग से 10 हजार रुपये की मांग रखी थी.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें
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Location :
Karauli,Karauli,Rajasthan
First Published :
April 22, 2026, 16:17 IST



