मुजफ्फरपुर की ‘शाही लीची’ का नया अवतार! स्वाद ही नहीं, अब बन रहे मोम के आकर्षक गिफ्ट, छा गई ये अनूठी पहल

मुजफ्फरपुर: देश-दुनिया में पहचान रखने वाले मुजफ्फरपुर की लीची अब सिर्फ फल और स्वाद तक सीमित नहीं रह गई है. शहर में लीची की पहचान को कला और क्रिएटिविटी से जोड़ते हुए अब मोम से लीची की आकृति वाले आकर्षक गिफ्ट और डेली यूज के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. लीचीपुरम सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान के तहत तैयार किए जा रहे ये उत्पाद लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.
अभियान के संस्थापक एवं पर्यावरणविद् सुरेश गुप्ता की प्रेरणा से वैक्स आर्टिस्ट मानसी श्रीवास्तव, सैम और ज्योति श्रीवास्तव लीची की आकृति को आधार बनाकर अलग-अलग तरह के वैक्स उत्पाद तैयार कर रहे हैं. इनमें लीची पॉट, बीयर ड्रिंक कप, टी कप, बास्केट, पॉजिटिव वाइब कैंडल और वार्डरोब में कपड़ों के बीच रखने के लिए सुगंधित वैक्स ब्रिक्स प्रमुख हैं. इनकी कीमत करीब 120 से 500 रुपये तक रखी गई है.
गिफ्ट के साथ डेली यूज में भी इस्तेमालवैक्स से तैयार किए जा रहे उत्पादों की खासियत यह है कि इन्हें केवल सजावटी सामान या गिफ्ट आइटम के रूप में ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी लाया जा सकता है. खास तौर पर पॉजिटिव वाइब कैंडल लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है. वहीं सुगंधित वैक्स ब्रिक्स को वार्डरोब में कपड़ों के बीच रखा जा सकता है, जिससे कपड़ों में खुशबू बनी रहती है.
सुरेश गुप्ता बताते हैं कि मुजफ्फरपुर की पहचान लीची से है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लीची के पेड़ों की लगातार कटाई चिंता का विषय बनी है. इसका असर पर्यावरण, स्थानीय रोजगार और शहर की सांस्कृतिक पहचान पर भी पड़ रहा है. इसी सोच के साथ लीची को केवल एक फल नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और स्थानीय पहचान के रूप में स्थापित करने की कोशिश की जा रही है.
कई विधाओं में तैयार हो चुकी है लीचीपुरम आर्टअभियान के तहत अब तक कपड़े, कैनवस, अनुपयोगी लीची की लकड़ी, मेहंदी, लहठी, छाता, क्रोशिया, सुजनी, चिकनकारी, पेड़ा समेत कई माध्यमों में लीचीपुरम आर्ट विकसित की जा चुकी है. अब इसमें वैक्स आर्ट को भी शामिल किया गया है.
सुरेश गुप्ता के अनुसार, फिलहाल मोम से जुड़े कई नए डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं, जिनका फाइनल इनोवेशन जल्द सामने आएगा. रक्षाबंधन को लेकर भी मोम से आकर्षक डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें गिफ्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा. आगे वैक्स आर्ट के माध्यम से मानव आकृति तैयार करने की भी योजना है.
उन्होंने बताया कि लीचीपुरम आर्ट से अब तक हजारों लोग जुड़ चुके हैं. इसका उद्देश्य मुजफ्फरपुर की लीची को फल के साथ-साथ कला के माध्यम से भी देश-दुनिया तक पहुंचाना है. अभियान “Local Pride, Global Ride” के मंत्र के साथ स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को मंच देने का प्रयास कर रहा है. वहीं लोगों को “मीठा मुस्कुराइए” का संदेश भी दिया जा रहा है.



