Rajasthan

माधो सागर बांध में पानी की भारी किल्लत, सैकड़ों मछलियों की मौत, बदबू और बीमारी का खतरा

Last Updated:April 20, 2025, 16:08 IST

दौसा जिले के माधो सागर बांध में पानी की कमी से सैकड़ों मछलियां मर रही हैं, जिससे इलाके में बदबू और स्वास्थ्य खतरे बढ़ रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से पानी की आपूर्ति की मांग की है.X
घूमना
घूमना गांव में माधो सागर बांध 

हाइलाइट्स

माधो सागर बांध में पानी की भारी कमी से मछलियों की मौतबदबू और बीमारी का खतरा बढ़ा, ग्रामीणों ने पानी की मांग कीगर्मी बढ़ने से बांध का पानी 8-10 दिन में खत्म हो सकता है

दौसा : जिले के घूमना क्षेत्र स्थित माधो सागर बांध में इन दिनों हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं. बांध में पानी ना के बराबर रह गया है और इसके चलते सैकड़ों मछलियां दम तोड़ चुकी हैं. लगातार हो रही मछलियों की मौत से इलाके में बदबू फैल गई है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे मंडराने लगे हैं.

माधो सागर बांध में जल संसाधन विभाग की ओर से मछली पालन के लिए एक ठेकेदार नियुक्त किया गया था. ठेकेदार के माध्यम से बांध में मछली उत्पादन किया जा रहा था और समय-समय पर मछलियां निकाली भी गई थीं. लेकिन, अब बांध का जल स्तर इतना नीचे चला गया है कि जीवित रह गई मछलियां भी तड़प-तड़पकर मरने को मजबूर हैं.

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बांध में अभी भी हजारों की संख्या में मछली के छोटे-छोटे बच्चे जीवित हैं, जो बचे-खुचे गंदे और गर्म पानी में तड़पते नजर आ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो इन मछलियों की भी मौत निश्चित है. मछलियों की मौत के बाद पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई है, जिससे आस-पास के निवासियों को भारी परेशानी हो रही है. लोगों को डर है कि यह स्थिति किसी बड़ी बीमारी को भी जन्म दे सकती है.

इन सबके बीच दौसा जिले में गर्मी ने भी अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है. तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और विशेषज्ञों का कहना है कि बांध में जो थोड़ा-बहुत पानी बचा है, वह भी मुश्किल से 8-10 दिन ही टिक पाएगा. ऐसे में अगर जल संसाधन विभाग ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया, तो बची हुई मछलियां भी खत्म हो जाएंगी.

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बांध में टैंकरों या किसी अन्य माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाए या फिर जीवित मछलियों को किसी अन्य जल स्रोत में स्थानांतरित किया जाए, ताकि इनका जीवन बचाया जा सके.

पानी के बंटवारे के बाद से ही कम आता है पानी मोरोली बांध से घूमना गांव में स्थित माधो सागर बांध में पहले बड़ी मात्रा में पानी आता था. लेकिन पिछले वर्षों में यह पानी का बंटवारा कर दिया गया जिसके चलते मोरोली बांध से पानी घूमना बांध और भंडारी बांध के लिए किया गया है. इस दौरान 75% पानी घूमना के माधो सागर बांध में डालने के लिए और 25% पानी भंडारी बांध में डालने के लिए समझौता हुआ था. लेकिन यहां के ग्रामीणों का आरोप है कि यह उल्टा कर दिया गया है जिसके चलते यहां माधो सागर बांध में पानी नहीं आता है और कम मात्रा में पानी जाकर पहुंचता हैं लेकिन ठेकेदार के द्वारा कम मात्रा में भी मछली तैयार करने के लिए छोटे-छोटे बच्चे डाले जाते हैं और पानी सूख जाने के बाद उनकी मौत हो जाती है.

Location :

Dausa,Rajasthan

First Published :

April 20, 2025, 16:08 IST

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माधो सागर बांध में पानी की भारी किल्लत, सैकड़ों मछलियों की मौत, बना यह खतरा

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