वनतारा का ग्लोबल विजन: इंडोनेशिया की अद्भुत बायोडायवर्सिटी को बचाने के लिए शुरू हुआ मिशन

जकार्ता. इंडोनेशिया के वन मंत्री राजा जुली एंटोनी ने सोमवार को जकार्ता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंडोनेशिया में वन्यजीवों के स्वास्थ्य और उनके प्राकृतिक आवास में संरक्षण (इन-सीटू कंजर्वेशन) के प्रयासों को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की घोषणा की. इस कार्यक्रम को ‘वनतारा’ का सहयोग मिल रहा है, जो दुनिया की सबसे बड़ी वन्यजीव संरक्षण पहलों में से एक है. इसे रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने इंडोनेशिया के जाने-माने वन्यजीव संगठन ‘PT फौना लैंड ग्रुप’ के साथ मिलकर शुरू किया है.
एंटोनी ने कहा, “वन्यजीवों का संरक्षण आखिरकार हमारी ही जिम्मेदारी है. हमें यह पक्का करना होगा कि इंडोनेशिया के पास ऐसी सुविधाएं, विशेषज्ञता और संसाधन हों जिनसे हम अपने वन्यजीवों की देखभाल कर सकें, चाहे उन्हें हमारी ज़रूरत कहीं भी हो. इस साझेदारी के ज़रिए हम वन्यजीवों के स्वास्थ्य और संरक्षण से जुड़े अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहे हैं, जिसमें वनतारा अपने अनुभव, विशेषज्ञता और संसाधनों से हमारी मदद कर रहा है. इस सहयोग के तहत सभी सुविधाओं और कार्यक्रमों का मालिकाना हक, संचालन और प्रबंधन इंडोनेशिया सरकार और संबंधित अधिकारियों के पास होगा. इससे यह पक्का होगा कि ये सुविधाएं इंडोनेशिया की संरक्षण प्राथमिकताओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारे वन्यजीवों की सेवा करें.”
वनतारा के CEO विवान करानी ने कहा, “हम इंडोनेशिया सरकार और अपने सहयोगियों के आभारी हैं कि उन्होंने हम पर भरोसा किया और इंडोनेशिया के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में योगदान देने का मौका दिया. इंडोनेशिया में दुनिया की कुछ सबसे अद्भुत जैव-विविधता (बायोडायवर्सिटी) मौजूद है. वनतारा के लिए यह गर्व की बात है कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए इस प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करने में देश का सहयोग कर रहा है. वनतारा ने वन्यजीवों के स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, पशुपालन और संरक्षण के क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है और हमें खुशी है कि हम उस अनुभव को इंडोनेशिया के साथ साझा कर रहे हैं. हम देश के संरक्षण से जुड़े व्यापक अनुभव से सीखने के लिए भी उत्सुक हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम चाहते हैं कि यह साझेदारी वन्यजीवों के लिए कुछ व्यावहारिक और स्थायी परिणाम दे.”
फौना लैंड के CEO डैनी गुनालेन ने कहा, “इंडोनेशिया को अद्भुत वन्यजीव और जैव-विविधता का वरदान मिला है और इस प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है. हमें खुशी है कि हम इंडोनेशिया सरकार और वनतारा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. हम देश भर में वन्यजीवों के स्वास्थ्य और देखभाल को बेहतर बनाने के लिए अपने-अपने अनुभव और विशेषज्ञता को एक साथ ला रहे हैं. हमें उम्मीद है कि यह साझेदारी स्थानीय क्षमता का विकास करेगी, वन्यजीवों के लिए उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जानवरों और उनकी रक्षा के लिए समर्पित लोगों के जीवन में वास्तविक और स्थायी बदलाव लाएगी.” यह प्रोग्राम इंडोनेशिया के वाइल्डलाइफ़ हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और फील्ड क्षमताओं को मज़बूत करेगा. इसके तहत वनतारा, इंडोनेशियाई अधिकारियों के नेतृत्व वाले प्रोग्राम्स में स्पेशलिस्ट वेटेरिनरी विशेषज्ञता, तकनीकी सहायता, इंफ्रास्ट्रक्चर में मदद और क्षमता निर्माण जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा.
घोषित की गई मुख्य पहलों में इंडोनेशिया में वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े हाथी देखभाल करने वालों, पशु चिकित्सकों और अन्य अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण प्रशिक्षण; इंडोनेशिया भर में जंगली जानवरों की ज़रूरतों को उनके प्राकृतिक आवास (इन-सीटू) में ही पूरा करने के लिए ’10 हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’ (चलते-फिरते अस्पताल); और आधुनिक उपकरणों, औज़ारों और तकनीकों के साथ ‘वे कंबस एलिफेंट हॉस्पिटल’ को ‘एलिफेंट ट्रीटमेंट एंड केयर सेंटर’ में अपग्रेड करना शामिल है. अपग्रेड किया गया अस्पताल इंसानों की देखरेख में रह रहे 62 सुमात्रन हाथियों और आसपास के इलाकों में रहने वाले लगभग 100 जंगली सुमात्रन हाथियों की मदद करेगा.
ये पहल इंडोनेशिया सरकार और वनतारा के बीच पहले से मौजूद समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत व्यापक सहयोग का हिस्सा हैं. यह समझौता ज्ञापन वन्यजीव स्वास्थ्य, पशु कल्याण और संरक्षण के क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है. इस MoU के तहत, दोनों पक्षों ने इंडोनेशिया की राष्ट्रीय संरक्षण प्राथमिकताओं के अनुरूप सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है. वनतारा, इंडोनेशिया सरकार, संबंधित राष्ट्रीय संस्थानों और ‘फौना लैंड’ के साथ मिलकर काम करते हुए अपनी पशु चिकित्सा, पशु देखभाल और संरक्षण विशेषज्ञता, तकनीकी क्षमताओं, बुनियादी ढांचे के सहयोग और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के ज़रिए योगदान देगा.
इस व्यापक सहयोग में वन्यजीव स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा देखभाल, इन-सीटू (प्राकृतिक आवास में) और एक्स-सीटू (प्राकृतिक आवास से बाहर) संरक्षण, पशु कल्याण, संरक्षण प्रजनन, पुनर्वास, रीवाइल्डिंग (जंगल में वापस छोड़ना) और क्षमता निर्माण के साथ-साथ आपसी सहमति वाले सहयोग के अन्य क्षेत्र शामिल हैं.
वनतारा के लिए, यह सहयोग उसके पांच-वर्षीय योजना के जारी होने के बाद हुआ है और यह उसके अंतरराष्ट्रीय संरक्षण कार्यों के बड़े विस्तार को दर्शाता है. इसके तहत जामनगर स्थित केंद्र में विकसित विशेषज्ञता और क्षमताओं का उपयोग वन्यजीव स्वास्थ्य, पशु देखभाल और इन-सीटू संरक्षण पहलों में मदद के लिए किया जाएगा. यह साझेदारी वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास (इन-सीटू) में संरक्षण के लिए अपने सहयोग को और बढ़ाने के वास्ते भारत के CITES प्रबंधन प्राधिकरण के प्रति वनतारा की हालिया स्वैच्छिक प्रतिबद्धताओं के अनुरूप भी है. इंडोनेशिया सरकार और वनतारा, इंडोनेशिया की राष्ट्रीय संरक्षण प्राथमिकताओं और लागू कानूनों व नीतियों के अनुसार सहयोग के सहमत क्षेत्रों को विकसित करना जारी रखेंगे.



