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राजस्थान में बारिश पर लगा ब्रेक, 2-3 दिन तक मानसनू सुस्त, 20 अगस्त से बारिश के आसार

जयपुर. राजस्थान में मानसून की चाल फिलहाल धीमी पड़ गई है. आईएमडी और मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा अपडेट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अब मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल गया है और इसके अगले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है. इस सिस्टम के असर और मानसून ट्रफ के सामान्य से उत्तर की ओर खिसकने के कारण राजस्थान में अगले 2 से 3 दिन बारिश की गतिविधियों में कमी रहने का अनुमान है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि प्रदेश में बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी.

पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, बादल छाने और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है. जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश इलाकों में मानसून कमजोर रहेगा और मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रह सकता है. राहत की बात यह है कि 18 अगस्त के लिए राजस्थान के किसी भी जिले में भारी या अतिभारी बारिश की व्यापक चेतावनी जारी नहीं की गई है.

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब अवदाब में बदल गया है

राजस्थान में व्यापक बारिश की संभावना बेहद कम

आईएमडी के अनुसार मानसून ट्रफ फिलहाल फिरोजपुर, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर और मुंगेर होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के केंद्र तक फैली हुई है. इसके बाद यह पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट से दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है. चूंकि ट्रफ राजस्थान से उत्तर की ओर खिसकी हुई है, इसलिए प्रदेश में व्यापक और लगातार बारिश की संभावना कम है. इसके बावजूद राजस्थान के मध्य हिस्सों में 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. यह सिस्टम स्थानीय स्तर पर बादल बनने और छिटपुट बारिश करा सकता है.

राजस्थान में अगले 2-3 दिन बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है.

पूर्वी राजस्थान में कहां बारिश की संभावना?

आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. जिन जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है, उनमें जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, झुंझुनूं और चूरू के कुछ इलाके शामिल हैं. 20 से 23 अगस्त के दौरान भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. कोटा और उदयपुर संभाग में भी बीच-बीच में बौछारें पड़ सकती हैं.

पश्चिमी राजस्थान में कमजोर रहेगा मानसून

पश्चिमी राजस्थान में अगले 4 से 5 दिन मानसून कमजोर रहने का अनुमान है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है. हालांकि बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी क्षेत्र में 20 से 22 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है. जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जालौर, पाली, फलोदी और जोधपुर के कई हिस्सों में बारिश सीमित रहने के आसार हैं. यहां दिन में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है.

पश्चिमी राजस्थान में अगले 4-5 दिन मानसून कमजोर रहने की संभावना है.

पूर्वी राजस्थान में 20-23 अगस्त के दौरान हल्की की संभावना

• बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब अवदाब में बदल गया है.

• अवदाब के अगले 24 घंटे में पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर बढ़ने के आसार हैं.

• मानसून ट्रफ फिलहाल राजस्थान से उत्तर की ओर खिसकी हुई है.

• राजस्थान में अगले 2-3 दिन बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है.

• जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है.

• पश्चिमी राजस्थान में अगले 4-5 दिन मानसून कमजोर रहने की संभावना है.

• बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों में 20-22 अगस्त को बारिश हो सकती है.

• पूर्वी राजस्थान में 20-23 अगस्त के दौरान हल्की-मध्यम बारिश के आसार हैं.

• श्रीगंगानगर में प्रदेश का सर्वाधिक 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ.

• 18 अगस्त को राजस्थान के किसी जिले में भारी बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं है.

20 अगस्त से बढ़ सकती है बारिश की गतिविधियां

पिछले 24 घंटे में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राजस्थान में औसत आर्द्रता 50 से 100 प्रतिशत के बीच रही, जिससे कई इलाकों में उमस महसूस की गई. फिलहाल राजस्थान में मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है, लेकिन उसकी सक्रियता पूर्वी जिलों तक सीमित होती दिख रही है. अगले 2 से 3 दिन व्यापक बारिश की संभावना कम है. इसके बाद 20 अगस्त के आसपास पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां फिर कुछ बढ़ सकती हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर बने रहने का अनुमान है.

जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है.

राजस्थान में अगले दो-तीन दिन मौसम कैसा रहेगा?

राजस्थान में अगले 2-3 दिन मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है. आईएमडी के अनुसार मानसून ट्रफ सामान्य से उत्तर की ओर खिसकी हुई है, जिससे प्रदेश में व्यापक बारिश के आसार कम हैं. हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बौछारें पड़ने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में मौसम अधिकतर शुष्क रहने का अनुमान है.

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का राजस्थान पर क्या असर पड़ेगा?

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अब अवदाब में बदल गया है. इसके अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर बढ़ने की संभावना है. इसका सीधा प्रभाव राजस्थान में व्यापक बारिश के रूप में फिलहाल दिखाई देने की संभावना कम है. हालांकि सिस्टम और मानसून ट्रफ की स्थिति के कारण पूर्वी राजस्थान में नमी और बादल बने रह सकते हैं. इससे कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है.

पूर्वी राजस्थान में किन इलाकों में बारिश की संभावना है?

पूर्वी राजस्थान में जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है. जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों के कुछ इलाकों में बौछारें पड़ सकती हैं. 20 से 23 अगस्त के बीच भरतपुर और जयपुर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बारिश की तीव्रता बदल सकती है.

पश्चिमी राजस्थान में मानसून की स्थिति कैसी रहेगी?

पश्चिमी राजस्थान में मानसून अगले 4-5 दिन कमजोर रहने का अनुमान है. आईएमडी के मुताबिक जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है. हालांकि बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी के कुछ इलाकों में 20 से 22 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जालौर, पाली, फलोदी और जोधपुर के कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है.

राजस्थान में अभी तापमान और आर्द्रता की स्थिति क्या है?

राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर होने के बीच तापमान और उमस का असर कई इलाकों में बना हुआ है. पिछले 24 घंटे में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं राज्य में औसत आर्द्रता 50 से 100 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई. अधिक नमी के कारण कई इलाकों में तापमान सामान्य से कम होने के बावजूद उमस और चिपचिपी गर्मी महसूस हो सकती है.

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