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राजस्थान में आज फिर बदलेगा मौसम, भरतपुर-हनुमानगढ़ में आंधी-बारिश, 21 जिलों में येलो अलर्ट

जयपुर. राजस्थान में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर बनी हुई हैं, लेकिन 22 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम करवट ले सकता है. आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है.धौलपुर और करौली में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है.

हालांकि 22 अगस्त के बाद मानसून की गतिविधियों में फिर कमी आने का अनुमान है और 23 अगस्त से अगले चार-पांच दिनों तक प्रदेश में मानसून कमजोर रहने की संभावना है. ऐसे में शनिवार को होने वाली बारिश के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है. आईएमडी के अनुसार मानसून ट्रफ अमृतसर, मुजफ्फरनगर, लखनऊ, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, डाल्टनगंज और कोंटाई से होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली है. उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है. इन मौसम प्रणालियों के असर से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.

राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है.

22 अगस्त को इन संभागों में बारिश के आसार

आईएमडी के अनुसार 22 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों या कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी रहने और कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तरी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में 22 से 24 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों के साथ शेखावाटी क्षेत्र में भी हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. वहीं श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के आसपास 22 से 23 अगस्त के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं और सीकर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट है

धौलपुर-करौली में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, 22 अगस्त को धौलपुर और करौली में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी है. इसके अलावा अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक में भी मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी गरज-चमक की संभवना

पश्चिमी राजस्थान में चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हालांकि बाड़मेर, बालोतरा, बीकानेर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली और फलौदी के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है.

पश्चिमी राजस्थान के चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं.

23 अगस्त से कमजोर पड़ेगा मानसून

आईएमडी के अनुसार पूर्वी भारत में बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदल चुका है. इसके चलते राजस्थान में अगले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता कम होने की संभावना है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले करीब एक सप्ताह तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में भी कमजोर मानसूनी परिस्थितियों के कारण मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है.

• 22 अगस्त को राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है.

• धौलपुर और करौली में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट है.

• अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं और सीकर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट है.

• पश्चिमी राजस्थान के चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं.

• बीकानेर और जोधपुर संभाग में 22 अगस्त को कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, लेकिन अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा.

बीकानेर और जोधपुर संभाग में 22 अगस्त को कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है

• श्रीगंगानगर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे गर्मी फिर बढ़ने लगी है.

• मानसून ट्रफ अमृतसर, मुजफ्फरनगर, लखनऊ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है.

• उत्तर हरियाणा और आसपास 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय बना हुआ है.

• 23 अगस्त से राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने की संभावना है और अगले चार-पांच दिनों में ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा.

• गरज-चमक और वज्रपात के दौरान लोगों को पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

श्रीगंगानगर में 39.9 डिग्री पहुंचा तापमान

बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने लगा है. राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. प्रदेश में औसत आर्द्रता 40 से 90 प्रतिशत के बीच रही. जयपुर में 22 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. आईएमडी ने लोगों को गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और ऊंची संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी है. किसानों और आम लोगों को मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है.

23 अगस्त से राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने की संभावना है

22 अगस्त को राजस्थान में कहां बारिश होने की संभावना है?

22 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. कोटा और भरतपुर संभाग में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा प्रभावी रहने का अनुमान है. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. इसके अलावा शेखावाटी क्षेत्र और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में भी 22-23 अगस्त को बारिश संभव है.

राजस्थान में किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है?

22 अगस्त को धौलपुर और करौली के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इन दोनों जिलों में बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. इसके अलावा अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक में भी खराब मौसम का येलो अलर्ट है. लोगों को मौसम बिगड़ने पर खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

पश्चिमी राजस्थान में 22 अगस्त को मौसम कैसा रहेगा?

पश्चिमी राजस्थान में 22 अगस्त को पूर्वी हिस्से की तुलना में मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है. बीकानेर और जोधपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, लेकिन अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली और फलौदी जैसे इलाकों में कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं है.

23 अगस्त के बाद राजस्थान में मानसून की स्थिति कैसी रहेगी?

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 23 अगस्त से राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है. इसके बाद अगले चार-पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. खासतौर पर जोधपुर और बीकानेर संभाग के ज्यादातर हिस्सों में करीब एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां कम रह सकती हैं. हालांकि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के आसपास 22-23 अगस्त को कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान में भी स्थानीय स्तर पर बारिश संभव है.

राजस्थान में मौसम बदलने के पीछे कौन-से सिस्टम सक्रिय हैं?

राजस्थान में मौसम बदलाव के पीछे मानसून ट्रफ और ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण प्रमुख कारण हैं. मानसून ट्रफ अमृतसर, मुजफ्फरनगर, लखनऊ, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बने निम्न दबाव क्षेत्र, डाल्टनगंज और कोंटाई से होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली है. वहीं उत्तर हरियाणा और आसपास 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इन प्रणालियों के असर से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में स्थानीय बारिश हो सकती है.

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