How to Grow Thai Pink Guava on Terrace | Easy Home Gardening Tips

Last Updated:December 19, 2025, 09:05 IST
How to Grow Thai Pink Guava on Terrace: शहरों में टेरेस गार्डनिंग के जरिए थाई पिंक अमरूद उगाना काफी आसान हो गया है. बड़े गमले, सही धूप और जैविक खाद की मदद से 8-12 महीने में फल मिलने शुरू हो जाते हैं. यह पौधा कम जगह में अच्छी पैदावार देता है और स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी है.

अगर आप भी अपने घर की छत को हरा-भरा बनाना चाहते हैं और साथ ही ताजे व सेहतमंद फलों का आनंद लेना चाहते हैं, तो थाई पिंक अमरूद एक बेहतरीन विकल्प है. यह अमरूद न केवल देखने में आकर्षक होता है, बल्कि स्वाद में मीठा और पोषण से भी भरपूर होता है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे आसानी से घर की छत या टेरेस गार्डन में गमलों में उगाया जा सकता है.

थाई पिंक अमरूद अपने विशेष गुलाबी रंग के कारण न केवल दिखने में सुंदर होता है, बल्कि यह सामान्य अमरूद की तुलना में कहीं अधिक गुणकारी भी है. इसमें विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. यह इम्युनिटी को मजबूत करने, पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और त्वचा में प्राकृतिक चमक लाने में काफी सहायक माना जाता है. बाजार में उच्च मांग और अधिक कीमत होने के कारण, इसे घर पर उगाना स्वास्थ्य और बचत दोनों लिहाज से एक समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है.

थाई पिंक अमरूद को बीज या ग्राफ्टेड (कलमी) पौधे, दोनों तरीकों से उगाया जा सकता है. हालांकि, बेहतर गुणवत्ता और जल्दी फल प्राप्त करने के लिए नर्सरी से ग्राफ्टेड पौधा लेना सबसे अच्छा विकल्प रहता है. चूंकि अमरूद के पौधे को फैलने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए होती है, इसलिए छत पर उगाने के लिए 18 से 24 इंच का मजबूत गमला, ग्रो बैग या प्लास्टिक ड्रम का उपयोग करें. ध्यान रखें कि गमले के तल में पानी की निकासी (Drainage) के लिए छेद जरूर हों, ताकि जड़ें सड़ें नहीं.
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अमरूद के पौधे के बेहतर विकास के लिए भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण कदम है. एक आदर्श मिश्रण बनाने के लिए 40 प्रतिशत गार्डन की मिट्टी, 30 प्रतिशत पुरानी गोबर की सड़ी खाद, 20 प्रतिशत रेत और 10 प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट को आपस में अच्छी तरह मिलाएं. यह संतुलित मिश्रण न केवल जड़ों को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि पौधे के समग्र विकास और बेहतर फल उत्पादन में भी सहायक होता है.

थाई पिंक अमरूद के पौधे के अच्छे विकास और भरपूर फलों के लिए सही मात्रा में धूप और पानी मिलना बहुत जरूरी है. इस पौधे को रोजाना कम से कम 6 से 7 घंटे की सीधी धूप की आवश्यकता होती है, इसलिए गमले को छत के ऐसे हिस्से में रखें जहां सबसे ज्यादा रोशनी आती हो. सिंचाई की बात करें तो गर्मियों में पौधे को रोजाना पानी की जरूरत होती है, जबकि सर्दियों में 2-3 दिन में एक बार पानी देना पर्याप्त रहता है. हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि गमले में पानी का जमाव न हो, क्योंकि जलभराव से जड़ें सड़ने का खतरा रहता है.

थाई पिंक अमरूद के पौधे से बेहतर पैदावार लेने के लिए समय-समय पर इसकी सूखी टहनियों की छंटाई (Pruning) करते रहना चाहिए. इससे पौधे का आकार सही बना रहता है और नई शाखाओं को पनपने की जगह मिलती है. इसके साथ ही, महीने में एक बार जैविक खाद का उपयोग करना पौधे के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद रहता है. यदि आप पूरी सावधानी और सही तकनीक से देखभाल करते हैं, तो मात्र 8 से 12 महीनों के भीतर ही पौधे पर रसीले फल आने लगते हैं. आजकल शहरों में टेरेस गार्डनिंग का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है. सीमित जगह में भरपूर फायदे और घर के ताजे, आर्गेनिक फल मिलने के कारण थाई पिंक अमरूद जैसे फलदार पौधे लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं. यही वजह है कि लोग अब अपनी छतों को ही सुंदर और उपयोगी ‘मिनी बगीचे’ में बदल रहे हैं.
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December 19, 2025, 09:00 IST
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कम जगह, ज्यादा फल, घर पर गमले में उगाएं गुलाबी अमरूद, बस फॉलो करें ये टिप्स



