फायदे और इस्तेमाल के तरीके

Last Updated:November 27, 2025, 17:13 IST
पिंपल्स की समस्या अब आम समस्या बन गई है. जिसे देखो वह पिंपल से परेशान है क्योंकि त्वचा पर बार-बार उभरने वाले पिंपल्स न सिर्फ हमारे चेहरे की खूबसूरती को कम करते हैं, बल्कि आत्मविश्वास भी घटा देते हैं. अक्सर क्रीम, फेस-वॉश और दवाइयां आज़माने के बाद भी पिंपल्स दोबारा लौट आते हैं.एक बेहद असरदार और पारंपरिक उपाय है शाल्मली वृक्ष का प्रयोग. इसे कई जगह “पिंपल्स का पेड़” भी कहा जाता है,
पिंपल्स की समस्या आज आम होती जा रही है, जिसे देखो, वह पिंपल्स से परेशान है, क्योंकि त्वचा पर बार-बार उभरने वाले पिंपल्स न केवल चेहरे की खूबसूरती को कम करते हैं, बल्कि आत्मविश्वास भी घटा देते हैं. अक्सर क्रीम, फेस वॉश और दवाइयाँ आज़माने के बावजूद पिंपल्स दोबारा लौट आते हैं.

तब लोग प्राकृतिक और देसी उपचार की तलाश करते हैं, ऐसा ही एक बेहद असरदार और पारंपरिक उपाय है शाल्मली वृक्ष का प्रयोग. इसे कई जगह “पिंपल्स का पेड़” भी कहा जाता है, क्योंकि इसका लेप चेहरे की दानों वाली त्वचा पर चमत्कारी असर डालता है.

शाल्मली एक बड़ा और कांटेदार वृक्ष है, जिसके छाल पर मजबूत काँटे पाए जाते हैं. आयुर्वेद में इस वृक्ष को त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए बेहद उपयोगी माना गया है. इसके कांटों में प्राकृतिक गुण होते हैं, जो त्वचा की सूजन को शांत करने और पिंपल्स को सूखाने में मदद करते हैं.
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सबसे पहले शाल्मली की छाल से ताज़े काँटे तोड़ें। इन काँटों को हल्का-सा खुरचकर या घिसकर एक लेप जैसा बना लें. इस लेप को सीधे पिंपल्स पर लगाएँ। फिर 10 से 15 मिनट बाद चेहरा साफ पानी से धो लें. इसका नियमित उपयोग करने से पिंपल्स धीरे-धीरे सूखने लगते हैं और चेहरे पर नए दाने आने की संभावना भी कम हो जाती है.

यह इतना असरदार इसलिए है क्योंकि शाल्मली के काँटों में एंटी-सेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया को कम करते हैं. इसके साथ ही इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो सूजन और लालपन को शांत करते हैं. इसमें स्किन-हीलिंग गुण होते हैं, जो घाव और दाने जल्दी भरने में मदद करते हैं. इन्हीं गुणों की वजह से यह पिंपल्स पर बेहद तेजी से काम करता है.

शाल्मली वृक्ष का कांटा पिंपल्स के लिए एक सस्ता, आसान और पूरी तरह प्राकृतिक उपाय है. यह त्वचा की गहराई में काम करके दानों को सुखाता है और नए पिंपल्स आने से भी रोकता है, इसलिए इसे आज भी लोग “पिंपल्स का पेड़” कहकर पहचानते हैं. यह केमिकल्स से बनी महंगी क्रीम से बेहतर उपाय है। न तो इसका कोई साइड इफेक्ट है और न ही कोई नुकसान, यह एक बेहतर विकल्प है.
First Published :
November 27, 2025, 17:13 IST
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पिंपल्स के लिए शाल्मली वृक्ष, जानिए इसके फायदे और इस्तेमाल का तरीका



