Sports

केएससीए अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे वेंकटेश प्रसाद, कुंबले और श्रीनाथ ने किया समर्थन,

नई दिल्ली.  पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के आगामी चुनावों में अध्यक्ष पद के लिए चुनौती पेश करेंगे और उनके पैनल को अनिल कुंबले तथा जवागल श्रीनाथ जैसे दिग्गजों का समर्थन मिला है. केएससीए के चुनाव 30 नवंबर को होने हैं और उम्मीदवार बुधवार से 16 नवंबर तक अपने-अपने नामांकन दाखिल कर सकते हैं. रघुराम भट्ट के नेतृत्व वाली पिछली समिति का कार्यकाल 30 सितंबर को समाप्त हो गया था.

अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने के लिए आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में प्रसाद ने कहा, ‘‘मैं अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ूंगा.  हमें चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट की वापसी करानी है और इसके लिए हमें एक ऐसा प्रशासन चाहिए जो पीछे से नियंत्रित नहीं हो. उनके पैनल से चुनाव लड़ने वाले अन्य प्रमुख नामों में पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुजीत सोमसुंदर (उपाध्यक्ष), अनुभवी प्रशासक विनय मृत्युंजय (सचिव), एवी शशिधर (संयुक्त सचिव), मधुकर (कोषाध्यक्ष) और कर्नाटक के पूर्व क्रिकेटर अविनाश वैद्य (बेंगलुरु क्षेत्र से संस्थागत सदस्य) शामिल हैं.

प्रसाद का कर्नाटक में पावरप्ले 

प्रसाद ने कहा कि उनका पैनल 2010-2013 के बीच के उस समय को दोहराने की कोशिश करेगा जब कुंबले के नेतृत्व वाले प्रशासकों ने राज्य क्रिकेट को भारी बढ़ावा दिया था. उन्होंने कहा, ‘‘यही वह समय था जब मैं उपाध्यक्ष था, अनिल कुंबले अध्यक्ष थे और जवागल श्रीनाथ सचिव थे. ये केवल तीन साल थे जब हमने किसी को भी नियंत्रण बनाने या पीछे से इस संघ को चलाने की अनुमति नहीं दी बैकसीट ड्राइविंग सिंड्रोम. प्रसाद ने कहा, ‘‘हमने ऐसा नहीं होने दिया और तभी क्रिकेट फला-फूला, क्रिकेट का बुनियादी ढांचा फला-फूला. अब मुझे बुनियादी ढांचे को देखकर दुख होता है. हमें इसे बदलने की जरूरत है और यही हमारा प्रयास होगा.

कुंबले ने फेंका प्रसाद के लिए गुगली

पूर्व भारतीय कप्तान और कोच कुंबले को उम्मीद है कि अगर नए प्रशासकों का चयन होता है तो वे बदलाव ला सकते हैं. कुंबले ने कहा, ‘‘हम यहां इसलिए हैं क्योंकि हमें लगा कि कर्नाटक क्रिकेट मुश्किल में है और हम यहां बदलाव लाना चाहते हैं और यही कारण था कि हम 15 साल पहले भी प्रशासन में आए थे. उन्होंने कहा, ‘‘अब ऐसा लगता है कि उन तीन वर्षों में जो कुछ भी हुआ वह सब कुछ उलट गया है और वह भी उस समय जब हम संघ से दूर थे. भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने कहा कि कर्नाटक क्रिकेट का गौरव वापस लाना जरूरी है.

कुंबले ने कहा, ‘‘चार जून (आरसीबी की जीत के जश्न के दौरान एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़) हम सभी के लिए एक कलंक था। हमें वाकई बहुत दुख हुआ है और हम उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनी जानें गंवाईं। इसे बदला नहीं जा सकता। लेकिन मुझे लगता है कि कर्नाटक क्रिकेट का गौरव फिर से बरकरार किया जा सकता है। रणजी ट्रॉफी के मामले में कर्नाटक सिर्फ मुंबई के बाद दूसरे स्थान पर था और यह गौरव पिछले कुछ वर्षों में खो गया है.

श्रीनाथ भी प्रसाद के साथ

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज श्रीनाथ ने भी उम्मीद जताई कि प्रशासकों का अधिक सक्रिय समूह कार्यभार संभालेगा और राज्य क्रिकेट को आगे ले जाएगा. श्रीनाथ ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उन्होंने (प्रसाद) जो शब्द गढ़े हैं, उनमें से एक शानदार है. ‘बैकसीट सिंड्रोम’ इसे रोकना होगा.  जब इस केएससीए में थोड़ी गरिमा और सम्मान होगा तो आपको बैकसीट ड्राइविंग की जरूरत नहीं होगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘वेंकी ने जो बातें कहीं और जिन्हें हम लगभग तीन वर्षों में हासिल करने में सक्षम रहे उनमें से एक यह है कि हमने 13 मैदान बनाए. जब एक समूह दूसरे को जिम्मेदारी सौंपता है तो आपको अधिक बुनियादी ढांचा जोड़ने की जरूरत होती है, आपको अधिक मैच जोड़ने और अधिक बच्चों को अवसर देने की आवश्यकता होती है। यही इस संघ का उद्देश्य है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj