किसानों की चमकेगी किस्मत, बागवानी के लिए खाते में आएंगे लाखों रुपए, तुरंत ऐसे उठाएं फायदा

शाहजहांपुर जिले के किसानों की आय बढ़ाने और औद्यानिक फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना’ चलाई जा रही है. इस योजना के माध्यम से उद्यान विभाग किसानों को फलदार बाग लगाने, ड्रैगन फ्रूट जैसी एग्जोटिक यानी विदेशी फसलों की खेती, सब्जियों के बीज, औषधि पौधों और कृषि यंत्रीकरण पर भारी अनुदान दिया जा रहा है. योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती से हटकर किसानों को व्यावसायिक बागवानी और आधुनिक तकनीकों की ओर प्रेरित करना है. इच्छुक किसानों को ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर इस योजना का लाभ दिया जाएगा.
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक का कहना है कि जिले में ‘मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना’ संचालित है. इसके तहत फलदार बागों के लिए 50 हजार और ड्रैगन फ्रूट के लिए भी भारी अनुदान दिया जा रहा है. इसके अलावा किसानों को सब्जियों के निशुल्क बीज, प्लास्टिक क्रेट, ड्रिप-मल्चिंग, मचान और मशरूम उत्पादन पर भी भारी छूट दी जा रही है. कृषि में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने हेतु पावर टिलर, स्प्रेयर और मिनी ट्रैक्टर जैसी मशीनों पर भी अनुदान उपलब्ध हैं. किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि के दस्तावेज और फोटो लेकर जल्द आवेदन कर सकते हैं, क्योंकि यह योजना ‘पहले आओ, पहले पाओ’ पर आधारित है.
फलदार बागवानी और एग्जोटिक फसलों पर अनुदानमुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत शाहजहांपुर में किसानों को नए बाग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. आम, अमरूद और पपीता जैसे फलदार बाग लगाने पर किसानों को 50 हजार प्रति हेक्टेयर अनुदान दो किश्तों में दिया जाएगा. वहीं, एग्जोटिक फसल ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा 2 लाख 70 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से भारी सब्सिडी दी जा रही है, जिससे किसानों की आय में भारी बढ़ोतरी होगी.
निशुल्क बीज, मचान और मसाला खेती प्रोत्साहनसब्जी और मसाला उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संकर शाक-भाजी कार्यक्रम के तहत किसानों को सब्जियों के निशुल्क बीज तथा प्लास्टिक क्रेट वितरित किए जा रहे हैं. मसाला खेती के अंतर्गत प्याज और लहसुन के बीज मुफ्त दिए जाएंगे. खरीफ फसलों में कद्दूवर्गीय सब्जियों की गुणवत्ता सुधारने के लिए मचान विधि पर खेती करने वाले किसानों को 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान है. इसके अलावा औषधीय फसल शतावर की पौध भी उपलब्ध कराई जाएगी.
कृषि यंत्रीकरण, मशरूम व आधुनिक तकनीकउद्यान विभाग बागवानी में मैकेनाइजेशन और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग पर विशेष जोर दे रहा है. योजना के तहत पावर टिलर, स्प्रेयर और मिनी ट्रैक्टर खरीदने पर अनुदान शामिल है. इसके अलावा, फलों की सुरक्षा और गुणवत्ता के लिए फ्रूट बैग निशुल्क दिए जाएंगे. मशरूम उत्पादन के लिए लो-कॉस्ट प्रोडक्शन यूनिट लगाने तथा फसलों की सुरक्षा एवं नमी बनाए रखने के लिए प्लास्टिक मल्चिंग पर भी विशेष आर्थिक सहायता दी जा रही है.
‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर पंजीकरणजिला उद्यान अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ पूर्णतः पारदर्शी तरीके से ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत पर दिया जाएगा. इसके लिए किसानों को अपने जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन की खतौनी और दो पासपोर्ट साइज फोटो लेकर उद्यान विभाग के कार्यालय में संपर्क करना होगा.



