Thyroid Healthy Breakfast: थायराइड है तो ऐसे करें ब्रेकफास्ट, T3-T4 को बैलेंस रखने में मदद करेगा ऐसा नाश्ता

थायराइड की समस्या है तो सुबह का नाश्ता सोच-समझकर करें. प्रोटीन, फाइबर, आयोडीन और सेलेनियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स डाइट का हिस्सा बनाएं. जानिए थायराइड में नाश्ते के लिए क्या खाएं, किन चीजों का ध्यान रखें और दवा लेने के बाद ब्रेकफास्ट का सही समय क्या होना चाहिए. थायराइड की समस्या होने पर सिर्फ दवा लेना ही काफी नहीं माना जाता. खान-पान और रोज की दिनचर्या का भी ध्यान रखना जरूरी है. खासकर सुबह का नाश्ता ऐसा होना चाहिए, जिससे शरीर को दिन की शुरुआत के लिए पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स मिल सकें.
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि कोई एक खास फूड टी3 और टी4 हार्मोन को सीधे बैलेंस नहीं करता. लेकिन संतुलित डाइट शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने और ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करने में मदद कर सकती है. अगर आपको हाइपोथायरॉइडिज्म है और आप दवा लेते हैं, तो नाश्ते के समय दवा और खाने के बीच का अंतर भी डॉक्टर की सलाह के मुताबिक रखें.
थायराइड की समस्या होने पर सिर्फ दवा लेना ही काफी नहीं माना जाता.
नाश्ते में प्रोटीन जरूर लें-थायराइड की समस्या में ऐसा नाश्ता चुनना अच्छा रहता है, जिसमें प्रोटीन शामिल हो. इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है और दिनभर अनहेल्दी स्नैकिंग से बचने में मदद मिल सकती है. इसके लिए आप अंडा, पनीर, दही, मूंग दाल का चीला, बेसन चीला या अंकुरित दाल जैसे विकल्प ले सकते हैं. अगर आप शाकाहारी हैं, तो दाल और पनीर अच्छे विकल्प हो सकते हैं.
साबुत अनाज और फाइबर को दें जगह-नाश्ते में मैदा या बहुत ज्यादा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट लेने के बजाय साबुत अनाज को जगह देना बेहतर विकल्प हो सकता है. ओट्स, दलिया, मल्टीग्रेन रोटी या साबुत अनाज से बनी चीजें नाश्ते में शामिल की जा सकती हैं. इसके साथ फल या कुछ सब्जियां जोड़ने से भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ सकती है. इससे नाश्ता ज्यादा संतुलित बनता है.
आयोडीन और सेलेनियम वाले फूड्स-थायराइड हार्मोन बनाने के लिए शरीर को आयोडीन की जरूरत होती है, जबकि सेलेनियम भी थायराइड के सामान्य कामकाज से जुड़ा पोषक तत्व है. आयोडीन युक्त नमक सामान्य मात्रा में लेना जरूरी है, लेकिन अतिरिक्त आयोडीन सप्लीमेंट खुद से शुरू नहीं करना चाहिए.
नएआईएच के मुताबिक, सेलेनियम थायराइड ग्लैंड के सामान्य कामकाज और थायराइड हार्मोन के मेटाबॉलिज्म में भूमिका निभाता है. सेलेनियम और अन्य पोषक तत्वों के लिए अंडा, मछली, दाल, डेयरी और कुछ नट्स जैसे खाद्य पदार्थ डाइट का हिस्सा हो सकते हैं. सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
दवा लेते हैं तो नाश्ते का समय समझें-थायराइड की दवा, खासकर लेवोथायरॉक्सिन, लेने का तरीका काफी महत्वपूर्ण हो सकता है. इसे डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके से लेना चाहिए. कई लोगों को इसे खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है और खाने के लिए कुछ समय इंतजार करना पड़ता है. इसके अलावा कैल्शियम और आयरन जैसे कुछ सप्लीमेंट दवा के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए इन्हें थायराइड की दवा के साथ एक ही समय पर लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लें.
क्या नाश्ते में चाय-कॉफी ही काफी है?सुबह उठते ही सिर्फ चाय या कॉफी पीकर निकल जाना अच्छी आदत नहीं है. इससे शरीर को पर्याप्त प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते. कोशिश करें कि चाय-कॉफी के साथ या उसके बजाय पौष्टिक नाश्ता जरूर करें.
याद रखें, थायराइड में कोई जादुई ब्रेकफास्ट नहीं है. सही मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों वाला संतुलित नाश्ता आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है. अगर आप थायराइड की दवा लेते हैं, तो दवा का सही समय और खाने के बीच का अंतर डॉक्टर की सलाह के अनुसार रखें. अपनी दवा की डोज या डाइट में बड़ा बदलाव खुद से न करें.
डिस्क्लेमर: थायराइड से जुड़ी डाइट और नाश्ते की यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है. यह किसी डॉक्टर की सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है. थायराइड की दवा, उसकी खुराक या डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें. हर व्यक्ति की थायराइड स्थिति और जरूरत अलग हो सकती है.



