साइबर ठगी का नया तरीका, डिजिटल जनगणना के नाम पर फ्रॉड, राजस्थान पुलिस जारी की ये एडवाइजरी

जयपुर. राजस्थान में लगातार साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं. साइबर अपराधी मोबाइल फोन की सैकड़ों डिजिटल सुविधाओं का झांसा देकर हर दिन लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर रहे हैं. अब केंद्र सरकार की ओर से शुरू की जा रही डिजिटल जनगणना की आड़ में भी साइबर अपराधी लोगों को स्कैम करने में सक्रिय हो गए हैं. इस दौरान फर्जी जनगणना अधिकारी बनकर लोगों को कॉल और लिंक भेजकर ठगी की जा रही है. राजस्थान पुलिस ने इसको लेकर एडवाइजरी जारी की है.
एडवाइजरी के अनुसार, डिजिटल जनगणना के नाम पर साइबर अपराधी तीन मुख्य तरीकों से फ्रॉड कर रहे हैं, जिनमें फेक कॉल, फेक मैसेज लिंक और घर पर आकर जानकारी लेना शामिल है. ये अपराधी खुद को जनगणना अधिकारी बताकर परिवार की जानकारी, आधार कार्ड और बैंक डिटेल्स मांगते हैं. इसके अलावा AnyDesk और TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल का पूरा कंट्रोल ले लेते हैं. साथ ही “जनगणना अपडेट नहीं की तो सरकारी सुविधा बंद हो जाएगी” जैसे डरावने मैसेज भेजकर भी ठगी की जा रही है. पुलिस के अनुसार किसी भी जनगणना प्रक्रिया में किसी प्रकार की फीस या पेमेंट नहीं लिया जाता। यदि कोई वेरिफिकेशन कोड या QR कोड के नाम पर पैसे मांगे, तो वह साइबर ठगी है।
डिजिटल जनगणना में ऐसे रखें सावधानी
राजस्थान सहित देशभर में इस बार स्व-गणना की अवधि 1 मई से 15 मई तय की गई है. भारत सरकार की ओर से डिजिटल जनगणना के तहत Self-Enumeration की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट www.se.census.gov.in
पर ही भरोसा करें. डिजिटल जनगणना के नाम पर आने वाले कॉल या मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें. राजस्थान पुलिस ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि ‘फ्री राशन’ या ‘सरकारी योजना’ जैसे मैसेज से सावधान रहें.
किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक डिटेल, आधार या पैन जैसी जानकारी न दें. घर आने वाले जनगणना कर्मचारियों का आईडी कार्ड जरूर जांचें और जरूरत पड़ने पर स्थानीय बीएलओ से पुष्टि करें. यदि डिजिटल जनगणना के नाम पर किसी भी तरह की ठगी होती है या प्रयास किया जाता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर हेल्प डेस्क 9256001930/9257510100, पोर्टल https://cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें.
इस बार जनगणना में पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
इस बार जनगणना के पहले चरण के लिए केंद्र सरकार ने 33 सवाल तय किए हैं. जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे और ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार करेंगे. इनमें मकान की स्थिति, मालिकाना हक, कमरे, पानी, बिजली, शौचालय, गैस कनेक्शन, इंटरनेट सुविधा, मोबाइल, लैपटॉप, वाहन और उपयोग किए जाने वाले अनाज जैसी जानकारी शामिल होगी. जनगणना में मकान की दीवार, छत, फर्श की सामग्री, पेयजल स्रोत, स्नानघर, रसोई सुविधा, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, टीवी, रेडियो, मोबाइल, इंटरनेट और वाहन संबंधी सवाल भी पूछे जाएंगे. साथ ही परिवार के मुखिया, सदस्यों की संख्या और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भी ली जाएगी.



