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Air Force से RAS तक का सफर: तीन बार चयन के बाद भी नहीं रुके चंदनसिंह इंदा, आखिर 14वीं रैंक से रचा इतिहास!

Last Updated:April 18, 2026, 16:51 IST

RAS Result 2024: RAS रिजल्ट 2024 में चंदनसिंह इंदा ने 14वीं रैंक हासिल कर एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है. किसान परिवार से आने वाले चंदनसिंह ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ा. उन्होंने 14 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा दी, जहां अनुशासन और समर्पण ने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया. इस दौरान उन्होंने लगातार पढ़ाई जारी रखी और तीन बार चयनित होने के बाद भी बेहतर रैंक के लिए प्रयास करते रहे. आखिरकार RAS 2024 में 14वीं रैंक हासिल कर उन्होंने प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह पक्की कर ली. उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है. उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है.

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14 साल देश सेवा, फिर RAS में एंट्री: चंदनसिंह की मेहनत ने दिलाई 14वीं रैंकZoom14 साल वायुसेना में सेवा, तीन बार चयन के बाद चंदनसिंह इंदा ने RAS 2024 में 14वीं

जोधपुर: बालेसर के हिम्मतनगर गांव के साधारण किसान परिवार से निकले चंदनसिंह इंदा ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) 2024 परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है. जैसे ही राजस्थान लोक सेवा आयोग ने परिणाम घोषित किया, शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई. चंदनसिंह की यह सफलता केवल एक परीक्षा में जीत नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और अटूट संकल्प की कहानी है.

चंदनसिंह ने भारतीय वायुसेना में 14 वर्षों तक देश सेवा की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी छोटा नहीं होने दिया. वायुसेना में रहते हुए ही उन्होंने RAS की तैयारी शुरू की. वर्ष 2021 में उन्हें 221वीं रैंक मिली, जिसके बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर पूरी तरह से अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया.

लगातार प्रयास और लक्ष्य के प्रति समर्पणचंदनसिंह की सफलता का सबसे बड़ा कारण उनका निरंतर प्रयास और धैर्य रहा. 2021 में चयन के बाद उन्होंने राजस्थान लेखा सेवा जॉइन की और वर्तमान में डूंगरपुर जिला परिषद में कार्यरत हैं. इसके बाद 2023 में भी उनका RAS में चयन हुआ, जहां उन्हें राजस्थान तहसील सेवा मिली. लेकिन उनका लक्ष्य SDM बनना था, इसलिए उन्होंने उस पद को स्वीकार नहीं किया और अपनी तैयारी जारी रखी। आखिरकार 2024 में उन्होंने 14वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को साकार कर दिखाया.

परिवार का भी बड़ा योगदान रहाचंदनसिंह की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का भी बड़ा योगदान रहा है. उनके पिता दौलतसिंह एक किसान हैं, जिन्होंने हमेशा अपने बेटे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. माता सुआ कंवर ने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया. उनके भाई भंवरसिंह शिक्षक हैं, जबकि उनकी पत्नी भोम कंवर ने भी पूरे सफर में उनका साथ निभाया. चंदनसिंह की कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

About the AuthorJagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें

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Location :

Jodhpur,Rajasthan

First Published :

April 18, 2026, 16:51 IST

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