Rajasthan

फैक्ट्री के साथ विवाद भी शिफ्ट, राठीखेड़ा के बाद अब बुगलावाली, एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ फिर भड़का जनआक्रोश

Last Updated:December 22, 2025, 21:21 IST

Hanumangarh News : हनुमानगढ़ के बुगलावाली गांव में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों ने खेरूवाला टोल प्लाजा पर धरना दिया, प्रशासन से फैक्ट्री निरस्तीकरण की लिखित गारंटी की मांग की. ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया.

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फैक्ट्री के साथ विवाद भी शिफ्ट, एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ फिर भड़का जनआक्रोश

राजू रामगढ़िया/हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ जिले के संगरिया क्षेत्र में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों का तीखा विरोध सामने आया है. बुगलावाली गांव में प्रस्तावित इस एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीण सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध प्रदर्शन करते हुए खेरूवाला टोल प्लाजा पर धरना लगा दिया है. इस धरने के चलते कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई. ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे किसी भी कीमत पर गांव के आसपास एथेनॉल फैक्ट्री स्थापित नहीं होने देंगे.

ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया. हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े नजर आए और फैक्ट्री के विरोध को लेकर कोई भी समझौता करने से इनकार कर दिया. मौके पर मौजूद संगरिया एसडीएम जय कौशिक ने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए उन्हें वार्ता का न्यौता दिया और आश्वासन दिया कि उनकी आपत्तियों और आशंकाओं को गंभीरता से सुना जाएगा. इसके बावजूद धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि जब तक फैक्ट्री को निरस्त करने का स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

खेरूवाला टोल प्लाजा पर धरना, प्रशासन के लिए बनी चुनौतीएथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में ग्रामीणों ने रणनीतिक रूप से खेरूवाला टोल प्लाजा को धरने के लिए चुना, ताकि उनकी आवाज प्रशासन तक मजबूती से पहुंचे. धरने के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल रहे. ग्रामीणों का आरोप है कि एथेनॉल फैक्ट्री से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल स्तर पर नकारात्मक असर पड़ेगा और खेती व पशुपालन पर सीधा खतरा पैदा होगा. उनका कहना है कि गांव की आजीविका मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है और किसी भी औद्योगिक इकाई से ग्रामीण जीवन प्रभावित होगा.

राठी खेड़ा की घटना ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंताग्रामीणों का विरोध सिर्फ आशंकाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जिले का पिछला अनुभव भी बड़ा कारण है. इससे पहले हनुमानगढ़ जिले के राठी खेड़ा गांव में भी एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर जबरदस्त विरोध हुआ था. उस दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि फैक्ट्री में आगजनी की घटना भी सामने आई थी. लगातार बढ़ते विरोध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए आखिरकार फैक्ट्री प्रबंधन को ही राठी खेड़ा में फैक्ट्री लगाने से इनकार करना पड़ा था. अब वही फैक्ट्री बुगलावाली गांव में प्रस्तावित होने से ग्रामीणों में नाराजगी और डर दोनों साफ दिखाई दे रहे हैं.

बातचीत का प्रस्ताव, लेकिन विरोध बरकरारसंगरिया एसडीएम जय कौशिक ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत की और कहा कि प्रशासन किसी भी निर्णय से पहले सभी पक्षों को सुनेगा. उन्होंने ग्रामीणों को औपचारिक वार्ता का प्रस्ताव दिया, ताकि उनकी समस्याओं और आशंकाओं का समाधान निकाला जा सके. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि वे केवल वार्ता नहीं, बल्कि फैक्ट्री को पूरी तरह निरस्त करने की लिखित गारंटी चाहते हैं.

About the AuthorAnand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

Location :

Hanumangarh,Rajasthan

First Published :

December 22, 2025, 21:21 IST

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