दीपावली की रोशनी बुझी, अरावली विहार में मासूम की आंखों से छिन गई रौशनी, पटाखे की चिंगारी बनी ज़िंदगी का अंधेरा!

Last Updated:October 21, 2025, 22:32 IST
Alwar News: अरावली विहार थाना क्षेत्र के सोनावा डूंगरी में दीपावली पर पटाखा हादसे में बालक गंभीर रूप से झुलसा, आंखों की रोशनी गई, जयपुर रैफर, मोहल्ले में मातम और चिंता का माहौल है.
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अलवर. अरावली विहार थाना क्षेत्र के सोनावा डूंगरी इलाके में दीपावली की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब एक मासूम बालक पटाखा चलाते हुए गंभीर रूप से झुलस गया. हादसे में बारूद के कण उसकी आंखों में जा घुसे, जिससे उसकी दोनों आंखों की पुतलियां जल गईं और उसकी रोशनी चली गई. परिजनों ने आनन-फानन में घायल बालक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया. बालक की हालत नाजुक बताई जा रही है और परिजन गहरे सदमे में हैं.
घटना रविवार शाम की है, जब क्षेत्र में बच्चे दीपावली के पटाखे चला रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बालक पटाखा जलाने की कोशिश कaर रहा था, लेकिन जब पटाखा नहीं फटा तो उसने उसे हाथ में उठाकर देखने का प्रयास किया. तभी अचानक पटाखा फट गया और तेज धमाके के साथ बारूद उसके चेहरे और आंखों में जा घुसा. धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोग घबरा गए और मदद के लिए दौड़े. बालक के चेहरे पर बारूद के जलने के निशान साफ दिखाई दे रहे थे. आसपास मौजूद लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की और उसे तुरंत घर पहुंचाया.बालक की आंखों में बारूद, जयपुर रैफर की तैयार
परिजनों ने बताया कि हादसे के बाद वे उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया. जांच में पता चला कि बारूद के कण आंखों के भीतर तक चले गए हैं, जिससे उसकी दृष्टि पर गंभीर असर पड़ा है. डॉक्टरों ने नेत्र विशेषज्ञों से परामर्श के बाद बच्चे को जयपुर रैफर करने की सलाह दी है. फिलहाल बालक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसकी दृष्टि लौटने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है.
बिना निगरानी के जला रहे थे पटाखेस्थानीय लोगों ने बताया कि दीपावली के अवसर पर क्षेत्र में बच्चे बिना किसी निगरानी के पटाखे जला रहे थे. हादसे के बाद पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया है और लोग बालक के स्वास्थ्य की चिंता में डूबे हैं. वहीं पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली है. अधिकारियों ने अपील की है कि अभिभावक पटाखे चलाते समय बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें और कभी भी जले या अधजले पटाखों को हाथ में न उठाएं. दीपावली की खुशियों के बीच यह दर्दनाक हादसा पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी बन गया है कि एक पल की लापरवाही किस तरह जिंदगी भर का दर्द बन सकती है.
Anand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Alwar,Rajasthan
First Published :
October 21, 2025, 22:32 IST
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रोशनी बुझी मासूम की आंखों से छिन गई रौशनी… पटाखे की चिंगारी जिदगी का अंधेरा!



