SpiceJet Flight AC Failure: ‘सांस घुट रही है, दरवाजे खोलो’, स्पाइसजेट में AC बंद होने पर हंगामा, यात्रियों ने रोका टेकऑफ

SpiceJet flight AC failure News: दिल्ली से पुणे जा रही SpiceJet की फ्लाइट SG-105 में मंगलवार रात कुछ ऐसा हुआ, जिसने विमान के अंदर सफर कर रहे यात्रियों की परेशानी को गुस्से में बदल दिया. टेकऑफ से पहले ही केबिन में गर्मी और उमस बढ़ती चली गई. यात्रियों का आरोप है कि एयर-कंडीशनिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था. हालात तब ज्यादा बिगड़े, जब विमान करीब 40-45 मिनट तक टैक्सी करता रहा, लेकिन केबिन में राहत नहीं मिली. गर्मी और घुटन से परेशान यात्रियों ने आखिरकार उड़ान जारी रखने से इनकार कर दिया. कुछ यात्रियों ने दरवाजे खोलने की मांग तक कर दी. बताया गया कि 100 से ज्यादा यात्रियों ने विरोध किया. इस दौरान कुछ महिलाओं की तबीयत भी बिगड़ गई और उन्हें व्हीलचेयर की मदद लेनी पड़ी.
मामला 11 अगस्त 2026 की रात का बताया जा रहा है. यात्रियों के विरोध के बाद विमान को टेकऑफ से पहले वापस बे में लाया गया. इसके बाद यात्रियों को विमान से उतारा गया. एयरलाइन ने बाद में वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की और यात्रियों को पुणे भेजा. SpiceJet ने कहा कि उड़ान भरने से ठीक पहले तकनीकी समस्या सामने आई थी. एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया है. हालांकि, यात्रियों की ओर से सामने आए आरोपों ने सवाल जरूर खड़े किए हैं कि अगर केबिन में हालात इतने खराब हो गए थे तो विमान को पहले ही क्यों नहीं रोका गया?
टेकऑफ से पहले बिगड़े हालात, गर्मी और उमस से बेहाल हुए यात्री
यात्रियों के मुताबिक, दिल्ली से पुणे जाने वाली SG-105 को मंगलवार रात करीब 9:30 बजे उड़ान भरनी थी. बाद में फ्लाइट को रात करीब 11:30 बजे के लिए रीशेड्यूल किया गया. यात्री विमान में सवार हुए तो उन्हें केबिन के अंदर असामान्य गर्मी महसूस हुई. एसी ठीक से काम नहीं कर रहा था. शुरुआत में यात्रियों ने इंतजार किया, क्योंकि आमतौर पर विमान के टैक्सी करने और टेकऑफ की प्रक्रिया के दौरान केबिन कूलिंग बेहतर हो जाती है. लेकिन करीब 40-45 मिनट तक टैक्सी करने के बाद भी स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ.
‘सांस घुट रही है, दरवाजे खोलो’, यात्रियों का फूटा गुस्सा
गर्मी और वेंटिलेशन की समस्या के कारण यात्रियों को घुटन महसूस होने लगी. यात्रियों का आरोप है कि उन्होंने केबिन क्रू से एसी चालू करने की मांग की, लेकिन उन्हें इंतजार करने को कहा गया. कुछ यात्रियों के मुताबिक विमान में गर्भवती महिलाएं भी थीं और कई लोग पसीने से परेशान हो गए थे. जब स्थिति संभलती नहीं दिखी तो यात्रियों का गुस्सा बढ़ गया. कई यात्री सीटों से उठ गए और उन्होंने टेकऑफ रोकने की मांग की. कुछ यात्रियों ने विमान के दरवाजे खोलने की मांग भी की.
100 से ज्यादा यात्रियों ने सफर से किया इनकार
विमान के अंदर बढ़ते विरोध के बीच 100 से ज्यादा यात्रियों ने आगे की यात्रा करने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि जिस स्थिति में उन्हें विमान के अंदर रखा गया, उसमें उड़ान भरना सुरक्षित और आरामदायक नहीं था. यात्रियों के विरोध के बाद फ्लाइट को आगे ले जाने के बजाय वापस बे में लाया गया. क्रू ने दरवाजे खोले और यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया. इसके बाद कुछ यात्रियों ने टरमैक पर भी एयरलाइन के खिलाफ नाराजगी जताई और विरोध किया. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान ‘स्पाइसजेट बंद करो’ जैसे नारे भी लगाए गए.
गर्मी में बिगड़ी तबीयत, महिलाओं को व्हीलचेयर से ले जाना पड़ा
विमान के अंदर लंबे समय तक गर्मी और उमस में रहने के कारण कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ गई. रिपोर्ट के मुताबिक, कई महिलाओं को चक्कर आने की शिकायत हुई. कुछ को व्हीलचेयर की मदद से टर्मिनल तक ले जाया गया. यात्रियों का कहना था कि उन्हें लंबे समय तक ऐसे केबिन में इंतजार करना पड़ा, जहां एसी से राहत नहीं मिल रही थी. यही वजह रही कि मामला सिर्फ असुविधा तक सीमित नहीं रहा और यात्रियों ने उड़ान में बैठने से ही इनकार कर दिया.
SpiceJet ने बदला विमान, सुबह पुणे पहुंचे यात्री
हंगामे के बाद SpiceJet ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की. दूसरी फ्लाइट बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे दिल्ली से रवाना हुई और करीब 7 बजे पुणे पहुंची. यानी यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए कई घंटे अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा. एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि उड़ान से ठीक पहले तकनीकी समस्या सामने आई थी और यात्रियों को पुणे पहुंचाने के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की गई. SpiceJet ने इस घटना से हुई असुविधा के लिए यात्रियों से खेद जताया है.
सवाल सिर्फ AC खराब होने का नहीं, यात्रियों की सुरक्षा का भी
विमान में तकनीकी गड़बड़ी होना नई बात नहीं है. असली सवाल यह है कि ऐसी स्थिति में यात्रियों को कितनी देर तक विमान के अंदर रखा गया और कब वैकल्पिक व्यवस्था की गई. यात्रियों के आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल गर्मी और असुविधा का नहीं रहेगा. खासकर तब, जब कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने और उन्हें व्हीलचेयर की जरूरत पड़ने की बात सामने आई है. फिलहाल एयरलाइन का कहना है कि तकनीकी समस्या सामने आने के बाद वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई. पूरे मामले में यात्रियों के आरोपों और एयरलाइन के पक्ष को साथ रखकर तस्वीर साफ होगी.



