जिस भाई के साथ जिंदगी बिताई, उसकी मौत पर टूटा बड़े भाई का दिल, एक चिता पर दोनों को दी गई अंतिम विदाई

कोटा. रिश्तों की डोर कितनी गहरी होती है, इसका भावुक कर देने वाला नजारा कोटा के बोरखेड़ा में देखने को मिला. यहां छोटे भाई की मौत की खबर सुनने के बाद बड़े भाई ने भी दम तोड़ दिया. कुछ ही समय के अंतराल में एक ही परिवार के दो भाइयों की मौत से पूरा परिवार सदमे में डूब गया. सबसे मार्मिक दृश्य उस वक्त सामने आया, जब दोनों भाइयों की अर्थियां एक साथ घर से निकलीं और दोनों का अंतिम संस्कार भी एक ही चिता पर किया गया. बोरखेड़ा निवासी 75 वर्षीय दुर्गालाल कुशवाह लंबे समय से बीमार चल रहे थे.
दुर्गालाल कुशवाह इलाज के लिए कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती थे. उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. घर पर मौजूद उनके बड़े भाई गोपाल कुशवाह को जब छोटे भाई के निधन की जानकारी मिली तो वह इस सदमे को सहन नहीं कर सके. उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई. परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच बेहद गहरा लगाव था और लंबे समय से दोनों एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ रहे थे.
छोटे भाई की मौत की खबर ने बड़े भाई को तोड़ा
दुर्गालाल कुशवाह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे. उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया था. अस्पताल में उपचार के दौरान दुर्गालाल ने दम तोड़ दिया. इसके बाद परिवार में उनके निधन की खबर पहुंची. दुर्गालाल के बड़े भाई गोपाल कुशवाह उस समय घर पर थे. जैसे ही उन्हें छोटे भाई की मौत की सूचना मिली, वह गहरे सदमे में चले गए. परिजनों के मुताबिक उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
दोनों भाइयों के बीच था गहरा लगाव
परिवार के लोगों के मुताबिक दुर्गालाल और गोपाल के बीच बेहद गहरा भावनात्मक रिश्ता था. दोनों भाइयों का एक-दूसरे से खास लगाव था और लंबे समय से साथ रहते हुए हर परिस्थिति में एक-दूसरे का सहारा बने हुए थे. बताया जा रहा है कि दुर्गालाल लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे, जबकि गोपाल सामान्य रूप से स्वस्थ थे. ऐसे में छोटे भाई की मौत के बाद बड़े भाई की अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया.
एक साथ निकली दोनों भाइयों की अर्थी
एक ही परिवार में कुछ समय के अंतराल पर दो मौतों की खबर से बोरखेड़ा इलाके में भी शोक की लहर दौड़ गई. जब दोनों भाइयों की अर्थियां एक साथ घर से निकलीं तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. जिन दोनों भाइयों ने जीवन का लंबा सफर साथ तय किया, उनकी अंतिम यात्रा भी एक साथ निकली. परिजनों ने दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था.
साथ जिए और साथ ही दुनिया से विदा हुए
दुर्गालाल और गोपाल की मौत ने परिवार को भीतर तक झकझोर दिया है. एक भाई लंबे समय से बीमारी से जूझ रहा था, लेकिन दूसरे भाई की अचानक मौत ने इस घटना को और भी मार्मिक बना दिया. दोनों भाइयों का आपसी प्रेम और लगाव परिवार के लोगों के लिए हमेशा यादगार रहेगा. छोटे भाई के निधन की खबर सुनने के बाद बड़े भाई का भी दुनिया से चले जाना और फिर दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार होना इस दुखद घटना को और भी भावुक बना गया.



