गार्डनिंग टिप्स: अब घर पर गमले में उगाएं स्ट्रॉबेरी, 50 दिन में मिलने लगेगी अच्छी पैदावार, बस अपनाएं ये आसान टिप्स

Last Updated:December 28, 2025, 08:41 IST
Strawberry Gardening Tips: अक्सर लोग मानते हैं कि स्ट्रॉबेरी केवल ठंडे इलाकों में उगती है, लेकिन सही तरीके से इसे घर के किचन गार्डन में भी आसानी से उगाया जा सकता है. सर्दियों का मौसम इसके लिए सबसे अनुकूल होता है.सही गमला, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, पर्याप्त धूप और सीमित पानी से कम मेहनत में अच्छी पैदावार मिलती है. जैविक खाद और नियमित देखभाल से पौधा 40–50 दिन में फूल देने लगता है और लंबे समय तक फल देता है.
आमतौर पर लोग मानते हैं कि स्ट्रॉबेरी की खेती केवल ठंडे प्रदेशों में ही संभव है, लेकिन थोड़ी मेहनत और सही देखभाल से इसे घर पर भी आसानी से उगाया जा सकता है. सर्दियों का मौसम किचन गार्डन के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है और इसी समय स्ट्रॉबेरी का पौधा अच्छी तरह बढ़ता है. यह फल स्वाद में बेहतरीन होने के साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. लोग इसे महंगा फल समझकर घर में लगाने से कतराते हैं, जबकि सही तरीका अपनाने पर कम मेहनत में अच्छी पैदावार मिल सकती है.

स्ट्रॉबेरी का पौधा लगाने के लिए अक्टूबर से दिसंबर का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. इसे बीज की बजाय पौध या रनर से लगाना ज्यादा आसान और सफल रहता है. इसके लिए नर्सरी से स्वस्थ पौधा लेना बेहतर होता है. गमले या ग्रो बैग का चयन करते समय ध्यान रखें कि वह कम से कम 10 से 12 इंच गहरा हो. पौधा लगाते समय जड़ों को अधिक दबाएं नहीं. मिट्टी हल्की, भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए, ताकि पानी जमा न हो और पौधे की ग्रोथ अच्छी रहे.

स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे जरूरी मानी जाती है. इसके लिए सामान्य मिट्टी में सड़ी हुई गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट और थोड़ी रेत मिलाना फायदेमंद रहता है. इससे मिट्टी हल्की और भुरभुरी बनती है. स्ट्रॉबेरी के लिए मिट्टी का पीएच स्तर 5.5 से 6.5 के बीच होना चाहिए, जो हल्का अम्लीय माना जाता है. हर 15 दिन में जैविक खाद डालने से पौधा मजबूत होता है और फूल आने की संभावना बढ़ती है. रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद फल को अधिक स्वादिष्ट बनाती है.
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स्ट्रॉबेरी के पौधे को रोजाना करीब 5 से 6 घंटे की धूप की जरूरत होती है. इसके लिए गमले को ऐसी जगह रखें, जहां सुबह की हल्की धूप आसानी से मिले. सर्दियों के मौसम में जरूरत से ज्यादा पानी देना पौधे के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए मिट्टी सूखने पर ही पानी दें. पानी हमेशा जड़ों में धीरे धीरे डालें और पत्तियों को गीला न करें. अधिक नमी रहने से पौधे में फंगल बीमारी का खतरा बढ़ जाता है, जिससे ग्रोथ और फल दोनों प्रभावित हो सकते हैं.

सर्दी के मौसम में स्ट्रॉबेरी के पौधे को पाले से बचाना बेहद जरूरी होता है. अधिक ठंड पड़ने पर गमले को रात के समय ढक दें या किसी सुरक्षित जगह पर रख दें. पौधे की सूखी पत्तियां और खराब हिस्से समय समय पर हटाते रहें, ताकि उसकी ऊर्जा फलों के विकास में लगे. मिट्टी पर मल्चिंग करने से नमी बनी रहती है और जड़ों को ठंड से सुरक्षा मिलती है. यह उपाय पौधे को स्वस्थ रखने के साथ कम मेहनत में बेहतर उत्पादन दिलाने में मदद करता है.

सही देखभाल के साथ स्ट्रॉबेरी के पौधे में 40 से 50 दिनों के भीतर फूल आने लगते हैं. फूल आने के बाद हल्की सिंचाई करते रहें और समय समय पर जैविक खाद देना जारी रखें. फल बनने की अवस्था में पौधे को हिलाने या अनावश्यक रूप से छेड़ने से बचें. जैसे ही फल धीरे धीरे लाल होने लगें, उन्हें समय पर तोड़ लें. इससे पौधे पर नए फूल और फल आने की प्रक्रिया तेज होती है और लंबे समय तक ताजी स्ट्रॉबेरी का आनंद लिया जा सकता है.
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December 28, 2025, 08:41 IST
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घर में उगाएं स्ट्रॉबेरी, कम मेहनत से पाएं मीठे फल, बस अपना लें ये आसान टिप्स



