Rajasthan

पहाड़ों में दिखने वाली बुलबुल पहुंची केवलादेव, जानें इस दुर्लभ पक्षी की खास पहचान

Last Updated:August 16, 2026, 08:04 IST

Rare Bird Red Whiskered Bulbul: भरतपुर के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में इन दिनों रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल ने पक्षी प्रेमियों का ध्यान खींचा है. यह पक्षी आमतौर पर पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाया जाता है, लेकिन केवलादेव में समुद्र तल से महज करीब 183 मीटर की ऊंचाई पर इसका दिखाई देना विशेषज्ञों के लिए खास है. स्थानीय पक्षी विशेषज्ञ दीपक मुद्गल के अनुसार इसे पिछले सप्ताह बकालिया पट्ट और एल ब्लॉक क्षेत्र में देखा गया. इसकी मौजूदगी केवलादेव की समृद्ध जैव विविधता और अनुकूल प्राकृतिक पर्यावास को दर्शाती है.

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भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में इन दिनों एक ऐसी बुलबुल ने पक्षी प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जो आमतौर पर पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिखाई देती है. साउथ एशिया मूल की रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल की पार्क में मौजूदगी को विशेषज्ञ काफी खास मान रहे हैं. मैदानी इलाके में इस पक्षी का दिखाई देना केवलादेव की समृद्ध जैव विविधता को भी दर्शाता है.

स्थानीय पक्षी विशेषज्ञ और नेचर गाइड दीपक मुद्गल ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल को पिछले सप्ताह केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के बकालिया पट्ट और एल ब्लॉक क्षेत्र में देखा गया. उन्होंने बताया कि पार्क में बुलबुल की तीन प्रमुख प्रजातियां देखने को मिलती हैं. इनमें रेड-वेंटेड बुलबुल और व्हाइट-चीक्ड बुलबुल अपेक्षाकृत सामान्य हैं. जबकि रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल का दिखना काफी दुर्लभ है.

ऊंचाई वाले स्थान पर रहना पसंद करती है बुलबुल की यह प्रजाति

क्षी विशेषज्ञ और नेचर गाइड दीपक मुद्गल के मुताबिक रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल सामान्य तौर पर समुद्र तल से करीब 500 से 2000 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपना आवास बनाती है. वहीं भरतपुर समुद्र तल से करीब 183 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. ऐसे में इतनी कम ऊंचाई वाले क्षेत्र में इसका नजर आना पक्षी प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बन गया है. हालांकि भोजन और अनुकूल परिस्थितियों की तलाश में पक्षियों का अपने सामान्य क्षेत्र से बाहर जाना संभव है.

आकार में बड़ी होती है रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल

दीपक मुद्गल ने बताया कि रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल की पहचान उसके खास हुलिए से आसानी से की जा सकती है. यह सामान्य रेड-वेंटेड बुलबुल की तुलना में कुछ बड़ी होती है. इसके सिर पर उभरी हुई कलगी गाल के पास लाल रंग का निशान सीने पर हल्की धारियां और लंबी पूंछ इसकी प्रमुख पहचान हैं.यह पक्षी अपने क्षेत्र को लेकर भी काफी सतर्क और आक्रामक व्यवहार के लिए जाना जाता है.

खतरा महसूस होने पर तेज आवाज निकालती है रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल 

भोजन, घोंसले या बच्चों की सुरक्षा के दौरान यह दूसरी चिड़ियों को अपने इलाके में आने से रोकता है और खतरा महसूस होने पर तेज आवाज में चेतावनी देता है. केवलादेव जैसे महत्वपूर्ण वेटलैंड में अलग-अलग आवासों से पक्षियों का पहुंचना यहां मौजूद भोजन, जल और प्राकृतिक पर्यावास की विविधता को दर्शाता है. यही वजह है कि रेड-व्हिस्कर्ड बुलबुल जैसे दुर्लभ प्रजाति की पक्षी का दिखना केवल एक पक्षी दर्शन नहीं बल्कि भरतपुर के केवलादेव की जैव विविधता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Bharatpur,Rajasthan

First Published :

August 16, 2026, 08:04 IST

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